{"_id":"5accd5a84f1c1b603e8b45fe","slug":"141523373480-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी और बेटे की गोली मारकर हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी और बेटे की गोली मारकर हत्या
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 11 Apr 2018 01:22 AM IST
विज्ञापन
गुस्साए लोगों ने पुलिस की जीप में आग लगा दी।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झंगहा थानाक्षेत्र के गजाईकोल गांव की पुलिया के पास बुलेट सवार दो बदमाशों ने मंगलवार को सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी जयहिंद यादव (62) और उनके बेटे नागेंद्र यादव (26) की गोली मारकर हत्या कर दी। दोनों कचहरी लौट रहे थे। जयहिंद के सिर और नागेंद्र (26) के सीने के पास गोली लगी। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मौके पर पुलिस पहुंची तो गुस्साए ग्रामीणों ने उनकी जीप फूंक दी है। शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और पथराव कर पुलिस को खदेड़ दिया। बवाल पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे, फिर हालात बेकाबू रहे। सूचना पाकर एसएसपी शलभ माथुर, एसपी नार्थ गणेश शाहा चार थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। बज्र वाहन की मदद से बवाल करने वालों को खदेड़ा गया। दमकल की गाड़ियों ने पुलिस की जीप में लगी आग बुझाई। एसएसपी, एसपी नार्थ ने गांव में पैदल गश्त की। एहतियातन गांव में भारी फोर्स तैनात है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हत्या के घंटों बाद पुलिस के पहुंचने के कारण ग्रामीणों का गुस्सा फूटा।
घटना मंगलवार की शाम चार बजे के करीब हुई। सुगहा गांव निवासी जयहिंद अपने बेटे नागेंद्र यादव के साथ हत्या के मामले की पैरवी के लिए गोरखपुर कचहरी आए थे। घर लौटते समय बाइक नागेंद्र चला रहे थे और जयहिंद पीछे बैठे थे। गजाईकोल गांव की पुलिया के पास बाइक को ओवरटेक करके बुलेट सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जयहिंद के सिर और नगेंद्र के सीने, पेट और कमर के पास गोली लगी और दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गोली मारने के बाद बदमाश भाग निकले।
विज्ञापन
गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सूचना पुलिस को दी। आरोप है कि पुलिस ने मौके पर पहुंचने में तत्परता नहीं दिखाई। इससे नाराज ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और हंगामा करने लगे। कुछ देर बाद झंगहा थानाध्यक्ष पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। नाराज ग्रामीण पुलिस से भिड़ गए और मारपीट पर उतारू हो गए।
पुलिस सड़क से हटाने लगी तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। इससे भगदड़ और अफरातफरी मच गई। तमाम पुलिस कर्मी भाग खड़े हुए। इसी आपाधापी में ग्रामीणों ने पुलिस की जीप को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने बड़े अफसरों को सूचना देकर और फोर्स की मांग की। कुछ देर बाद चार थानों की फोर्स ने मोर्चा सम्हाला और लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़कर ग्रामीणों को खदेड़ा। बवाल करने के आरोप में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है।
जयहिंद के एक बेटे और भाई की पहले हो चुकी है हत्या
दो साल पहले जयहिंद के भाई बलवंत और बेटे कौशल की भी गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर ग्रामीण सवाल खड़ा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभी भी एक आरोपी फरार चल रहा है और अन्य आरोपी जमानत पर रिहा होकर खुलेआम घूम रहे हैं। अब जयहिंद और उनके दूसरे बेटे की हत्या कर दी गई। ग्रामीण और घरवालों की मानें तो हत्याएं भूमि विवाद के चलते की गई हैं।
एक घंटे बाद पहुंची पुलिस
आरोप है कि घटना की सूचना देने के करीब एक घंटे बाद पुलिस के पहुंचने की वजह से हालात बेकाबू हो गए। ग्रामीणों का गुस्सा इस बात पर ज्यादा था कि पुलिस समय से नहीं आई जिसकी वजह से दोनों के अस्पताल पहुंचाने और जान बचाए जाने की संभावना खत्म हो गई।
डंडा लेकर पहुंची मृतक की पत्नी
