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पशुधन प्रसार अधिकारी ने फंदा लगाकर खुदकुशी की
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 12 Dec 2018 11:35 PM IST
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गोरखपुर। शाहपुर इलाके के बशारतपुर स्थित रामजानकी नगर कॉलोनी में पशुधन प्रसार अधिकारी श्याम सुंदर पांडेय (52) ने छत के कुंडे से फंदा लगाकर बुधवार की सुबह खुदकुशी कर ली। वह महराजगंज के श्यामदेउरवा के पशु सहायता केंद्र मंगलपुर में तैनात थे। महराजगंज के पशुधन प्रसार अधिकारी संगठन के जिला अध्यक्ष भी थे। अफसर की आत्महत्या की सूचना पर सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह मौके पर पहुंचे और छानबीन की। डॉग स्क्वॉड, फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से भी जांच की गई। पुलिस के मुताबिक कर्ज, पारिवारिक वजहों से श्याम सुंदर तनाव में थे। दवाइयां भी खा रहे थे।
श्याम सुंदर मूलरूप से देवरिया के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के अकटहा गांव के रहने वाले थे लेकिन पिछले 15 सालों से परिवार के साथ रामजानकी नगर में रहते थे। बुधवार को वह सुबह की सैर करके लौटे और सीधे अपने कमरे में चले गए। सुबह 6:30 बजे के करीब पत्नी इंदू देवी चाय लेकर गईं तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज देने पर भी दरवाजा नहीं खुला। तो इंदू ने छोटे बेटे आशीष कुमार पांडेय को बुलाया। बेटे ने खिड़की से झांककर देखा तो श्याम सुंदर पंखे से लटक रहे थे। इसके बाद आशीष ने धक्का मारकर दरवाजा खोला। श्यामसुंदर का फंदे से लटकता शव देखकर घर में चीख पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। डॉयल 100 पर पुलिस को सूचना दी गई।
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कर्ज और घरेलू परेशानियों की वजह से वह लंबे समय से अवसाद में थे। कुछ समय से वह दवाएं भी ले रहे थे। अवसाद की वजह से ही उन्होंने खुदकुशी की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस की जांच जारी है। - प्रवीण सिंह, सीओ, गोरखनाथ
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श्याम सुंदर मूलरूप से देवरिया के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के अकटहा गांव के रहने वाले थे लेकिन पिछले 15 सालों से परिवार के साथ रामजानकी नगर में रहते थे। बुधवार को वह सुबह की सैर करके लौटे और सीधे अपने कमरे में चले गए। सुबह 6:30 बजे के करीब पत्नी इंदू देवी चाय लेकर गईं तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज देने पर भी दरवाजा नहीं खुला। तो इंदू ने छोटे बेटे आशीष कुमार पांडेय को बुलाया। बेटे ने खिड़की से झांककर देखा तो श्याम सुंदर पंखे से लटक रहे थे। इसके बाद आशीष ने धक्का मारकर दरवाजा खोला। श्यामसुंदर का फंदे से लटकता शव देखकर घर में चीख पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। डॉयल 100 पर पुलिस को सूचना दी गई।
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शांत स्वभाव के थे श्याम सुंदर
घरवालों के मुताबिक सुबह पांच बजे के करीब श्याम सुंदर मार्निंग वॉक पर गए थे। वहां से लौटने के बाद ही उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया। श्यामसुंदर शांत स्वभाव के थे। पिछले कुछ दिनों में उनके व्यवहार में भी किसी तरह का बदलाव नहीं था।
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तीन बेटों के पिता थे
श्यामसुंदर अपने पीछे पत्नी और तीन बेटे छोड़ गए। बड़ा बेटा विवेक कुमार पांडेय (28), आलोक कुमार (24) बीटेक करके नई दिल्ली और हैदराबाद में प्राइवेट नौकरी करते हैं। छोटा बेटा आशीष कुमार (21) बीएससी कर रहा है।कर्ज और घरेलू परेशानियों की वजह से वह लंबे समय से अवसाद में थे। कुछ समय से वह दवाएं भी ले रहे थे। अवसाद की वजह से ही उन्होंने खुदकुशी की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस की जांच जारी है। - प्रवीण सिंह, सीओ, गोरखनाथ