{"_id":"5c82be1ebdec2214107cfbc4","slug":"101552072222-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी प्रमाणपत्र पर पीएसी में नौकरी करने का आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्जी प्रमाणपत्र पर पीएसी में नौकरी करने का आरोपी गिरफ्तार
Sat, 09 Mar 2019 12:40 AM IST
ajay Kumar
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: ajay Kumar
Updated Sat, 09 Mar 2019 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। फर्जी जाति प्रमाणपत्र और अंकपत्र के भरोसे 26वीं वाहिनी पीएसी में नौकरी करने के आरोपी धर्मेंद्र कुमार को शाहपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दूसरे आरोपी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। दोनों के खिलाफ सीतापुर में कोतवाली सदर में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत अन्य आरोपों में केस दर्ज था। दोनों गोरखपुर रहने वाले हैं।
केस के विवेचक सत्यानंद के मुताबिक 2006 में पीएसी में आरक्षी पद पर नियुक्ति हुई थी। इसमें पीपीगंज क्षेत्र के जंगल कौड़िया निवासी धर्मेंद्र कुमार और हरपुर बुदहट के नेवास माफी खजुरी निवासी अशोक कुमार भी भर्ती हो गए थे। जांच में पता चला कि धर्मेंद्र कुमार ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र और अशोक ने फर्जी अंकपत्र का इस्तेमाल किया था। उसके बाद 2013 में दोनों को बर्खास्त किया गया। ट्रेनिंग सीतापुर में हुई थी। इस वजह से वहीं के कोतवाली थाने में दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना के लिए फाइल गोरखपुर भेजी गई थी। काफी समय से दोनों फरार थे। इस बीच धर्मेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
केस के विवेचक सत्यानंद के मुताबिक 2006 में पीएसी में आरक्षी पद पर नियुक्ति हुई थी। इसमें पीपीगंज क्षेत्र के जंगल कौड़िया निवासी धर्मेंद्र कुमार और हरपुर बुदहट के नेवास माफी खजुरी निवासी अशोक कुमार भी भर्ती हो गए थे। जांच में पता चला कि धर्मेंद्र कुमार ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र और अशोक ने फर्जी अंकपत्र का इस्तेमाल किया था। उसके बाद 2013 में दोनों को बर्खास्त किया गया। ट्रेनिंग सीतापुर में हुई थी। इस वजह से वहीं के कोतवाली थाने में दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना के लिए फाइल गोरखपुर भेजी गई थी। काफी समय से दोनों फरार थे। इस बीच धर्मेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन