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बेकाबू कार ने बालिका की ली जान
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 17 May 2017 12:47 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में घायल सिमरन।
- फोटो : Amar Ujala
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कैंट इलाके के तोता मैना मजार के पास मंगलवार को बेकाबू कार की चपेट में आने से स्कूटी सवार बालिका की मौत हो गई जबकि उसकी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद कार सवार फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार के नंबर से जांच शुरू कर दी है।
बनारस के अर्दली बाजार के रहने वाले अजीम खान पेशे से ठेकेदार हैं। उनकी बेटी कासिफा उर्फ खुशी (10) की स्कूल से छुट्टियां होने पर सोमवार की रात असुरन स्थित राजकीय पालिटेक्निक कैंपस में रहने वाले अपने फूफा मलिक मोहम्मद (प्राचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक बस्ती) के घर आई थी। मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे फूफा की बेटी सिमरन (20) के साथ स्कूटी से आइसक्रीम खाने गोलघर आ रही थी। दोनों अभी तोता मैना मजार के पास ही पहुंचे थे कि पीछे से आ रही बेकाबू कार ने उन्हें चपेट में ले लिया।
हादसे में खुशी और सिमरन गंभीर रूप से घायल हो गईं। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना देने के साथ घायलों को अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने खुशी को मृत घोषित कर दिया, वहीं सिमरन को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया। इंस्पेक्टर कैंट ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।
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जैसे-तैसे परिवार वालों ने उसे संभाला और घर पहुंचाया। सिमरन भुवनेश्वर के इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक की छात्रा है। कॉलेज से छुट्टी होने पर वो हाल ही में घर लौटी थी। शुक्रवार की रात ममेरी बहन खुशी घर आई थी। दोनों ने देर रात तक मस्ती का प्लान बनाया। खुशी की फरमाइश पर मंगलवार को सिमरन घरवालों से 100 रुपये लेकर उसे आइसक्रीम खिलाने निकली, पर नियति ने क्रूर खेल खेला। आइसक्रीम का ये सफर पूरा न हो सका और तोता-मैना मजार के पास दोनों दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां खुशी को मृत घोषित कर दिया गया। खुशी की मौत पर बदहवास हुई सिमरन की जुबां से बस यही निकला, ‘अब कैसे सहूंगी बहन को खोने का गम...।
खुशी की मां को फोन न कर सके उसके अब्बू
बनारस के सेंट जोसेफ स्कूल में कक्षा पांच की छात्रा खुशी पढ़ाई में अव्वल थी। इस बार भी कक्षा चार में उसने टॉप किया था। हादसे की खबर पाकर अब्बू मोहम्मद अजीम का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि बेटी को गंवाने का समाचार कैसे उसकी अम्मी को दें। वह बार-बार जेब से मोबाइल निकालते मगर नंबर मिलाते और फोन काट देते। रिश्तेदारों ने खुशी को खोने की सूचना उसकी अम्मी को दी। हादसे के बारे में सुुनकर मां के होश गुम हो गए। खुशी का एक छोटा भाई और बहन हैं।
सीओ कैंट ऑफिस से पचास मीटर की है दूरी
हादसा जिस जगह पर हुआ वहां से सीओ कैंट ऑफिस की दूरी 50 मीटर से भी कम है। दिन में करीब 11 बजे के आसपास हादसा हुआ। भीड़भाड़ वाले इलाके में हादसे के बाद भी कार चालक फरार हो गया। देर शाम तक पुलिस आरोपियों को तलाश करने में विफल साबित हुई है। हादसे को लेकर पुलिस की गंभीरता सवालों के घेरे में हैं।
बिलंदपुर के जयनारायण की है इनोवा
आरटीओ विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सिल्वर माइका रंग की इनोवा यूपी 53 बीएच 8080 बिलंदुपर के बांसगांव निवासी जयनारायण सिंह के नाम से पंजीकृत है। हादसे के वक्त गाड़ी कौन चला रहा था, पुलिस इसकी जांच कर रही है। देर शाम तक पुलिस आरोपियों की शिनाख्त करने से कोसो दूर ही नजर आई।