मृतक नागेंद्र की पत्नी अनीता पति के शव के पास ही डंडा लेकर खड़ी हो र्गइं। उन्होंने पुलिस को पति के शव के पास जाने से मना कर दिया। रोते हुए हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। कहा कि जिन लोगों ने ससुर और पति को मारा है, उन्हें मौत की सजा मिलनी चाहिए। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस शव को कब्जे में ले सकी और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
विधायक का विरोध, वापस लौटाया
बेटे और बाप की हत्या, बवाल की सूचना पाकर चौरीचौरा से भाजपा विधायक संगीता यादव भी मौके पर पहुंचीं लेकिन उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने विधायक बात नहीं सुनी और उन्हें वापस भेज दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि हत्यारों को खुलेआम घूमने की इजाजत दी गई थी। अब राजनीति करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
सीएम ने लिया संज्ञान, कड़ी कार्रवाई के निर्देश
दोहरे हत्याकांड से शासन, प्रशासन सकते में आ गया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया है कि हत्यारों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। गृह विभाग ने पूरे मामले की जानकारी और रिपोर्ट तलब की है।
बदमाशों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगा दी गई हैं। गांव में स्थिति अब काबू में है। एहतियातन गांव में भारी फोर्स तैनात की गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जिन लोगों ने बवाल किया, उनसे भी सख्ती से निपटा जाएगा। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- शलभ माथुर, एसएसपी गोरखपुर
छोटी सी जमीन ने ले ली चार जानें
झंगहा के गजाईकोल गांव में हुए डबल मर्डर की प्राथमिक छानबीन में भूमि विवाद के लिए चल रही पुरानी रंजिश का मामला सामने आ रहा है। 6 जनवरी 2016 को जयहिंद के भाई बलवंत और बेटे कौशल की भी गोली मारकर हत्या की गई थी। तब हत्या के पीछे गांव में स्थित छोटी सी जमीन का विवाद सामने आया था। इस मामले में तीन लोग अभियुक्त बनाए गए थे जिसमें से एक आरोपी राघवेंद्र अभी फरार चल रहा है। पुलिस ने उसके घर की कुर्की भी की थी। रिटायर्ड दरोगा जयहिंद और उनके बेटे नागेंद्र यादव की हत्या के पीछे भी इन्हीं लोगों का नाम सामने आ रहा है।
पुलिस प्रथम दृष्टया भूमि विवाद को ही हत्या का कारण मान रही है। 2016 में की गई हत्या में वादी नागेंद्र था। बताया जा रहा है कि उसी मुकदमे की पैरवी करके मंगलवार को पिता पुत्र लौट रहे थे। इसी बीच गोलियों से भूनकर दोनों को मौत के घाट उतार दिया गया। दो साल में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या से सहमे इलाके के लोग पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। उनका कहना है कि अभी भी एक आरोपी फरार चल रहा है और अन्य आरोपी जमानत पर रिहा होकर खुलेआम घूम रहे हैं। ग्रामीण और घरवालों की मानें तो सभी हत्याएं भूमि विवाद के चलते ही की गई हैं।
विधायक का विरोध, वापस लौटाया
बेटे और बाप की हत्या, बवाल की सूचना पाकर चौरीचौरा से भाजपा विधायक संगीता यादव भी मौके पर पहुंचीं लेकिन उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने विधायक की बात नहीं सुनी और उन्हें वापस जाने को मजबूर किया। गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि हत्यारों को खुलेआम घूमने की इजाजत दी गई थी। अब राजनीति करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
वीडियो से साफ होंगे उत्पातियों के चेहरे
पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी की है। इसके जरिए उत्पात फैलाने वाले ग्रामीणों के चेहरे की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी है। वहीं एसएसपी ने पुलिस के देरी से पहुंचने के मामले को भी गंभीरता से लिया है। कुछ पुलिसवालों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
असलहे के साथ एक को पकड़ा
पुलिस जीप में आग लगाने के दौरान ही एक ग्रामीण को पुलिस ने असलहे के साथ पकड़ा है। वह असलहा लेकर बवाल वाली जगह पर क्यों आया था इसकी भी पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल लाइसेंस है या नहीं इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
