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‘ सुन भागीरथी, गंगा तेरी मैली हो गई’
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 05 Jun 2017 02:22 AM IST
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गंगा दशहरा के मौके पर गोरखनाथ मंदिर के भीम सरोवर पर आरती करते लोग।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखनाथ मंदिर के भीम सरोवर तक पर संस्कृति रक्षा दल के तत्वावधान में पहली बार गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस दौरान वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने भीम सरोवर स्थित गंगा मंदिर पर आरती व प्रसाद का वितरण किया। लोक गायक राकेश श्रीवास्तव ने ‘सुनो भागीरथी गंगा तेरी मैली हो गई’ गीत गाकर मौजूद श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
गंगा दशहरा के मौके पर हर वर्ष राप्ती नदी किनारे गंगा आरती का आयोजन किया जाता था। इस दौरान शहर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु राप्ती नदी में डुबकी लगाते थे और गंगा मईया से परिवार के सुख समृद्धि की कामना करते थे। गंगा आरती का आयोजन करने वाली संस्था संस्कृति रक्षा दल ने इस वर्ष गोरखनाथ मंदिर के भीम सरोवर पर गंगा आरती का कार्यक्रम आयोजित किया। गंगा आरती की शुरूआत शाम पांच बजे पूरे विधि विधान से प्रारंभ हुआ।
कार्यक्रम में लोक गायक राकेश श्रीवास्तव ने भागीरथी से आव्हान करते हुए ‘सुनो भागीरथी, गंगा तेरी मैली हो गई, तेरी निर्मल धारा विषैली हो गई’ गीत गाकर सबको सोचने पर विवश कर दिया। इसके बाद वहां मौजूद सभी लोगों ने गंगा को कैसे स्वच्छ और निर्मल बनाया जाए, इसके लिए चर्चा की। सबने संकल्प लिया कि अपने-अपने स्तर से गंगा के साथ-साथ अपने इलाके को भी स्वच्छ रखा जाएगा। गीत के बाद वहां कार्यक्रम के संचालक विकास जालान संग गोरखनाथ मंदिर के द्वारिका तिवारी, प्रमुख व्यवसाई पुष्पदंत जैन, रेलवे यूनियन नेता सुभाष यादव, वरिष्ठ चिकित्सक व समाजसेवी डॉ. रूप कुमार बनर्जी ने संयुक्त रूप से गंगा आरती की शुरूआत की। इस दौरान वहां हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ मौजूद थी।
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योगी जी करेंगे बेड़ा पार
गोरखनाथ के महंत योगी आदित्यनाथ सूबे के मुख्यमंत्री बनने के बाद से यहां की जनता को उनसे बहुत उम्मीदें जुड़ गई हैं। लोक गायक राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार गोरखनाथ मंदिर में गंगा आरती के आयोजन के पीछे खास मंशा है। उन्होंने कहा कि गोरखनाथ मंदिर में गंगा आरती कर गंगा मईया से प्रार्थना की गई कि बतौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सूबे का बेहतर विकास कर सकें। विकास के राह में आने वाले सभी बाधाओं से पार पा सकें, जिससे प्रदेश का रूका विकास पूरा हो और जनमानस का कल्याण हो सके।
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गंगा दशहरा के मौके पर हर वर्ष राप्ती नदी किनारे गंगा आरती का आयोजन किया जाता था। इस दौरान शहर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु राप्ती नदी में डुबकी लगाते थे और गंगा मईया से परिवार के सुख समृद्धि की कामना करते थे। गंगा आरती का आयोजन करने वाली संस्था संस्कृति रक्षा दल ने इस वर्ष गोरखनाथ मंदिर के भीम सरोवर पर गंगा आरती का कार्यक्रम आयोजित किया। गंगा आरती की शुरूआत शाम पांच बजे पूरे विधि विधान से प्रारंभ हुआ।
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कार्यक्रम में लोक गायक राकेश श्रीवास्तव ने भागीरथी से आव्हान करते हुए ‘सुनो भागीरथी, गंगा तेरी मैली हो गई, तेरी निर्मल धारा विषैली हो गई’ गीत गाकर सबको सोचने पर विवश कर दिया। इसके बाद वहां मौजूद सभी लोगों ने गंगा को कैसे स्वच्छ और निर्मल बनाया जाए, इसके लिए चर्चा की। सबने संकल्प लिया कि अपने-अपने स्तर से गंगा के साथ-साथ अपने इलाके को भी स्वच्छ रखा जाएगा। गीत के बाद वहां कार्यक्रम के संचालक विकास जालान संग गोरखनाथ मंदिर के द्वारिका तिवारी, प्रमुख व्यवसाई पुष्पदंत जैन, रेलवे यूनियन नेता सुभाष यादव, वरिष्ठ चिकित्सक व समाजसेवी डॉ. रूप कुमार बनर्जी ने संयुक्त रूप से गंगा आरती की शुरूआत की। इस दौरान वहां हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ मौजूद थी।
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गोरखनाथ के महंत योगी आदित्यनाथ सूबे के मुख्यमंत्री बनने के बाद से यहां की जनता को उनसे बहुत उम्मीदें जुड़ गई हैं। लोक गायक राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार गोरखनाथ मंदिर में गंगा आरती के आयोजन के पीछे खास मंशा है। उन्होंने कहा कि गोरखनाथ मंदिर में गंगा आरती कर गंगा मईया से प्रार्थना की गई कि बतौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सूबे का बेहतर विकास कर सकें। विकास के राह में आने वाले सभी बाधाओं से पार पा सकें, जिससे प्रदेश का रूका विकास पूरा हो और जनमानस का कल्याण हो सके।