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कार चालक की हत्या का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 17 Jun 2017 08:45 PM IST
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गिरफ्तार हत्यारोपियों के बारे में बताते एसएसपी।
- फोटो : Amar Ujala
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चौरीचौरा के बिलारी गांव में हत्या कर फेंकी गई कार चालक शाहरुख की लाश मिलने की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार भी किया है। उनसे पूछताछ में पता चला कि कार लूटने के नीयत से शाहरुख की हत्या की गई थी, मगर कार में खून ज्यादा फैल जाने से शव फेंककर हत्यारे फरार हो गए थे। पुलिस ने हत्यारों के पास से आला कत्ल भी बरामद कर लिया है।
एसएसपी आरपी पांडेय ने बताया कि महराजगंज, परतावल के पास छपिया गांव निवासी जैनुद्दीन का पुत्र शाहरुख रुस्तमपुर निवासी रामचरण सिंह चौधरी का कार चलता था। पिपराइच के चिलबिलवा गांव के जमालुद्दीन पुत्र कमालुद्दीन और सोबिंद मौर्य पुत्र ओम प्रकाश ने आठ जून को कार्मल टैक्सी स्टैंड से कार कुशीनगर के हाटा क्षेत्र में ढाणा गांव जाने के लिए बुक कराया था। रास्ते में माड़ापार में पास रुककर वे शराब पीने लगे। थोड़ा आगे बढ़ने के बाद दोनों ने पीछे से शाहरुख का गला कस दिया और चाकू से रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कंबल में लपेटकर फेंक दिया। दूसरे दिन कार चिलबिलवा गांव में नीनाथापा स्कूल के पास लावारिस हाल में मिली।
शाहरुख के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल आरोपियों तक पहुंचाने में सहायक साबित हुआ। हत्या करने के बाद जमालुद्दीन और सोबिंद ने शाहरुख की का मोबाइल भी ले लिया था और लाश ठिकाने लगाने के बाद उसी फोन से दो कॉल किए थे, जिसकी जांच के बाद पुलिस अभियुक्तों तक पहुंच सकी।
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एसएसपी आरपी पांडेय ने बताया कि महराजगंज, परतावल के पास छपिया गांव निवासी जैनुद्दीन का पुत्र शाहरुख रुस्तमपुर निवासी रामचरण सिंह चौधरी का कार चलता था। पिपराइच के चिलबिलवा गांव के जमालुद्दीन पुत्र कमालुद्दीन और सोबिंद मौर्य पुत्र ओम प्रकाश ने आठ जून को कार्मल टैक्सी स्टैंड से कार कुशीनगर के हाटा क्षेत्र में ढाणा गांव जाने के लिए बुक कराया था। रास्ते में माड़ापार में पास रुककर वे शराब पीने लगे। थोड़ा आगे बढ़ने के बाद दोनों ने पीछे से शाहरुख का गला कस दिया और चाकू से रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कंबल में लपेटकर फेंक दिया। दूसरे दिन कार चिलबिलवा गांव में नीनाथापा स्कूल के पास लावारिस हाल में मिली।
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शाहरुख के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल आरोपियों तक पहुंचाने में सहायक साबित हुआ। हत्या करने के बाद जमालुद्दीन और सोबिंद ने शाहरुख की का मोबाइल भी ले लिया था और लाश ठिकाने लगाने के बाद उसी फोन से दो कॉल किए थे, जिसकी जांच के बाद पुलिस अभियुक्तों तक पहुंच सकी।
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