रात में ही अंत्येष्टि कराने की कोशिश
पुलिस भारी सुरक्षा घेरे के बाद ही दोनों शवों का रात में ही पोस्टमार्टम और अंत्येष्टि कराने की तैयारी में है। हालांकि देर रात तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। डीएम ने पोस्टमार्टम का आदेश जारी कर दिया था।
विज्ञापन
मौके पर पुलिस पहुंची तो गुस्साए ग्रामीणों ने उनकी जीप फूंक दी है। शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और पथराव कर पुलिस को खदेड़ दिया। बवाल पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे, फिर हालात बेकाबू रहे। सूचना पाकर एसएसपी शलभ माथुर, एसपी नार्थ गणेश शाहा चार थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। बज्र वाहन की मदद से बवाल करने वालों को खदेड़ा गया। दमकल की गाड़ियों ने पुलिस की जीप में लगी आग बुझाई। एसएसपी, एसपी नार्थ ने गांव में पैदल गश्त की। एहतियातन गांव में भारी फोर्स तैनात है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हत्या के घंटों बाद पुलिस के पहुंचने के कारण ग्रामीणों का गुस्सा फूटा।
विज्ञापन
घटना मंगलवार की शाम चार बजे के करीब हुई। सुगहा गांव निवासी जयहिंद अपने बेटे नागेंद्र यादव के साथ हत्या के मामले की पैरवी के लिए गोरखपुर कचहरी आए थे। घर लौटते समय बाइक नागेंद्र चला रहे थे और जयहिंद पीछे बैठे थे। गजाईकोल गांव की पुलिया के पास बाइक को ओवरटेक करके बुलेट सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जयहिंद के सिर और नगेंद्र के सीने, पेट और कमर के पास गोली लगी और दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गोली मारने के बाद बदमाश भाग निकले।
विज्ञापन
गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सूचना पुलिस को दी। आरोप है कि पुलिस ने मौके पर पहुंचने में तत्परता नहीं दिखाई। इससे नाराज ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और हंगामा करने लगे। कुछ देर बाद झंगहा थानाध्यक्ष पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। नाराज ग्रामीण पुलिस से भिड़ गए और मारपीट पर उतारू हो गए।
पुलिस सड़क से हटाने लगी तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। इससे भगदड़ और अफरातफरी मच गई। तमाम पुलिस कर्मी भाग खड़े हुए। इसी आपाधापी में ग्रामीणों ने पुलिस की जीप को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने बड़े अफसरों को सूचना देकर और फोर्स की मांग की। कुछ देर बाद चार थानों की फोर्स ने मोर्चा सम्हाला और लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़कर ग्रामीणों को खदेड़ा। बवाल करने के आरोप में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है।
जयहिंद के एक बेटे और भाई की पहले हो चुकी है हत्या
दो साल पहले जयहिंद के भाई बलवंत और बेटे कौशल की भी गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर ग्रामीण सवाल खड़ा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभी भी एक आरोपी फरार चल रहा है और अन्य आरोपी जमानत पर रिहा होकर खुलेआम घूम रहे हैं। अब जयहिंद और उनके दूसरे बेटे की हत्या कर दी गई। ग्रामीण और घरवालों की मानें तो हत्याएं भूमि विवाद के चलते की गई हैं।
एक घंटे बाद पहुंची पुलिस
आरोप है कि घटना की सूचना देने के करीब एक घंटे बाद पुलिस के पहुंचने की वजह से हालात बेकाबू हो गए। ग्रामीणों का गुस्सा इस बात पर ज्यादा था कि पुलिस समय से नहीं आई जिसकी वजह से दोनों के अस्पताल पहुंचाने और जान बचाए जाने की संभावना खत्म हो गई।
डंडा लेकर पहुंची मृतक की पत्नी
मृतक नागेंद्र की पत्नी अनीता पति के शव के पास ही डंडा लेकर खड़ी हो र्गइं। उन्होंने पुलिस को पति के शव के पास जाने से मना कर दिया। रोते हुए हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। कहा कि जिन लोगों ने ससुर और पति को मारा है, उन्हें मौत की सजा मिलनी चाहिए। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस शव को कब्जे में ले सकी और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
