{"_id":"5ae217164f1c1be2798b668f","slug":"81524766486-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीपी नगर की जगह अब कचहरी तक ही दौड़ेगी गोरखपुर मेट्रो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीपी नगर की जगह अब कचहरी तक ही दौड़ेगी गोरखपुर मेट्रो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Thu, 26 Apr 2018 11:50 PM IST
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अधिकारियों के साथ बैठक करते मेट्रो मैन श्रीधरन।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर में मेट्रो का रास्ता अब और साफ हो गया है। दो दिवसीय दौरे के दौरान मेट्रो मैन इंजीनियर श्रीधरन ने दोनों कॉरिडोर का निरीक्षण किया। उन्होंने मेट्रो के प्रस्ताव में कुछ फेरबदल किया है। इसके मुताबिक, अब गोरखपुर मेट्रो ट्रांसपोर्ट नगर के बजाए कचहरी चौराहे तक ही दौड़ेगी। दो स्टेशनों बेतियाहाता और टीपी नगर का प्रस्ताव मेट्रो मैन के सुझावों के बाद खारिज कर दिए गए। वहीं गोरखनाथ से लेकर धर्मशाला ओवरब्रिज तक मेट्रो जमीन के अंदर दौड़ाने का निर्णय हुआ।
बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे मेट्रो मैन श्रीधरन दूसरे कॉरिडोर के निरीक्षण के लिए निकले। सबसे पहले वह नौसड़ पहुंचे। वहां करीब 15 मिनट तक प्रस्तावित स्टेशन का निरीक्षण किया। इसके बाद वह रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां दोनों कॉरिडोर के प्रस्तावित जंक्शन का निरीक्षण करने के बाद वह गोरखनाथ मंदिर गेट पहुंचे। वहां घनी आबादी, सड़क की कम चौड़ाई और ट्रैफिक लोड ज्यादा देखकर उन्होंने पिलर पर मेट्रो दौड़ाने को मुनासिब नहीं बताया। उन्होंने राइट्स के अधिकारियों से कहा कि पिलर पर मेट्रो संभव नहीं दिख रही है। ऐसे में गोरखनाथ मंदिर से धर्मशाला ओवरब्रिज तक अंडरग्राउंड मेट्रो चलाने का प्रस्ताव बनाया जाए।
राइट्स के अफसरों का कहना है कि अंडरग्राउंड मेट्रो चलाने से लागत तो बढ़ेगी, मगर भविष्य में शहर के लोगों को ट्रैफि क जाम से काफी राहत मिलेगी। एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने बताया कि श्रीधरन ने जो भी निर्देश दिए हैं, उसी के आधार पर संशोधित डीपीआर तैयार की जाएगी। एक महीने में इसके तैयार हो जाने की उम्मीद है।
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जंगल सिकरी, पशु अस्पताल के पास बनेंगे यार्ड
मेट्रो के लिए दो यार्ड प्रस्तावित किए गए हैं। पहला जंगल सिकरी में और दूसरा गोरखनाथ मंदिर से बरगदवां रोड पर पशु अस्पताल के पास बनाने की योजना है। दोनों प्रस्तावित यार्ड की जमीन का निरीक्षण करने के बाद श्रीधरन ने इस पर सहमति भी दे दी है। निरीक्षण के बाद राइट्स, एलएमआरसी और जीडीए अफसरों के साथ उन्होंने करीब एक घंटे तक मंथन कर मेट्रो की लागत और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। इस दौरान एलएमआरसी के चीफ आर्किटेक्ट रवि जैन, मुख्य अभियंता रमेश कुमार, प्रियांक, पीयूष, जीडीए के एक्सईएन अवनींद्र सिंह, आशीष आदि मौजूद रहे।
2021 तक दौड़ने लगेगी मेट्रो : श्रीधरन
पार्क रोड स्थित एक होटल में प्रवास के दौरान बृहस्पतिवार को मेट्रो मैन श्रीधरन ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने गोरखपुर मेट्रो के लिए प्रस्तावित सभी रूटों, यार्ड आदि का गहनता से निरीक्षण किया। राइट्स और एलएमआरसी के अफसरों से भी कई मुद्दों पर चर्चा की और पाया कि गोरखपुर में मेट्रो के लिए माकूल माहौल है। 2021 तक शहर में मेट्रो शुरू हो जाने की उम्मीद है। बताया कि एक महीने में डीपीआर तैयार हो जाएगी। फिर इसे प्रदेश और बाद में केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। डीपीआर मंजूर होने में आठ से 10 महीने लग जाते हैं। तीन से चार महीने प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में लग जाएंगे। इसके बाद ही काम शुरू हो पाएगा। बताया कि पहले फेज के रूटों में से दो स्टेशन हटाए गए हैं। अगले फेज में उन्हें भी शामिल कर लिया जाएगा।
