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काउंसिलिंग से भरी जा सकती हैं यूजी, पीजी की सीटें

Sat, 09 Dec 2017 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sat, 09 Dec 2017 01:13 AM IST
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Councelling for admission in Gorakhpur University
गोरखपुर यूनिवर्सिटी। - फोटो : Amar Ujala
गोरखपुर यूनिवर्सिटी एवं संबद्ध महाविद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2018-19 की बीए, बीकॉम, एमए, एमएससी और एमकॉम की सीटें ऑनलाइन काउंसलिंग से भरी जा सकती हैं। इसका प्रस्ताव तैयार करके 10 दिसंबर (रविवार) को बोर्ड ऑफ स्टडीज में ले जाया जा रहा है। इस पर मुहर लगने की उम्मीद है। नई व्यवस्था के बाद फर्जीवाड़ा रुकने के आसार रहेंगे। यूनिवर्सिटी से संबद्धता प्राप्त कॉलेजों में ही प्रवेश लिया जा सकेगा। 
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यूनिवर्सिटी और संबद्ध कॉलेजों में एडमिशन की अलग-अलग व्यवस्था से विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ती है। कई कॉलेजों के आवेदन फार्म भरने पड़ते हैं। खर्च ज्यादा आता है। इसको देखते हुए ही संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराने की पहल की गई। अब ऑनलाइन काउंसलिंग कराने का खाका तैयार किया गया। प्रवेश परीक्षा में सफल विद्यार्थी काउंसिलिंग कराके एडमिशन ले सकेंगे। यह व्यवस्था पहली बार लागू की जा रही है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि यदि सीटें काउंसिलिंग से नहीं भरीं तो कॉलेज को दाखिले की अनुमति दी जाएगी, लेकिन पूरी मानीटरिंग यूनिवर्सिटी के पास रहेगी। वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराके ही एडमिशन लिए जा सकेंगे। प्रोफेशनल कोर्सों की सीटें भी प्रवेश परीक्षा, फिर काउंसिलिंग से भरने पर फैसला संभव है। 
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300 से ज्यादा हैं कॉलेज
यूनिवर्सिटी कैंपस में करीब 17 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। वहीं, संबद्ध 300 कॉलेजों का दायरा गोरखपुर, कुशीनगर और देवरिया में फैला है। इनमें करीब तीन लाख छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। इन सबकी एडमिशन प्रक्रिया ऑनलाइन की जा सकती है। 
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वेबसाइट पर अपलोड करना होगा रिसर्च वर्क
शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से सिनॉप्सिस और थीसिस को वेबसाइट पर अपलोड कराने की योजना है। इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर बनाया गया है। सॉफ्टवेयर की मदद से थीसिस का फर्जीवाड़ा रोका जा सकेगा। दूसरे की थीसिस कॉपी करके रिसर्च नहीं किया जा सकेगा। ऐसा हुआ तो मामला पकड़ा जाएगा। ‘एंटी प्लैगिएरिज्म सॉफ्टवेयर’ पर काम चल रहा है। 

अनुमोदित होगी डिग्री
19 दिसंबर को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह की डिग्री भी अनुमोदित की जाएगी। साथ ही जिन मेधावियों को डिग्री दी जाएगी, उनके नाम फाइनल किए जाएंगे। गुरु गोरक्षनाथ शोध पीठ और पूर्वांचल संग्रहालय के संचालन पर निर्णय लिया जाएगा। स्वकेंद्र परीक्षा प्रणाली को खत्म करने पर भी बोर्ड ऑफ स्टडीज मुहर लगा सकती है। 


एनआईसी से होगा करार
संयुक्त प्रवेश परीक्षा और काउंसिलिंग के लिए गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने नेशनल इन्फारमेटिक सेंटर (एनआईसी) से करार करने का फैसला किया है। यह मामला भी बोर्ड में जा रहा है। मंजूरी मिलते ही करार होगा। 
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