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सामूहिक नकल में देवरिया के दो डिग्री कॉलेज दोषी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Fri, 27 Jul 2018 01:47 AM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी की वार्षिक परीक्षाओं में सामूहिक नकल कराने के मामले में देवरिया के दो कॉलेज दोषी पाए गए हैं। यूनिवर्सिटी की जांच कमेटी की संस्तुति पर परीक्षा समिति ने दोनों कॉलेजों पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। अब ये कॉलेज आगामी तीन वर्ष तक परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। यूनिवर्सिटी की बीए-बीएससी गणित प्रथम वर्ष की परीक्षा का 17-18 मार्च 2018 का पेपर लीक होने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जांच एसटीएफ को सौंप दी। इसी बीच देवरिया के बहादुर यादव मेमोरियल स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भटनी और राम गुलाम राय पीजी कॉलेज बनकटाशिव सल्लहपुर में सामूहिक नकल की शिकायत पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परीक्षा स्थगित कर दोनों कॉलेजों के केंद्राध्यक्ष हटा दिए। चार मई को दोबारा परीक्षा में दोनों कॉलेजों की नकल में संलिप्तता मिली।
एसटीएफ ने दोनों कॉलेजों के 11 लोगों को सबूत समेत गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कुलपति प्रो. वीके सिंह नेे हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. चितरंजन मिश्र के संयोजकत्व में चार सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी थी, इसमें परीक्षा नियंत्रक डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह को सचिव और प्रो संजीत गुप्ता व डॉ उदय सिंह को सदस्य नामित किया गया। इस टीम ने भी दोनों कॉलेजों को दोषी पाया।
देवरिया में बंद नहीं हुई नकल
गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी एवं संबद्ध महाविद्यालयों की वार्षिक परीक्षा में देवरिया के कॉलेजों में नकल बंद नहीं हो पा रही है। नकल रोकने की सारी कोशिशें नाकाम हो गई हैं। पिछले साल ही सामूहिक नकल के दोषी पाए गए 29 कॉलेजों में से 11 कॉलेज देवरिया के हैं।
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विद्यार्थियों के 30 फीसदी अंक काटे गए
गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन देवरिया के दोनों कॉलेजों में 17,19 और 20 मार्च को आयोजित परीक्षा को सामूहिक नकल की श्रेणी में रखते हुए यहां के सभी विद्यार्थियों के 30 फीसदी अंक काटने का निर्णय लिया है।
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एसटीएफ ने दोनों कॉलेजों के 11 लोगों को सबूत समेत गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कुलपति प्रो. वीके सिंह नेे हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. चितरंजन मिश्र के संयोजकत्व में चार सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी थी, इसमें परीक्षा नियंत्रक डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह को सचिव और प्रो संजीत गुप्ता व डॉ उदय सिंह को सदस्य नामित किया गया। इस टीम ने भी दोनों कॉलेजों को दोषी पाया।
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देवरिया में बंद नहीं हुई नकल
गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी एवं संबद्ध महाविद्यालयों की वार्षिक परीक्षा में देवरिया के कॉलेजों में नकल बंद नहीं हो पा रही है। नकल रोकने की सारी कोशिशें नाकाम हो गई हैं। पिछले साल ही सामूहिक नकल के दोषी पाए गए 29 कॉलेजों में से 11 कॉलेज देवरिया के हैं।
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विद्यार्थियों के 30 फीसदी अंक काटे गए
गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन देवरिया के दोनों कॉलेजों में 17,19 और 20 मार्च को आयोजित परीक्षा को सामूहिक नकल की श्रेणी में रखते हुए यहां के सभी विद्यार्थियों के 30 फीसदी अंक काटने का निर्णय लिया है।