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होमवर्क में फेल दो दर्जन अफसरों के वेतन रुके
Updated Fri, 14 Jul 2017 01:23 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण का सच परखने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ अगस्त के पहले सप्ताह में समीक्षा करेंगे। सभी जिलों से कुछ शिकायतकर्ताओं को लखनऊ बुलाया जाएगा। समीक्षा के दौरान ये भी मौजूद रहेंगे। यही नहीं रेंडम जांच के लिए जिन मामलों का चयन शासन स्तर से किया जाएगा, उसकी जानकारी समीक्षा वाले दिन सुबह ही संबंधित जिलों के अफसरों को दी जाएगी। डीएम राजीव रौतेला ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर तैयारी जांची तो कई महकमे फेल हो गए। इपर खफा डीएम ने करीब दो दर्जन विभाग के अफसरों के वेतन निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके साथ ही सभी से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब करते हुए हिदायत दी कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
डीएम ने 30 जून तक लंबित सभी शिकायतों का 31 जुलाई तक प्रत्येक दशा में गुणवत्ता परक निस्तारण सुनिश्चित कराने को कहा। इसके अलावा उन्होंने 30 जून के बाद प्राप्त होने वाली शिकायतों का सभी समय से निस्तारण कराने को कहा। चेताया कि शिकायतों का निस्तारण समय पर न होने की दशा में संबंधित कार्यालयाध्यक्ष खुद जिम्मेदार होंगे और कार्रवाई भी उन्हीं पर होगी। कहा कि अफसर अपने मोबाइल फ ोन में जन सुनवाई पोर्टल को डाउनलोड कर लें और रोजाना सुबह व दोपहर दो बार इस पोर्टल पर अपने विभाग से जुड़े लंबित संदर्भों को देखकर समय से उसका निस्तारण कराएं।
इनसेट
इन विभागों के अफसरों पर हुई कार्रवाई
सिंचाई, विद्युत, परिवहन, पर्यटन, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी, यूपी स्टेट एग्रो, डिप्टी आरएमओ, जीएम डीआइसी, आरईएस, हैंडलूम, कृषि रक्षा, सीएमएस, श्रम, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, उद्यान, नगर पंचायत , प्राचार्य पालीटेक्निक, मंडी, रेशम, सैनिक कल्याण आदि विभाग।
गोरखपुर।
ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण का सच परखने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ अगस्त के पहले सप्ताह में समीक्षा करेंगे। सभी जिलों से कुछ शिकायतकर्ताओं को लखनऊ बुलाया जाएगा। समीक्षा के दौरान ये भी मौजूद रहेंगे। यही नहीं रेंडम जांच के लिए जिन मामलों का चयन शासन स्तर से किया जाएगा, उसकी जानकारी समीक्षा वाले दिन सुबह ही संबंधित जिलों के अफसरों को दी जाएगी। डीएम राजीव रौतेला ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर तैयारी जांची तो कई महकमे फेल हो गए। इपर खफा डीएम ने करीब दो दर्जन विभाग के अफसरों के वेतन निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके साथ ही सभी से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब करते हुए हिदायत दी कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
डीएम ने 30 जून तक लंबित सभी शिकायतों का 31 जुलाई तक प्रत्येक दशा में गुणवत्ता परक निस्तारण सुनिश्चित कराने को कहा। इसके अलावा उन्होंने 30 जून के बाद प्राप्त होने वाली शिकायतों का सभी समय से निस्तारण कराने को कहा। चेताया कि शिकायतों का निस्तारण समय पर न होने की दशा में संबंधित कार्यालयाध्यक्ष खुद जिम्मेदार होंगे और कार्रवाई भी उन्हीं पर होगी। कहा कि अफसर अपने मोबाइल फ ोन में जन सुनवाई पोर्टल को डाउनलोड कर लें और रोजाना सुबह व दोपहर दो बार इस पोर्टल पर अपने विभाग से जुड़े लंबित संदर्भों को देखकर समय से उसका निस्तारण कराएं।
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इन विभागों के अफसरों पर हुई कार्रवाई
सिंचाई, विद्युत, परिवहन, पर्यटन, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी, यूपी स्टेट एग्रो, डिप्टी आरएमओ, जीएम डीआइसी, आरईएस, हैंडलूम, कृषि रक्षा, सीएमएस, श्रम, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, उद्यान, नगर पंचायत , प्राचार्य पालीटेक्निक, मंडी, रेशम, सैनिक कल्याण आदि विभाग।
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