फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   accident

लखनऊ एक्सप्रेस वे पर हादसे में गोरखपुर के कारोबारी व उनके भाई की पत्नी की मौत

Fri, 12 Jul 2019 02:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jul 2019 02:18 AM IST
विज्ञापन
accident
लखनऊ एक्सप्रेस वे पर हादसे में गोरखपुर के कारोबारी व उनके भाई की पत्नी की मौत
विज्ञापन

गोरखपुर/शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गुरुवार दोपहर डेढ़ बजे हुए हादसे में शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी व शक्ति शामियाना के मालिक दीपक छापड़िया और उनके बड़े भाई की पत्नी सविता का निधन हो गया। इस हादसे में मृतक दीपक की पत्नी नेहा और उनके बड़े भाई राजेश गंभीर रूप से घायल हैं। दोनों का इलाज सैफई पीजीआई में चल रहा है। दीपक गोरखपुर में बेतियाहाता के प्रेमचंद पार्क के पास रहते थे। हादसे के बाद उनके घर पर भीड़ लगी है। घर पर मां ललिता छापड़िया और बच्चे मौजूद हैं। इस हादसे की जानकारी अभी मां ललिता को नहीं दी गई है।
बेतियाहाता निवासी दीपक छापड़िया परिवार के साथ कार से मथुरा गए थे। वहां एक शादी समारोह में हिस्सा लेने, फिर वृंदावन बांके बिहारी के दर्शन करके लौट रहे थे। कार को दीपक चला रहे थे। कार में उनकी पत्नी नेहा छापड़िया, भाई राजेश छापड़िया और राजेश की पत्नी सविता बैठे हुए थे। सिरसागंज क्षेत्र के कठफोरी के समीप कार का टायर फट गया। इससे अनियंत्रित कार विद्युत पोल से टकरा गई। पोल से टकराते हुए कार में धमाका हुआ। चीखपुकार पर मच गई। एक्सप्रेसवे पर तैनात कुछ पूर्व सैनिक मौके पर पहुंचे और मदद में जुट गए। घायलों को तत्काल सैफई पीजीआई भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने दीपक और उनके भाई की पत्नी सविता को मृत घोषित कर दिया। नेहा और राजेश गंभीर रूप से घायल हैं। मृत कारोबारी मूलरूप से सिद्धार्थनगर के उस्का बाजार के रहने वाले थे। बचपन में गोरखपुर के साहबगंज स्थित नाना स्वर्गीय लक्ष्मी प्रसाद खेमका के घर रहकर पढ़ाई की, फिर बेतियाहाता में हरी कृपा रेजिडेंसी मकान बनवाकर रहने लगे। दोनों भाई साथ मिलकर कारोबार संभालते रहे थे कि अचानक दीपक के मौत की खबर आ गई।
विज्ञापन

शादी समारोह में निकला था परिवार
गोरखपुर। पूर्वांचल के बड़े व्यापारी राजेश छापड़िया, पत्नी, छोटे भाई और छोटे भाई की पत्नी के साथ आठ जुलाई को घर से वृंदावन जाने के लिए निकले। वहां एक शादी समारोह में हिस्सा लिया, फिर बांके बिहारी का दर्शन करके लौटे रहे थे। घर पर अकेली मां और बच्चे इंतजार में थे। बृहस्पतिवार को ही परिवार को लौटना था। इसी बीच बुधवार की शाम को आगरा-मथुरा एक्सप्रेस वे पर हुए सड़क हादसे में छोटे बेटे और बड़ी बहू की मौत की खबर आई। मूल रूप से सिद्धार्थनगर के उस्का बाजार निवासी राजेश छापड़िया लंबे समय से गोरखपुर में रहकर कैटरिंग, शामियाना और चीनी का कारोबार करते हैं। कैंट क्षेत्र के बेतियाहाता स्थित हरिकृपा अपार्टमेंट के प्रथम तल पर उनका आवास है। शहर के एक अन्य व्यवसायी राजेश टिबड़ेवाल से उनके पारिवारिक रिश्ते हैं। राजेश टिबड़ेवाल की बेटी की शादी वृंदावन से हुई है। ........
विज्ञापन
विज्ञापन

दीपक चला रहे थे गाड़ी
बुधवार को पूरा परिवार इनोवा गाड़ी से गोरखपुर लौट रहे थे। दीपक गाड़ी चला रहे थे और राजेश उनके बगल वाली सीट पर बैठे थे। दोनों की पत्नियां पीछे की सीट पर थीं। आगरा-मथुरा एक्सप्रेस वे पर सैफई के पास उनकी गाड़ी का अगला पहिया फट गया और फिर पूरे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट गया। इसमें दीपक छापड़िया और सविता छापड़िया की मौके पर ही मौत हो गई। राजेश छापड़िया तथा उनके छोटे भाई की पत्नी को गंभीर चोट आई है। सविता छापड़िया का एक बेटा और एक बेटी है जबकि दीपक छापड़िया को दो बेटी और एक बेटा है।
सीएम के आदेश पर डीएम भी पहुंचे
मौत की खबर घर आते ही कोहराम मच गया। इसकी जानकारी होते ही शहर के व्यवसायियों की राजेश छापड़िया के आवास पर शुभचिंतकों भी पहुंच गए। हादसे की जानकारी होने पर भाजपा के क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश व्यापार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पुष्पदंत जैन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फोन कर हादसे की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इटावा के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को फोन कर तत्काल मौके पर पहुंचने तथा घायलों के इलाज का पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के आदेश पर कुछ देर बाद ही दोनों अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उनकी देखरेख में दोनों घायलों का उपचार चल रहा है। रात में पोस्टमार्टम होने के बाद शुक्रवार को शवों के गोरखपुर लाया जाएगा।

भीड़ देखकर हैरान है मां
राजेश के घर के बाद शुभचिंतकों की भीड़ है। मां को अभी घटना की जानकारी नहीं है। मगर घर के बाहर शुभचिंतकों को देखकर वह हैरान थी। आखिर इतने लोग घर के बाहर क्यों है। कई बार वह घर के ऊपरी हिस्से से बालकनी में आती और लोगों के आने का कारण भी पूछती। मगर अभी उन्हें नहीं बताया है कि आखिर घर में कौन सी अनहोनी हो गई है। घर पर मौजूद सभी लोग इसी कोशिश में थे कि किसी तरह से सुबह तक उन्हें घटना की जानकारी ना दिया जाए ताकि वह समय से रुटीन की दवाएं खा लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed