{"_id":"59d935524f1c1bcc538b644f","slug":"151507407186-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीआरडी में नवजात को छोड़कर फरार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बीआरडी में नवजात को छोड़कर फरार
Updated Sun, 08 Oct 2017 01:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दंपती नवजात को लावारिस छोड़कर फरार हो गए। इलाज के बाद नवजात की सेहत सुधर गई है। अब अस्पताल प्रशासन नवजात की सुरक्षा को लेकर परेशान है।
23 सितंबर को खुद को बेलीपार के मलांव का निवासी बताते हुए एक दंपती बीआरडी पहुंचा। गोद में तीन दिन के नवजात को लेकर बालरोग विभाग आए इस दंपती ने अपना नाम बबिता और राजू बताया। नवजात को सांस लेने में तकलीफ थी। उसे पीलिया की भी शिकायत थी। ढाई किलोग्राम वजन के इस नवजात को डॉक्टरों ने तत्काल शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) में भर्ती करा दिया। कर्मचारियों के मुताबिक छह दिन तक तो दंपती अस्पताल में बच्चे की देखभाल के लिए मौजूद रहे। इसके अगले दिन से वे दोनों नदारद हैं। बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. महिमा मित्तल ने इलाज के दौरान नवजात को छोड़कर भागने के संबंध में पुलिस को सूचना दे दी है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दंपती नवजात को लावारिस छोड़कर फरार हो गए। इलाज के बाद नवजात की सेहत सुधर गई है। अब अस्पताल प्रशासन नवजात की सुरक्षा को लेकर परेशान है।
23 सितंबर को खुद को बेलीपार के मलांव का निवासी बताते हुए एक दंपती बीआरडी पहुंचा। गोद में तीन दिन के नवजात को लेकर बालरोग विभाग आए इस दंपती ने अपना नाम बबिता और राजू बताया। नवजात को सांस लेने में तकलीफ थी। उसे पीलिया की भी शिकायत थी। ढाई किलोग्राम वजन के इस नवजात को डॉक्टरों ने तत्काल शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) में भर्ती करा दिया। कर्मचारियों के मुताबिक छह दिन तक तो दंपती अस्पताल में बच्चे की देखभाल के लिए मौजूद रहे। इसके अगले दिन से वे दोनों नदारद हैं। बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. महिमा मित्तल ने इलाज के दौरान नवजात को छोड़कर भागने के संबंध में पुलिस को सूचना दे दी है।
विज्ञापन