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अटलांटा टीम ने वार्ड में जाकर जाना मरीजों का हाल
Gorakhpur
Updated Sat, 08 Nov 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। प्रदेश शासन की ओर से इंसेफेलाटिस की वजह, प्रयास व इंतजाम की समीक्षा के लिए नामित सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल(सीडीसी), अटलांटा की टीम अपने दौरे के चौथे दिन जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड पहुंची। इस दौरान जहां टीम ने मरीजों की स्थिति पर अध्ययन किया, वहीं इंतजाम पर सवाल करती दिखी।
टीम सुबह नौ बजे ही जिला अस्पताल पहुंची और वहां बने 12 बेड के इंसेफेलाइटिस वार्ड में निरीक्षण के लिए गई। पहले तो वहां मरीजों के परिजनों ने इंतजाम की जानकारी ली फिर अस्पताल प्रशासन से उसका पूरा ब्यौरा मांगा। टीम जिला अस्पताल में करीब तीन घंटे रहे। दूसरे हाफ में टीम मेडिकल कॉलेज पहुंची और 100 बेड इंसेफेलाइटिस वार्ड और 12 नम्बर इंसेफेलाइटिस वार्ड जाकर मरीजों की स्थिति का अध्ययन किया। टीम के कुछ सदस्यों ने मरीजों की गतिविधियों की वीडियोग्राफी भी की। दोनों वार्डों को मिलकर टीम करीब दो घंटे मेडिकल कॉलेज में रही और उसके बाद रवाना हो गई। टीम में टीम में सीडीसी की डॉ. पद्मिनी श्रीकांत, डॉ. जेम्स, डॉ. स्टीव ओर्वस्टे, डॉ. मयंक द्विवेदी और निमहंस लैब बंगुलूरू के डॉ. बी रवि शामिल रहे। इस दौरान जेई व एईएस के प्रदेश प्रभारी डॉ. एमके गुप्त, कॉलेज प्राचार्य प्रो. केपी कुशवाहा, डॉ. महिमा मित्तल आदि मौजूद रहे। टीम दो महीने पहले भी गोरखपुर आ चुकी है। दोनों दौरों के दौरान मिली जानकारी के आधार पर एक समीक्षात्मक रिपोर्ट टीम की ओर से प्रदेश शासन को सौंपा जाएगा।
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टीम सुबह नौ बजे ही जिला अस्पताल पहुंची और वहां बने 12 बेड के इंसेफेलाइटिस वार्ड में निरीक्षण के लिए गई। पहले तो वहां मरीजों के परिजनों ने इंतजाम की जानकारी ली फिर अस्पताल प्रशासन से उसका पूरा ब्यौरा मांगा। टीम जिला अस्पताल में करीब तीन घंटे रहे। दूसरे हाफ में टीम मेडिकल कॉलेज पहुंची और 100 बेड इंसेफेलाइटिस वार्ड और 12 नम्बर इंसेफेलाइटिस वार्ड जाकर मरीजों की स्थिति का अध्ययन किया। टीम के कुछ सदस्यों ने मरीजों की गतिविधियों की वीडियोग्राफी भी की। दोनों वार्डों को मिलकर टीम करीब दो घंटे मेडिकल कॉलेज में रही और उसके बाद रवाना हो गई। टीम में टीम में सीडीसी की डॉ. पद्मिनी श्रीकांत, डॉ. जेम्स, डॉ. स्टीव ओर्वस्टे, डॉ. मयंक द्विवेदी और निमहंस लैब बंगुलूरू के डॉ. बी रवि शामिल रहे। इस दौरान जेई व एईएस के प्रदेश प्रभारी डॉ. एमके गुप्त, कॉलेज प्राचार्य प्रो. केपी कुशवाहा, डॉ. महिमा मित्तल आदि मौजूद रहे। टीम दो महीने पहले भी गोरखपुर आ चुकी है। दोनों दौरों के दौरान मिली जानकारी के आधार पर एक समीक्षात्मक रिपोर्ट टीम की ओर से प्रदेश शासन को सौंपा जाएगा।
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