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इंजीनियरिंग कॉलेज में फार्मेसी शिक्षक ने आत्महत्या की
Sun, 13 Jan 2019 12:23 AM IST
ajay Kumar
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Published by: ajay Kumar
Updated Sun, 13 Jan 2019 12:23 AM IST
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पिपरौली (गोरखपुर)। गीडा स्थित एक इंजीनियर कॉलेज में फार्मेसी शिक्षक गुरुदेव नारायन सिंह (28) ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। शुक्रवार की देर रात कॉलेज के हॉस्टल में उनका शव मिला। कमरा अंदर से बंद था। खुदकुशी की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। कॉलेज प्रबंधन, शिक्षक और छात्रों ने घटना पर शोक जताया है। समस्तीपुर जिले के विभूतीपुर क्षेत्र स्थित पतेलिया गांव के अरविंद सिंह के पुत्र गुरुदेव नरायन सिंह ने तकनीकी कॉलेज में जुलाई 2018 में फार्मेसी शिक्षक के रूप में काम शुरू किया था।
कॉलेज परिसर में बने हॉस्टल के कमरा नंबर 302 में वह अकेले रहते थे। शुक्रवार की देर शाम को हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने गुरुदेव का दरवाजा खटखटाया। अंदर से आवाज नहीं आने पर सूचना हॉस्टल के प्रशासनिक अधिकारी को दी। खिड़की से देखने पर गुरुदेव का शव फंदे से लटका मिला। कॉलेज प्रशासन ने इसकी सूचना सहजनवां पुलिस को दी। पुलिस ने हास्टल के रूम का दरवाजा तोड़कर शव को कब्जे में लिया। शनिवार की सुबह बिहार से आए उनके भाई मनुदेव नारायन सिंह की मौजूदगी में पुलिस ने शव का पंचनामा किया।
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कॉलेज परिसर में बने हॉस्टल के कमरा नंबर 302 में वह अकेले रहते थे। शुक्रवार की देर शाम को हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने गुरुदेव का दरवाजा खटखटाया। अंदर से आवाज नहीं आने पर सूचना हॉस्टल के प्रशासनिक अधिकारी को दी। खिड़की से देखने पर गुरुदेव का शव फंदे से लटका मिला। कॉलेज प्रशासन ने इसकी सूचना सहजनवां पुलिस को दी। पुलिस ने हास्टल के रूम का दरवाजा तोड़कर शव को कब्जे में लिया। शनिवार की सुबह बिहार से आए उनके भाई मनुदेव नारायन सिंह की मौजूदगी में पुलिस ने शव का पंचनामा किया।
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दो दिन पहले पिता से फोन पर की थी बात
मनुदेव ने बताया कि गुरुदेव सरल स्वभाव के थे। बृहस्पतिवार की शाम को उन्होंने पिता को से फोन पर बात की थी और पूरे परिवार का हाल जाना था। उस दौरान कोई चिंता की बात सामने नहीं आई थी।
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