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डॉ. राजीव की बैरक में रखा गया डा. कफील को
Updated Sun, 03 Sep 2017 01:55 AM IST
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रकरण में गिरफ्तार डॉ. कफील को नेहरू बैरक में पूर्व प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्र के साथ रखा गया है। शनिवार रात 8: 36 बजे एसटीएफ कड़ी सुरक्षा के बीच डॉ. कफील को लेकर जेल पहुंची। मुख्य गेट पर सघन चेकिंग के बाद आरोपी डॉक्टर को आनन-फानन में जेल प्रशासन ने अंदर कर लिया। करीब आधे घंटे तक जेल गेट पर अफरातफरी मची रही।
शनिवार को डॉ. कफील की गिरफ्तारी होने की सूचना पर जेल प्रशासन अलर्ट हो गया था। दोपहर को वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी ने मातहतों के साथ मीटिंग की। जेल में डॉ. कफील की सुरक्षा और सेम केश को देखते हुए नेहरू बैरक में डॉ. राजीव मिश्र के साथ रखने का निर्णय लिया गया। शाम चार बजे के करीब डॉ. राजीव को इस बारे में जानकारी दी गई। बैरक में डॉ. कफील के रहने के लिए कंबल, चादर और बाल्टी भी उपलब्ध करा दी गई थी। रात आठ बजे के करीब सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद डॉ. कफील को नेहरू बैरक में लाया गया। डॉ. राजीव और डॉ. कफील ने आमने-सामने होते ही हाथ मिलाए और फिर दोनों जमीन पर बैठ गए। जेल सूत्रों का कहना है कि जेल में इंट्री होते ही डॉ. कफील की अंदर भी चेकिंग कराई गई। अस्पताल ले जाकर उनका मेडिकल चेकअप हुआ, फिर उन्हें बैरक में भेजा गया। इस हाई प्रोफाइल मामले में जेल प्रशासन पहले से ही सतर्क है। आम बंदियों के बीच आरोपी डॉक्टरों को नहीं रखा जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर नेहरू बैरक की स्पेशल निगरानी की जिम्मेदारी डिप्टी जेलर को दी गई है। तीन शिफ्ट में बंदी रक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है।
सुरक्षा के मद्देनजर नेहरू बैरक में डॉ. राजीव मिश्र के साथ डॉ. कफील को भी रखा गया है। दोनों एक ही मामले में आरोपी हैं। बैरक की अलग से सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दोनों डॉक्टरों की हर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
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- डॉ. रामधनी, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
शनिवार को डॉ. कफील की गिरफ्तारी होने की सूचना पर जेल प्रशासन अलर्ट हो गया था। दोपहर को वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी ने मातहतों के साथ मीटिंग की। जेल में डॉ. कफील की सुरक्षा और सेम केश को देखते हुए नेहरू बैरक में डॉ. राजीव मिश्र के साथ रखने का निर्णय लिया गया। शाम चार बजे के करीब डॉ. राजीव को इस बारे में जानकारी दी गई। बैरक में डॉ. कफील के रहने के लिए कंबल, चादर और बाल्टी भी उपलब्ध करा दी गई थी। रात आठ बजे के करीब सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद डॉ. कफील को नेहरू बैरक में लाया गया। डॉ. राजीव और डॉ. कफील ने आमने-सामने होते ही हाथ मिलाए और फिर दोनों जमीन पर बैठ गए। जेल सूत्रों का कहना है कि जेल में इंट्री होते ही डॉ. कफील की अंदर भी चेकिंग कराई गई। अस्पताल ले जाकर उनका मेडिकल चेकअप हुआ, फिर उन्हें बैरक में भेजा गया। इस हाई प्रोफाइल मामले में जेल प्रशासन पहले से ही सतर्क है। आम बंदियों के बीच आरोपी डॉक्टरों को नहीं रखा जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर नेहरू बैरक की स्पेशल निगरानी की जिम्मेदारी डिप्टी जेलर को दी गई है। तीन शिफ्ट में बंदी रक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है।
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सुरक्षा के मद्देनजर नेहरू बैरक में डॉ. राजीव मिश्र के साथ डॉ. कफील को भी रखा गया है। दोनों एक ही मामले में आरोपी हैं। बैरक की अलग से सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दोनों डॉक्टरों की हर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
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- डॉ. रामधनी, वरिष्ठ जेल अधीक्षक