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बनारस के अर्दली बाजार के रहने वाले अजीम खान पेशे से ठेकेदार हैं। उनकी बेटी कासिफा उर्फ खुशी (10) की स्कूल से छुट्टियां होने पर सोमवार की रात असुरन स्थित राजकीय पालिटेक्निक कैंपस में रहने वाले अपने फूफा मलिक मोहम्मद (प्राचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक बस्ती) के घर आई थी। मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे फूफा की बेटी सिमरन (20) के साथ स्कूटी से आइसक्रीम खाने गोलघर आ रही थी। दोनों अभी तोता मैना मजार के पास ही पहुंचे थे कि पीछे से आ रही बेकाबू कार ने उन्हें चपेट में ले लिया।
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हादसे में खुशी और सिमरन गंभीर रूप से घायल हो गईं। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना देने के साथ घायलों को अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने खुशी को मृत घोषित कर दिया, वहीं सिमरन को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया। इंस्पेक्टर कैंट ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।
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'काश... मेरी जान चली जाती'
काश... मेरी जान चली जाती, इस बोझ के साथ जीना बहुत मुश्किल हो जाएगा। उस मासूम ने तो बस आइसक्रीम ही मांगा था। ये दर्द है बीस साल की सिमरन का, जिसकी आंखों के सामने छोटी बहन खुशी ने दम तोड़ दिया। खुद घायल होने के बाद भी जिला अस्पताल में सिमरन डॉक्टरों से बार-बार यही कह रही थी, ‘मुझे नहीं मेरी बहन को देख लीजिए... वो कुछ बोल नहीं रही है... सर प्लीज उसे बचा लीजिए।’ जब डॉक्टरों ने खुशी को मृत घोषित कर दिया तब सिमरन तो लगभग सुध-बुध खो बैठी। लाडली खुशी के साथ ही दो परिवारों की खुशी भी खो गई।जैसे-तैसे परिवार वालों ने उसे संभाला और घर पहुंचाया। सिमरन भुवनेश्वर के इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक की छात्रा है। कॉलेज से छुट्टी होने पर वो हाल ही में घर लौटी थी। शुक्रवार की रात ममेरी बहन खुशी घर आई थी। दोनों ने देर रात तक मस्ती का प्लान बनाया। खुशी की फरमाइश पर मंगलवार को सिमरन घरवालों से 100 रुपये लेकर उसे आइसक्रीम खिलाने निकली, पर नियति ने क्रूर खेल खेला। आइसक्रीम का ये सफर पूरा न हो सका और तोता-मैना मजार के पास दोनों दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां खुशी को मृत घोषित कर दिया गया। खुशी की मौत पर बदहवास हुई सिमरन की जुबां से बस यही निकला, ‘अब कैसे सहूंगी बहन को खोने का गम...।
खुशी की मां को फोन न कर सके उसके अब्बू
बनारस के सेंट जोसेफ स्कूल में कक्षा पांच की छात्रा खुशी पढ़ाई में अव्वल थी। इस बार भी कक्षा चार में उसने टॉप किया था। हादसे की खबर पाकर अब्बू मोहम्मद अजीम का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि बेटी को गंवाने का समाचार कैसे उसकी अम्मी को दें। वह बार-बार जेब से मोबाइल निकालते मगर नंबर मिलाते और फोन काट देते। रिश्तेदारों ने खुशी को खोने की सूचना उसकी अम्मी को दी। हादसे के बारे में सुुनकर मां के होश गुम हो गए। खुशी का एक छोटा भाई और बहन हैं।
सीओ कैंट ऑफिस से पचास मीटर की है दूरी
हादसा जिस जगह पर हुआ वहां से सीओ कैंट ऑफिस की दूरी 50 मीटर से भी कम है। दिन में करीब 11 बजे के आसपास हादसा हुआ। भीड़भाड़ वाले इलाके में हादसे के बाद भी कार चालक फरार हो गया। देर शाम तक पुलिस आरोपियों को तलाश करने में विफल साबित हुई है। हादसे को लेकर पुलिस की गंभीरता सवालों के घेरे में हैं।
बिलंदपुर के जयनारायण की है इनोवा
आरटीओ विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सिल्वर माइका रंग की इनोवा यूपी 53 बीएच 8080 बिलंदुपर के बांसगांव निवासी जयनारायण सिंह के नाम से पंजीकृत है। हादसे के वक्त गाड़ी कौन चला रहा था, पुलिस इसकी जांच कर रही है। देर शाम तक पुलिस आरोपियों की शिनाख्त करने से कोसो दूर ही नजर आई।