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घाघरा के कटान को देख सहमे ग्रामीण

Thu, 13 Jul 2017 11:19 PM IST
Updated Thu, 13 Jul 2017 11:19 PM IST
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घाघरा के कटान को देख सहमे ग्रामीण
हैंसर(संतकबीरनगर)।दौलतपुर गांव के करीब घाघरा का कटान लगातार बढ़ रहा है और नदी फसलों को खुद में समाहित करते हुए आगे बढ़ रही है। कृषि योग्य भूमि को नदी में विलीन होता देख किसानों को परेशान हैं।
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रामपुर, दौलतपुर, कंचनपुर, गायघाट, औराडाड आदि गांव के रामअचल, बलदेव, रामचंदर, दयाराम, प्रमोद, जगदंबा, बबलू, रामहित आदि का कहना है कि एमबीडी बांध के दक्षिण स्थित खेती से वह लोग खेतिहर बने हुए हैं। वहीं की खेती से उपजे अन्न से जहां साल भर का खर्च चलता है। एक सप्ताह से नदी कटान करती हुई उपजाऊ जमीन को अपने में समाहित करती चली जा रही है। धान, अरहर, बाजरा समेत अन्य फसल नदी के तलहटी में बोई गई जिसे नदी अपने में मिला रही है।
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गांव वालो का कहना है कि अब तक करीब 100 बीघा से अधिक खेत नदी की धारा में विलीन हो चुके हैं। इस समय नदी का जल स्तर घट कुछ घटा है तो नदी कटान तेजी के साथ कटान कर रही है। नदी इसी तरह कटान की तो जल्द ही वह या तो दौलतपुर गांव को अपने चपेट में ले लेगी या एमबीडी बांध को निशाना बनाएगी। ड्रेनेज खंड के एक्सईएन राजनाथ सिंह यादव ने कहा कि बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। बांध की लगातार निगरानी की जा रही है। जहां भी कमी होगी उसे दूर कर लिया जाएगा।
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ड्रेनज खंड के एक्सईएन रोज करेंगे बंधों का निरीक्षण : संतकबीरनगर। जिले के 12 तटबंध हैं और उसमें पांच जगह तटबंध संवेदनशील हैं। वर्तमान में घट-बढ़ रहे जलस्तर और कटाव को देखते हुए शासन के निर्देश पर एक्सईएन प्रतिदिन बंधों का निरीक्षण करेंगे। जिले में 12 तटबंधों की कुल लंबाई 137 किलोमीटर है। नौगो, जोरवा, विशुनपुर, बेलौली, रामपुर,पडरिया,तुवर्कवलिया नायक संवेदनशील है। बाढ़ की तैयारियों पर नजर डाले तो 19 बाढ़ चौकियां, 11 राहत केंद्र,13 राहत शिविर और 348 नाव की उपलब्धता है। एडीएम सत्येंद्र नाथ शुक्ल ने बताया कि प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल की तरफ से निर्देश प्राप्त हुआ है कि ड्रेनेज खंड दो के एक्सईएन आसन्न बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रतिदिन बांधों का निरीक्षण करेंगे और रोज डीएम और एडीएम को रिपोर्ट देंगे।

इसी प्रकार तहसील स्तर पर सहायक अभियंता प्रतिदिन बांधों का निरीक्षण करेगे और एसडीएम को रिपोर्ट देंगे। एसडीएम अपने क्षेत्र में बाढ़ चौकियां स्थापित कराएंगे, नाव व गोताखोरों की व्यवस्था करेंगे। उसकी सूची तैयार करके जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय को प्रेषित करेंगे। आगे बताया कि बाढ़ की तैयारियां ठीक प्रकार से किए जाने और बांध के हाल को रोजाना जांचने का निर्देश है।

नदियों का बढ़ता-घटता जलस्तर
नदी जलस्तर डेंजर लाइन
11 जुलाई 12 जुलाई 13 जुलाई
घाघरा 92.280 92.590 92.560 92.730
राप्ती 78.20 78.85 78.20 79.500
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