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शहर में फर्जी क्राइम ब्रांच आफिस का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
Sun, 23 Jun 2019 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2019 12:22 AM IST
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गोरखपुर। शाहपुर इलाके के हनुमान मंदिर बिछिया के पास क्राइम ब्रांच का फर्जी आफिस चल रहा था। गिरोह के पांच सदस्य खुद को क्राइम ब्रांच का बताकर लोगों को जेल भेजने की धौंस देकर वसूली करते थे। पुलिस ने उनमें से तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस लाइंस में सीओ क्राइम प्रवीण सिंह ने बताया कि बिंदू चौहान नाम की महिला ने शिकायत की थी कि कुछ पुलिसकर्मी वसूली कर रहे हैं। इसकी जांच सीओ क्राइम को मिली थी। इसी बीच सूचना मिली कि हनुमान मंदिर बिछिया के पास दयाराम निषाद के घर में किराए पर कमरा लेकर कई संदिग्ध रह रहे हैं। ये कभी कभार पुलिस की वर्दी में भी देखे जाते हैं। स्वाट टीम के प्रभारी सादिक परवेज, एसआई राजाराम द्विवेदी, संजय कुमार सिंह सहित पुलिस टीम ने शुक्रवार को दयाराम निषाद के मकान में छापेमारी कर तीन लोगों को पकड़ा। पूछताछ में पता चला कि किराए के कमरे में कुल पांच लोग रहते हैं, जो खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ठगी करते थे। बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर रकम ऐंठते हैं। छोटे दुकानदारों और अन्य लोगों जेल भेजने की धौंस देकर उगाही करते हैं।
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पुलिस लाइंस में सीओ क्राइम प्रवीण सिंह ने बताया कि बिंदू चौहान नाम की महिला ने शिकायत की थी कि कुछ पुलिसकर्मी वसूली कर रहे हैं। इसकी जांच सीओ क्राइम को मिली थी। इसी बीच सूचना मिली कि हनुमान मंदिर बिछिया के पास दयाराम निषाद के घर में किराए पर कमरा लेकर कई संदिग्ध रह रहे हैं। ये कभी कभार पुलिस की वर्दी में भी देखे जाते हैं। स्वाट टीम के प्रभारी सादिक परवेज, एसआई राजाराम द्विवेदी, संजय कुमार सिंह सहित पुलिस टीम ने शुक्रवार को दयाराम निषाद के मकान में छापेमारी कर तीन लोगों को पकड़ा। पूछताछ में पता चला कि किराए के कमरे में कुल पांच लोग रहते हैं, जो खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ठगी करते थे। बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर रकम ऐंठते हैं। छोटे दुकानदारों और अन्य लोगों जेल भेजने की धौंस देकर उगाही करते हैं।
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पुलिस की वर्दी, बैज, मोनोग्राम लगी टोपी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से पुलिस की वर्दी, बैज, मोनोग्राम लगी टोपी, वॉकीटॉकी और चार्जर, खाकी डोरी लगी सीटी, सेना में इस्तेमाल लाए जाने वाले कपड़े की पैंट, फर्जी नियुक्ति पत्र, पुलिस अधीक्षक स्थापना/कार्मिक की मुहर, आधार कार्ड सहित कई विभागों के नियुक्ति के फार्म बरामद किए।
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गोरखपुर, कुशीनगर, संतकबीरनगर के हैं आरोपी
पकड़े गए बदमाशों की पहचान बिछिया, सर्वोदय नगर मोहल्ला निवासी मनीष वर्मा और राहुल गौड़, कुशीनगर के कबीरस्थान, गगोली निवासी मेराज अहमद के रूप में हुई। इन्होंने पूछताछ में पुलिस को बताया कि अपराध में शामिल संतकबीर नगर जिले के कैलाश नगर मोहल्ले का प्रतीक मिश्रा और भटहट कस्बा निवासी रुस्तम अली फरार हैं।गैंग का सरगना है प्रतीक
सीओ प्रवीण सिंह ने बताया कि गैंग के सदस्य पहले नौकरी के नाम पर जालसाजी करते थे। सरगना प्रतीक ने क्राइम ब्रांच का फर्जी आफिस खोलने का आइडिया दिया तो ऑनलाइन वॉकीटॉकी खरीदी गई। वर्दी सिलाई गई। राहुल गौड़ ने बीएससी किया है। मनीष वर्मा के पिता रेलवे कर्मचारी हैं। सीओ के अनुसार, सरगना की गिरफ्तारी के बाद ही गैंग की सक्रियता का पूरा खुलासा हो पाएगा।असली नहीं बन पाए तो बन गए नकली पुलिस
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वे पुलिस सेवा में जाना चाहते थे। लेकिन सफलता नहीं मिल सकी तो नकली पुलिस बनकर वसूली करने लगे। वसूली का आइडिया कैसे आया इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है।छह महीने से सक्रिय था फर्जी आफिस
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि यह गैंग शहर में छह महीने से सक्रिय था। लोगों को पूछताछ के नाम पर उठाकर कमरे में बंधक भी बनाया जाता था और वसूली कर छोड़ दिया जाता था। पुलिस को इसकी भनक भी नहीं लग रही थी। बिंदू चौहान की शिकायत के बाद पूरा मामला सामने आया है।नोट:आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।