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आरक्षण था फिर भी ट्रेन में खड़े ही गए यात्री
Tue, 19 Mar 2019 12:43 AM IST
ajay Kumar
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: ajay Kumar
Updated Tue, 19 Mar 2019 12:43 AM IST
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गोरखपुर। रेल प्रशासन की लापरवाही के चलते लखनऊ इंटरसिटी के कुछ यात्रियों का सफर सांसत भरा हो गया। आरक्षित टिकट होने के बाद भी उन्हें खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी। जो सीट नंबर उन्हें आवंटित था, वह बोगी में था ही नहीं। नाराज यात्रियों ने हंगामा भी किया।
सोमवार की सुबह साढ़े पांच बजे गोरखपुर से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस में उस वक्त यात्री परेशान हो गए जब उन्हें सीट ही नहीं मिली। कोच नंबर डी 2 में 90 सीट ही थी, जबकि इसी कोच के लिए 105 सीट आवंटित की गई थी। यात्रियों ने इसकी शिकायत टीटीई और कंट्रोल रूम से भी की। बताया गया कोच डैमेज होने के कारण दूसरे ट्रेन का कोच लगाया गया है। इसके चलते सीटें कम हो गई। इंटरसिटी में 105 सीट का कोच लगाया जाता है। यात्री फहीम खान ने कहा कि रेलवे की लापरवाही का खामियाजा हमें भुगतना पड़ा है। कोच की व्यवस्था करना रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी है। जांच कराकर कार्रवाई हो। सुजीत कुमार का कहना था कि रिजर्व टिकट होने के बाद भी खड़े होकर यात्रा करनी पड़ेगी। स्टेशन डायरेक्टर राजन कुमार ने बताया कि कोच की मरम्मत अवधि आने के कारण जीएस कोच लगाया गया था।
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सोमवार की सुबह साढ़े पांच बजे गोरखपुर से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस में उस वक्त यात्री परेशान हो गए जब उन्हें सीट ही नहीं मिली। कोच नंबर डी 2 में 90 सीट ही थी, जबकि इसी कोच के लिए 105 सीट आवंटित की गई थी। यात्रियों ने इसकी शिकायत टीटीई और कंट्रोल रूम से भी की। बताया गया कोच डैमेज होने के कारण दूसरे ट्रेन का कोच लगाया गया है। इसके चलते सीटें कम हो गई। इंटरसिटी में 105 सीट का कोच लगाया जाता है। यात्री फहीम खान ने कहा कि रेलवे की लापरवाही का खामियाजा हमें भुगतना पड़ा है। कोच की व्यवस्था करना रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी है। जांच कराकर कार्रवाई हो। सुजीत कुमार का कहना था कि रिजर्व टिकट होने के बाद भी खड़े होकर यात्रा करनी पड़ेगी। स्टेशन डायरेक्टर राजन कुमार ने बताया कि कोच की मरम्मत अवधि आने के कारण जीएस कोच लगाया गया था।
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