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सोलर लाइट लगाने में हुई अनियमितता, पंचायत सचिवों से होगी वसूली
Updated Fri, 30 Nov 2018 12:19 AM IST
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सोलर लाइट
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गोरखपुर। तय मानक, शर्तों को नजरअंदाज कर गांवों को सोलर लाइट से रोशन करना पंचायत सचिवों को महंगा पड़ेगा। उनसे लाइट पर खर्च हुई अतिरिक्त धनराशि की वसूली की जाएगी। संबंधित सचिवों पर 500 रुपये से एक हजार तक की देनदारी तय होने की उम्मीद है। गांवों में सोलर लाइट लगाने में हुई अनियमितता को गंभीरता से लिया गया है। नेडा की तुलना में सोलर लाइट खरीदने में जो भी अतिरिक्त धन खर्च हुआ है, उसकी वसूसी सचिवों से कराई जाएगी।
गोरखपुर-बस्ती मंडल की सैकड़ों ग्राम पंचायतों में वर्ष 2015-16, 2016-17 व 2017-18 में सोलर लाइट लगवाई गई थी। इनकी खरीद और उन्हें लगवाने में पंचायती राज निदेशक से वित्तीय अनियमितता की शिकायत की गई थी। आरोप था कि सोलर लाइट लगाने के लिए यूपी नेडा अधिकृत है, मगर कई ग्राम पंचायतों ने बाहर से लाइटें खरीदकर ग्राम पंचायतों में लगवा दीं। यही नहीं, कई गांवों में लाइटें कुछ ही दिन बाद खराब हो गईं। इस मामले की जांच डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर को सौंपी गई थी। प्रारंभिक जांच में ही लाइट लगाने में गड़बड़ी उजागर होने लगी। जनपद के महज 92 गांवों में लगवाई गई 1150 सोलर लाइट में ही तकरीबन 11 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आई है।
सोलर लाइट लगवाने में जहां कहीं भी अनियमितता की गई है, वहां कार्रवाई होगी। वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने पर सचिवों से रिकवरी भी कराई जाएगी।
- अनुज सिंह, सीडीओ
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गोरखपुर-बस्ती मंडल की सैकड़ों ग्राम पंचायतों में वर्ष 2015-16, 2016-17 व 2017-18 में सोलर लाइट लगवाई गई थी। इनकी खरीद और उन्हें लगवाने में पंचायती राज निदेशक से वित्तीय अनियमितता की शिकायत की गई थी। आरोप था कि सोलर लाइट लगाने के लिए यूपी नेडा अधिकृत है, मगर कई ग्राम पंचायतों ने बाहर से लाइटें खरीदकर ग्राम पंचायतों में लगवा दीं। यही नहीं, कई गांवों में लाइटें कुछ ही दिन बाद खराब हो गईं। इस मामले की जांच डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर को सौंपी गई थी। प्रारंभिक जांच में ही लाइट लगाने में गड़बड़ी उजागर होने लगी। जनपद के महज 92 गांवों में लगवाई गई 1150 सोलर लाइट में ही तकरीबन 11 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आई है।
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सोलर लाइट लगवाने में जहां कहीं भी अनियमितता की गई है, वहां कार्रवाई होगी। वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने पर सचिवों से रिकवरी भी कराई जाएगी।
- अनुज सिंह, सीडीओ