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फरियाद सुनी होती तो नहीं होता खूनी संघर्ष

Sat, 24 Jun 2017 01:59 AM IST
Updated Sat, 24 Jun 2017 01:59 AM IST
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फरियाद सुनी होती तो नहीं होता खूनी संघर्ष

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गोरखपुर।
झंगहा थाना के अमडीहा भैरो पिपरा गांव में खूनी संघर्ष यूं नहीं हुआ। शुक्रवार की घटना पुलिस की लापरवाही के कारण हुई। सुबह 11 बजे ही इसकी पृष्ठभूमि तैयार हो गई थी। समय रहते पुलिस को इसकी जानकारी भी हो गई थी। अशोक को फोन पर साधु यादव ने धमकी दी थी। अशोक की पत्नी शीला ने बताया कि फोन पर धमकी आने के बाद पुलिस को भी जानकारी दी गई थी लेकिन पुलिस ने एक न सुनी और शाम को खूनी संघर्ष हो गया। इसमें जमीन तो साधु को अभी नहीं मिला लेकिन नौजवान बेटे को वह जरूर खो चुके हैं।
बताया जाता है कि झंगहा के ही बलदेव उपाध्याय से छह साल पहले साधु यादव ने जमीन खरीदी थी। इस जमीन को खरीदने के लिए साधु ने अपने गांव के पास कुछ जमीन बेची भी थी। साधु को यह जमीन सस्ते दाम पर मिल गई थी। लेकिन बाद में पता चला कि जमीन पर अशोक तिवारी का कब्जा है। जमीन खरीदने के बाद उन्होंने अशोक से बात भी किया। तब भी दोनों पक्ष में मारपीट हुई थी। इसके बाद से ही साधु यादव डीएम, एसएसपी से लेकर थाने का चक्कर काटने लगे। अशोक के पास लाइसेंसी असलहे थे, जिसके दम पर वह हर बार साधु को खदेड़ देते थे।
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शुक्रवार शाम साधु यादव पूरी तैयारी के साथ जमीन पर कब्जा करने आए थे। खेत जोतने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली और साथ में 25 से 30 लोग भी थे। लेकिन इतने भारी भरकम लोगों के हुजूम को अशोक ने फायरिंग कर खदेड़ दिया। वहीं साधु के बेटे बबलू यादव को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।
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एक साल पहले थाने में हुआ था समझौता
खोराबार थाने में एक साल पहले इसी जमीन को लेकर समझौता हुआ था, तब अशोक ने रुपये का लेनदेन भी किया था और जमीन खाली करने पर सहमति भी जताई थी लेकिन थाने से निकलने के बाद वह समझौते से मुकर गए और जमीन पर कब्जा जमाए रखा।

मौके से मिले कई खोखे
पुलिस को मौके से कई खोखे मिले हैं। ग्रामीणों की मानें तो करीब 40 राउंड फायरिंग हुई है। हालांकि पुलिस अफसर इस बात को नकार रहे हैं। उसका दावा है कि वहां पर चार से पांच गोली ही चली है। गोली एक लोग को लगी है, बाकी को छर्रे लगे हैं और पिटाई से घायल हुए हैं।

डेढ़ घंटे बाद पहुंची पुलिस
शाम करीब चार बजे हत्या होने के डेढ़ घंटे बाद पुलिस गांव पहुंची। सुबह सूचना देने के बाद भी पुलिस नहीं आई और हत्या के बाद भी पुलिस को पहुंचने में डेढ़ घंटे लग गए। गांव में पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ आक्रोश है।

निरस्त होगा असलहे का लाइसेंस
वारदात लाइसेंसी असलहों से की गई है। पुलिस असलहों के लाइसेंस निरस्त करने के लिए जल्द ही डीएम को पत्र लिखेगी।

गांव में दहशत, घर में चीख पुकार
गोली चलने के बाद पूरे गांव में दहशत है। वहीं साधु यादव के परिवार में मौत और घायल होने से चीख पुकार मची हुई है। गोली चलने के बाद से ही गांव में भगदड़ मच गई थी। लोग घरों में कैद हो गए थे।


साधु पक्ष से भी हुई थी फायरिंग
अशोक की पत्नी शीला का कहना है कि पहले साधु यादव की ओर से ही फायरिंग हुई थी। ग्रामीणों का भी कहना है कि साधु ने हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की थी, जिसके बाद अशोक ने ताबड़तोड़ फायरिंग की।ञ
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