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भाजपा पार्षद के कब्जे से छुड़ाई गई जमीन

Thu, 31 Oct 2019 01:27 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 31 Oct 2019 01:27 AM IST
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bjp parshad and land issue
भाजपा पार्षद के कब्जे से छुड़ाई गई एक एकड़ जमीन
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गोरखपुर। महेवा वार्ड से भाजपा पार्षद और कार्यकारिणी सदस्य रामभुआल कुशवाहा के कब्जे से नगर निगम ने बुधवार को एक एकड़ कीमती जमीन छुड़ा ली । इनमें से 47 डिसमिल जमीन पर कई स्थायी और अस्थायी निर्माण कराए गए थे, जिसे अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त करा दिया। इसके बाद पिलर लगाकर जमीन सुरक्षित की गई। नगर निगम के मुताबिक इस मामले में एंटी भू-माफिया के तहत भी कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी, ताकि दोबारा जमीन पर कब्जा न हो।
महेवा वार्ड में नगर निगम की 10 एकड़ से भी ज्यादा जमीन है। इस पर करीब आठ एकड़ में नगर निगम ने कान्हा उपवन का निर्माण कराया है। बची हुई दो एकड़ जमीन में से करीब एक एकड़ जमीन पर कब्जे का मामला प्रकाश में आया। नगर निगम कार्यकारिणी के उपसभापति व कान्हा उपवन की व्यवस्था सुधारने के लिए गठित समिति के चेयरमैन व भाजपा पार्षद बृजेश सिंह छोटू की शिकायत पर मामला खुला।
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निगम और राजस्व की टीम ने सीमांकन कर कब्जा की हुई जमीन चिन्ह्ति की। नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह के निर्देश पर बुधवार को टीम ने मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाया और पिलर लगाकर जमीन सुरक्षित की। बाजार में इस जमीन की कीमत सात से नौ करोड़ आंकी जा रही है।
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तोड़नी पड़ी कान्हा उपवन की दीवार
गोरखपुर। भाजपा पार्षद द्वारा महेवा में कब्जा की गई जमीन तक बुलडोजर के पहुंचने के लिए रास्ता नहीं होने की वजह से कान्हा उपवन की करीब 15 फीट तक की दीवार तोड़नी पड़ी। कब्जा ध्वस्त कराने के बाद अस्थायी तौर पर दीवार को बंद किया गया। उपनगर आयुक्त अवनींद्र कुमार ने बताया कि टूटी हुई दीवार का निर्माण कराने के लिए निगम के निर्माण विभाग को निर्देश दे दिया गया है।
गेट पर टांग रखा था- मामला कोर्ट में विचाराधीन
नगर निगम की टीम जब अवैध निर्माण ध्वस्त कराने पहुंची तो वहां गेट पर एक बैनर लगा था, जिसपर लिखा था कि- यह संपत्ति रामभुआल कुशवाहा की है। इस संपत्ति के संबंध में दीवानी न्यायालय में वाद संख्या 1148/2015 रामभुआल कुशवाहा बनाम उप्र राज्य सरकार व नगर निगम गोरखपुर विचाराधीन है। हालांकि नगर निगम का कहना है कि ऐसा कोई मुकदमा चल ही नहीं रहा। टीम ने बैनर उखाड़ कर फेंक दिया और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।
पानी की पाइप लगाने की भी होगी जांच
मौके पर पानी की पाइप लगी हुई मिली, जिसे नलकूप से कनेक्शन लेकर सिंचाई आदि के उपयोग में लाया जा रहा था। उप नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार ने बताया कि इसकी जांच कराई जाएगी कि जब जमीन पर नगर निगम के अलावा किसी और का स्वामित्व ही नहीं है तो पाइप लगाने का कनेक्शन कैसे जारी कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने भी जताई थी नाराजगी
गोरखपुर। कान्हा उपवन के पास नगर निगम की कीमती जमीन पर कब्जा और पार्टी के ही दो पार्षदों में इसे लेकर रार होने की सूचना पर मुख्यमंत्री ने भी नाराजगी जताई थी। उन्होंने जिला प्रशासन एवं नगर निगम को तत्काल कार्रवाई कर जमीन छुड़ाने का निर्देश दिया था।
सूत्रों के मुताबिक उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि कोई भी इस कार्रवाई में टांग अड़ाएगा या ये रार आगे बढ़ी तो उसपर भी एक्शन लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि इसके बाद से ही इस मामले में एक-दूसरे पर आरोप लगाने वाले दोनों पार्षद रामभुआल और बृजेश सिंह छोटू ने चुप्पी साध ली।
पैमाइश में करीब एक एकड़ जमीन पर कब्जा पाया गया था। इनमें से 47 डिसमिल जमीन पर कु छ छोटे-छोटे निर्माण भी कराए गए थे जिसे ध्वस्त करा दिया गया। राजस्व और नगर निगम के दस्तावेज में यह जमीन सरकारी संपत्ति के तौर पर दर्ज है। इसे लेकर कोर्ट में न तो कोई वाद चल रहा और न ही कोई आदेश जारी है। कब्जा करने वाले के खिलाफ एंटी भू-माफिया के तहत क ार्रवाई के लिए भी संस्तुति की जाएगी ताकि दोबारा जमीन कब्जा न हो।
- अनिल कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
मामला कोर्ट में है, इसलिए कुछ भी कहना ठीक नहीं। मैं कोर्ट में नगर निगम के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल करूंगा। रामभुआल कुशवाहा, पार्षद, महेवा
एक इंच जमीन नहीं करने दी जाएगी कब्जा: कमिश्नर
कमिश्नर जयंत नार्लिकर का कहना है कि खाली कराई गई जमीन पर कान्हा उपवन का विस्तार कराने की योजना है। एक एकड़ जमीन बढ़ जाने से कान्हा उपवन में रह रहे गौवंशों को विचरण करने में आसानी होगी।

उन्होंने कहा कि कहीं पर भी एक इंच सरकारी जमीन पर भी किसी को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों से प्रशासन सख्ती से निपटेगा। संबंधित पर एंटी भू-माफिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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