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अस्पताल से भागकर नदी में कूद गया युवक
Gorakhpur
Updated Thu, 03 Apr 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। आग से झुलसा युवक बुधवार को अस्पताल से भागकर नदी में कूद गया। राजघाट पुल से कूदे युवक का देर शाम तक कुछ पता नहीं चला। चाचा ने बताया कि रुपये को लेकर मां से विवाद के चलते तीन दिन पहले भी उसने खुद को आग लगाकर जान देने की कोशिश की थी।
बेलीपार, नौसड़ के प्रदीप के बेटे सोनू (23) ने शनिवार को खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली थी। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार की भोर में करीब पांच बजे सोनू अचानक अस्पताल से भाग निकला। यह देखकर उसका छोटा भाई जनार्दन उसके पीछे दौड़ा और कलक्ट्रेट गेट के पास पकड़ने के बाद समझा-बुझाकर दोबारा अस्पताल लाया। करीब एक घंटे बाद सोनू दोबारा भाग निकला। सुबह घर से अस्पताल की तरफ आ रहीं सोनू की मां सुशीला देवी उसे राजघाट पुल की तरफ जाते देखा तो उसके पीछे दौड़ी। उन्होंने उसे रोकने की कोशिश की लेकिन उनकी अनसुनी कर सोनू तेजी से राजघाट पुल पर पहुंचा और नदी में छलांग लगा दी। बेटे के नदी में कूदने की सूचना उन्होंने पुलिस को दी। पुलिस ने गोताखोर की मदद से शाम तक नदी में ढूंढवाया लेकिन कुछ पता नहीं चला।
चाचा धर्मेंद्र ने बताया कि कुछ दिन पूर्व सुशीला देवी ने एक खेत बेचा था, जिससे कुछ रुपये मिले थे। तीन दिन पहले कुछ काम बताते हुए सोनू ने रुपयों की मांग की तो उसकी मां ने मना कर दिया था। इस पर उसने आग लगाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। इसी बात को लेकर बुधवार को वह नदी में कूद गया।
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बेलीपार, नौसड़ के प्रदीप के बेटे सोनू (23) ने शनिवार को खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली थी। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार की भोर में करीब पांच बजे सोनू अचानक अस्पताल से भाग निकला। यह देखकर उसका छोटा भाई जनार्दन उसके पीछे दौड़ा और कलक्ट्रेट गेट के पास पकड़ने के बाद समझा-बुझाकर दोबारा अस्पताल लाया। करीब एक घंटे बाद सोनू दोबारा भाग निकला। सुबह घर से अस्पताल की तरफ आ रहीं सोनू की मां सुशीला देवी उसे राजघाट पुल की तरफ जाते देखा तो उसके पीछे दौड़ी। उन्होंने उसे रोकने की कोशिश की लेकिन उनकी अनसुनी कर सोनू तेजी से राजघाट पुल पर पहुंचा और नदी में छलांग लगा दी। बेटे के नदी में कूदने की सूचना उन्होंने पुलिस को दी। पुलिस ने गोताखोर की मदद से शाम तक नदी में ढूंढवाया लेकिन कुछ पता नहीं चला।
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चाचा धर्मेंद्र ने बताया कि कुछ दिन पूर्व सुशीला देवी ने एक खेत बेचा था, जिससे कुछ रुपये मिले थे। तीन दिन पहले कुछ काम बताते हुए सोनू ने रुपयों की मांग की तो उसकी मां ने मना कर दिया था। इस पर उसने आग लगाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। इसी बात को लेकर बुधवार को वह नदी में कूद गया।
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