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स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट
Updated Thu, 06 Jul 2017 08:27 PM IST
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गोरखपुर।
बारिश के मौसम में इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया आदि जानलेवा बीमारी को लेकर जिले के सभी अस्पतालों को अलर्ट किया गया है। इसके साथ ही अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की जांच करने और उचित इलाज की व्यवस्था का निर्देश भी दिया गया है। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल में अलग से जेई और डेंगू वार्ड खोल दिए गए हैं। इससे निजात और रोकथाम के लिए शासन स्तर से भी नजर रखी जा रही है।
जेई, एसईएस, डेंगू, मलेरिया आदि बीमारियां वेक्टर जनित बीमारी की श्रेणी में आती हैं। जेई के मरीज अधिकांश अप्रैल से लेकर अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में मिलते हैं। स्वास्थ्य महकमा इसे ध्यान में रखते हुए मुकम्मल तैयारी कर रहा है। वहीं इस बीमारी से बचाव के लिए सभी प्रभारियों व चिकित्सा अधीक्षक को सजगता बरतने को कहा गया है। इसी के साथ ग्रामीण इलाकों में आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर डेंगू, जेई व एईएस के प्रभावित मरीजों की सूचना तैयार करने को कहा गया है। आशा की रिपोर्ट पर संबंधित सीएचसी व पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी को मरीज का प्राथमिक उपचार करना होगा।
छिड़काव कर मलेरिया को रोकेंगे
मलेरिया को गंभीरता से लेते हुए जिला मलेरिया विभाग में नियंत्रण कक्ष खोला गया है। इस विभाग को शहर क्षेत्र के डेंगू रोगियों की लिस्ट क्रमवार दी जाएगी। इसके बाद इन इलाकों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा, जिससे वहां फैले बैक्टीरिया को पूरी तरह खत्म किया जा सके। इसी के साथ रोडवेज को विशेष तौर पर कहा गया है कि तत्काल प्रभाव से वर्कशाप में पड़े टायरों को ढककर रखें या उसे हटवाएं।
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वर्जन
डेंगू, जेई, एईएस व मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी को लेकर जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी के सभी प्रभारियों को अलर्ट कर दिया गया है। शहर के कुछ इलाकों को चिह्नित कर वहां फागिंग करने का भी निर्देश दिया गया है।
- डॉ. रवींद्र कुमार, सीएमओ
बारिश के मौसम में इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया आदि जानलेवा बीमारी को लेकर जिले के सभी अस्पतालों को अलर्ट किया गया है। इसके साथ ही अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की जांच करने और उचित इलाज की व्यवस्था का निर्देश भी दिया गया है। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल में अलग से जेई और डेंगू वार्ड खोल दिए गए हैं। इससे निजात और रोकथाम के लिए शासन स्तर से भी नजर रखी जा रही है।
जेई, एसईएस, डेंगू, मलेरिया आदि बीमारियां वेक्टर जनित बीमारी की श्रेणी में आती हैं। जेई के मरीज अधिकांश अप्रैल से लेकर अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में मिलते हैं। स्वास्थ्य महकमा इसे ध्यान में रखते हुए मुकम्मल तैयारी कर रहा है। वहीं इस बीमारी से बचाव के लिए सभी प्रभारियों व चिकित्सा अधीक्षक को सजगता बरतने को कहा गया है। इसी के साथ ग्रामीण इलाकों में आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर डेंगू, जेई व एईएस के प्रभावित मरीजों की सूचना तैयार करने को कहा गया है। आशा की रिपोर्ट पर संबंधित सीएचसी व पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी को मरीज का प्राथमिक उपचार करना होगा।
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छिड़काव कर मलेरिया को रोकेंगे
मलेरिया को गंभीरता से लेते हुए जिला मलेरिया विभाग में नियंत्रण कक्ष खोला गया है। इस विभाग को शहर क्षेत्र के डेंगू रोगियों की लिस्ट क्रमवार दी जाएगी। इसके बाद इन इलाकों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा, जिससे वहां फैले बैक्टीरिया को पूरी तरह खत्म किया जा सके। इसी के साथ रोडवेज को विशेष तौर पर कहा गया है कि तत्काल प्रभाव से वर्कशाप में पड़े टायरों को ढककर रखें या उसे हटवाएं।
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वर्जन
डेंगू, जेई, एईएस व मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी को लेकर जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी के सभी प्रभारियों को अलर्ट कर दिया गया है। शहर के कुछ इलाकों को चिह्नित कर वहां फागिंग करने का भी निर्देश दिया गया है।
- डॉ. रवींद्र कुमार, सीएमओ