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सीएम योगी ने किया गोरखनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक, दर्शन करने के बाद लखनऊ के लिए निकले
Wed, 17 Jul 2019 11:52 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 17 Jul 2019 11:52 AM IST
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सीएम योगी ने किया रुद्राभिषेक
- फोटो : अमर उजाला
गोरखनाथ मंदिर में सावन के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रुद्राभिषेक किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्षनाथ बाबा के दर्शन कर लखनऊ के लिए निकल गए।
इससे पहले मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में गुरुपूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रम में भक्तों के बीच पहुंचे गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गुरू की भूमिका में नजर आए। उन्होंने कहा कि गुरुपूर्णिमा गुरू परंपरा के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का पर्व है। गुरू समाज का मार्गदर्शन करते हुए समाज को नई दिशा देता है।
ऋषियों-मुनियों ने अपने उदार चरित्र से गुरु-शिष्य परंपरा को नई ऊंचाइयां दीं हैं। अपने गुरू ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा प्रशस्त मार्ग पर चलकर गोरक्ष पीठ गौ सेवा, शिक्षण संस्थाओं, चिकित्सालयों और वनवासी सेवाश्रम के माध्यम से निरंतर लोक कल्याण के कार्य में जुटा हुआ है।
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इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ 12.30 बजे मंदिर पहुंचे। सबसे पहले गुरू गोरखनाथ की पूजा की। उसके बाद नाथ पंथ के सभी योगियों की समाधि पर शीश झुकाया। आखिर में अपने गुरुदेव की की पूजा की। पूजा के दौरान योगी ने पीठ के देश और समाज के उत्थान के लिए कार्य करते रहने और लोगों को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देते रहने का आर्शीवाद मांगा।
हालांकि गोरक्ष पीठाधीश्वर गुरुपूर्णिमा पर होने वाली सुबह की पूजा में शामिल नहीं हो पाए। यह पूजा मुख्य पुजारी कमलनाथ ने संपन्न कराई। पूजा के बाद योगी स्मृति सभागार में पहुंचे और वहां बड़ी संख्या में उपस्थित मंदिर से जुड़े भक्तों और नाथ योगियों से मिले। योगी के विलंब से पहुंचने के चलते भक्तों को तिलक लगाकर आशीर्वाद देने का कार्यक्रम नहीं हो सका।
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इससे पहले मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में गुरुपूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रम में भक्तों के बीच पहुंचे गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गुरू की भूमिका में नजर आए। उन्होंने कहा कि गुरुपूर्णिमा गुरू परंपरा के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का पर्व है। गुरू समाज का मार्गदर्शन करते हुए समाज को नई दिशा देता है।
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ऋषियों-मुनियों ने अपने उदार चरित्र से गुरु-शिष्य परंपरा को नई ऊंचाइयां दीं हैं। अपने गुरू ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा प्रशस्त मार्ग पर चलकर गोरक्ष पीठ गौ सेवा, शिक्षण संस्थाओं, चिकित्सालयों और वनवासी सेवाश्रम के माध्यम से निरंतर लोक कल्याण के कार्य में जुटा हुआ है।
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इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ 12.30 बजे मंदिर पहुंचे। सबसे पहले गुरू गोरखनाथ की पूजा की। उसके बाद नाथ पंथ के सभी योगियों की समाधि पर शीश झुकाया। आखिर में अपने गुरुदेव की की पूजा की। पूजा के दौरान योगी ने पीठ के देश और समाज के उत्थान के लिए कार्य करते रहने और लोगों को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देते रहने का आर्शीवाद मांगा।
हालांकि गोरक्ष पीठाधीश्वर गुरुपूर्णिमा पर होने वाली सुबह की पूजा में शामिल नहीं हो पाए। यह पूजा मुख्य पुजारी कमलनाथ ने संपन्न कराई। पूजा के बाद योगी स्मृति सभागार में पहुंचे और वहां बड़ी संख्या में उपस्थित मंदिर से जुड़े भक्तों और नाथ योगियों से मिले। योगी के विलंब से पहुंचने के चलते भक्तों को तिलक लगाकर आशीर्वाद देने का कार्यक्रम नहीं हो सका।