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परीक्षाफल और वजीफे को लेकर छात्र आमरण अनशन पर

Sat, 04 Jan 2014 05:43 AM IST
Gorakhpur
Gorakhpur Updated Sat, 04 Jan 2014 05:43 AM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने अपूर्ण परीक्षाफल जल्द घोषित करने सहित 13 सूत्री मांग को लेकर शुक्रवार से प्रशासनिक भवन पर आमरण अनशन शुरू कर दिया। परीक्षाफल को लेकर पिछले चार महीने में यह तीसरा मौका है जब छात्र आमरण अनशन पर बैठे है। इन छात्रों का कहना है कि जब अभी तक सारे परीक्षाफल ही घोषित नहीं हो सके तो यह दीक्षांत किसके लिए और क्यों कराया जा रहा है। उन्होंने दीक्षांत समारोह के विरोध की घोषणा भी की है।
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यूनिवर्सिटी के छात्र आरपीएन सिंह ‘विकास सिंह’ और ‘आप’ नेता अभिलेख सिंह तथा मित्र प्रकाश के नेतृत्व में छात्रों का समूह सुबह करीब 11.30 बजे यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर पहुंचा और प्रदर्शन किया। फिर वे मंडलायुक्त कार्यालय गए और मांग पत्र सौंपा। मंडलायुक्त कार्यालय से लौट कर वे यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन पर अनशन पर बैठ गए। छात्रों ने परीक्षाफल घोषित होने में हो रही देरी के अलावा वजीफा फार्म भरने की तिथि बढ़ाए जाने, पिछड़ी जाति के विद्यार्थियों को पिछले साल का वजीफा दिलाने, कुलपति के कार्यकाल की सीबीआई जांच सहित 13 सूत्री मांगों को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया।
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कुलसचिव शैलेश शुक्ल ने छात्रों को समझाने की कोशिश की तो छात्रों ने कहा कि हर मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन आपको ही आगे करके आंदोलन तोड़वाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में जब तक पूरे परीक्षाफल घोषित नहीं होते आमरण अनशन जारी रहेगा। इस बीच कार्यपरिषद की बैठक में भाग लेने आए डुमरियागंज के कांग्रेस सांसद जगदंबिका पाल को भी छात्रों ने अपनी मांगों से अवगत कराया। पाल ने छात्रों की समस्या के शीघ्र समाधान क ी वकालत की और कुलसचिव से जल्द से जल्द परीक्षाफल घोषित करने को कहा। अनशनकारी छात्रों के समर्थन में वीरू सिंह, अवनीश सिंह, संदीप यादव, संदीप सिंह, सुमित आदि ने धरना दिया।
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यूनिवर्सिटी की दुर्गति को वीसी जिम्मेदार: पाल
गोरखपुर। डुमरियागंज के कांग्रेस सांसद और यूनिवर्सिटी कार्यपरिषद सदस्य जगदंबिका पाल ने छात्रों के अनशन स्थल पर स्वीकार किया कि यूनिवर्सिटी की दुर्गति के लिए यूनिवर्सिटी के मुखिया ही जिम्मेदार है। पूर्वांचल की इतनी बड़े और पुराने यूनिवर्सिटी के छात्रों का परीक्षाफल जनवरी तक घोषित न हो इसके लिए आखिर कौन जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि यह आपत्ति उन्होंने कुलपति से भी जता दी है। उन्होंने संवाददाताओँ के सवालों के जवाब में कहा कि कुलसचिव को शीघ्र परीक्षाफल घोषित करने को कहा है, सामूहिक नकल मामले में 40 नंबर काटे जाने का मसला इस बार भी उठाया, बताया गया कि इस मसले को परीक्षा समिति में रखा जाएगा। छात्रों पर आंसू गैस के गोले दागे जाने और लाठीचार्ज की घटना को निंदनीय बताया लेकिन इसे प्रशासनिक मसला बताते हुए वह इस बात को टाल गए।
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