विधायक का विरोध, वापस लौटाया
बेटे और बाप की हत्या, बवाल की सूचना पाकर चौरीचौरा से भाजपा विधायक संगीता यादव भी मौके पर पहुंचीं लेकिन उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने विधायक बात नहीं सुनी और उन्हें वापस भेज दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि हत्यारों को खुलेआम घूमने की इजाजत दी गई थी। अब राजनीति करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
सीएम ने लिया संज्ञान, कड़ी कार्रवाई के निर्देश
दोहरे हत्याकांड से शासन, प्रशासन सकते में आ गया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया है कि हत्यारों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। गृह विभाग ने पूरे मामले की जानकारी और रिपोर्ट तलब की है।
बदमाशों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगा दी गई हैं। गांव में स्थिति अब काबू में है। एहतियातन गांव में भारी फोर्स तैनात की गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जिन लोगों ने बवाल किया, उनसे भी सख्ती से निपटा जाएगा। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- शलभ माथुर, एसएसपी गोरखपुर
छोटी सी जमीन ने ले ली चार जानें
झंगहा के गजाईकोल गांव में हुए डबल मर्डर की प्राथमिक छानबीन में भूमि विवाद के लिए चल रही पुरानी रंजिश का मामला सामने आ रहा है। 6 जनवरी 2016 को जयहिंद के भाई बलवंत और बेटे कौशल की भी गोली मारकर हत्या की गई थी। तब हत्या के पीछे गांव में स्थित छोटी सी जमीन का विवाद सामने आया था। इस मामले में तीन लोग अभियुक्त बनाए गए थे जिसमें से एक आरोपी राघवेंद्र अभी फरार चल रहा है। पुलिस ने उसके घर की कुर्की भी की थी। रिटायर्ड दरोगा जयहिंद और उनके बेटे नागेंद्र यादव की हत्या के पीछे भी इन्हीं लोगों का नाम सामने आ रहा है।
पुलिस प्रथम दृष्टया भूमि विवाद को ही हत्या का कारण मान रही है। 2016 में की गई हत्या में वादी नागेंद्र था। बताया जा रहा है कि उसी मुकदमे की पैरवी करके मंगलवार को पिता पुत्र लौट रहे थे। इसी बीच गोलियों से भूनकर दोनों को मौत के घाट उतार दिया गया। दो साल में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या से सहमे इलाके के लोग पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। उनका कहना है कि अभी भी एक आरोपी फरार चल रहा है और अन्य आरोपी जमानत पर रिहा होकर खुलेआम घूम रहे हैं। ग्रामीण और घरवालों की मानें तो सभी हत्याएं भूमि विवाद के चलते ही की गई हैं।
विधायक का विरोध, वापस लौटाया
बेटे और बाप की हत्या, बवाल की सूचना पाकर चौरीचौरा से भाजपा विधायक संगीता यादव भी मौके पर पहुंचीं लेकिन उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने विधायक की बात नहीं सुनी और उन्हें वापस जाने को मजबूर किया। गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि हत्यारों को खुलेआम घूमने की इजाजत दी गई थी। अब राजनीति करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
वीडियो से साफ होंगे उत्पातियों के चेहरे
पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी की है। इसके जरिए उत्पात फैलाने वाले ग्रामीणों के चेहरे की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी है। वहीं एसएसपी ने पुलिस के देरी से पहुंचने के मामले को भी गंभीरता से लिया है। कुछ पुलिसवालों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
असलहे के साथ एक को पकड़ा
पुलिस जीप में आग लगाने के दौरान ही एक ग्रामीण को पुलिस ने असलहे के साथ पकड़ा है। वह असलहा लेकर बवाल वाली जगह पर क्यों आया था इसकी भी पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल लाइसेंस है या नहीं इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
रात में ही अंत्येष्टि कराने की कोशिश
पुलिस भारी सुरक्षा घेरे के बाद ही दोनों शवों का रात में ही पोस्टमार्टम और अंत्येष्टि कराने की तैयारी में है। हालांकि देर रात तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। डीएम ने पोस्टमार्टम का आदेश जारी कर दिया था।