मंदिर में टेका मत्था, गीता प्रेस-गीता वाटिका देखी
एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने बताया कि श्रीधरन भीड़भाड़ वाले समय के साथ रात में भी रेलवे स्टेशन की चहल-पहल देखना चाहते थे। इस कारण बुधवार को रात में करीब 10 बजे मेट्रो मैन फिर निरीक्षण करने निकल गए। रात में ही उन्होंने गोरखनाथ मंदिर जाकर गुरु गोरक्षनाथ और फिर गीता वाटिका जाकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। बृहस्पतिवार को सुबह वह गीता प्रेस पहुंचे। वहां गीता प्रेस के ट्रस्टी बैजनाथ अग्रवाल ने उन्हें मलयालम में लिखी गीता भेंट की। विजिटर रजिस्टर पर श्रीधरन ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने यह भी लिखा कि वह गीता रोज पढ़ते हैं।
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बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे मेट्रो मैन श्रीधरन दूसरे कॉरिडोर के निरीक्षण के लिए निकले। सबसे पहले वह नौसड़ पहुंचे। वहां करीब 15 मिनट तक प्रस्तावित स्टेशन का निरीक्षण किया। इसके बाद वह रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां दोनों कॉरिडोर के प्रस्तावित जंक्शन का निरीक्षण करने के बाद वह गोरखनाथ मंदिर गेट पहुंचे। वहां घनी आबादी, सड़क की कम चौड़ाई और ट्रैफिक लोड ज्यादा देखकर उन्होंने पिलर पर मेट्रो दौड़ाने को मुनासिब नहीं बताया। उन्होंने राइट्स के अधिकारियों से कहा कि पिलर पर मेट्रो संभव नहीं दिख रही है। ऐसे में गोरखनाथ मंदिर से धर्मशाला ओवरब्रिज तक अंडरग्राउंड मेट्रो चलाने का प्रस्ताव बनाया जाए।
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राइट्स के अफसरों का कहना है कि अंडरग्राउंड मेट्रो चलाने से लागत तो बढ़ेगी, मगर भविष्य में शहर के लोगों को ट्रैफि क जाम से काफी राहत मिलेगी। एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने बताया कि श्रीधरन ने जो भी निर्देश दिए हैं, उसी के आधार पर संशोधित डीपीआर तैयार की जाएगी। एक महीने में इसके तैयार हो जाने की उम्मीद है।
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जंगल सिकरी, पशु अस्पताल के पास बनेंगे यार्ड
मेट्रो के लिए दो यार्ड प्रस्तावित किए गए हैं। पहला जंगल सिकरी में और दूसरा गोरखनाथ मंदिर से बरगदवां रोड पर पशु अस्पताल के पास बनाने की योजना है। दोनों प्रस्तावित यार्ड की जमीन का निरीक्षण करने के बाद श्रीधरन ने इस पर सहमति भी दे दी है। निरीक्षण के बाद राइट्स, एलएमआरसी और जीडीए अफसरों के साथ उन्होंने करीब एक घंटे तक मंथन कर मेट्रो की लागत और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। इस दौरान एलएमआरसी के चीफ आर्किटेक्ट रवि जैन, मुख्य अभियंता रमेश कुमार, प्रियांक, पीयूष, जीडीए के एक्सईएन अवनींद्र सिंह, आशीष आदि मौजूद रहे।
2021 तक दौड़ने लगेगी मेट्रो : श्रीधरन
पार्क रोड स्थित एक होटल में प्रवास के दौरान बृहस्पतिवार को मेट्रो मैन श्रीधरन ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने गोरखपुर मेट्रो के लिए प्रस्तावित सभी रूटों, यार्ड आदि का गहनता से निरीक्षण किया। राइट्स और एलएमआरसी के अफसरों से भी कई मुद्दों पर चर्चा की और पाया कि गोरखपुर में मेट्रो के लिए माकूल माहौल है। 2021 तक शहर में मेट्रो शुरू हो जाने की उम्मीद है। बताया कि एक महीने में डीपीआर तैयार हो जाएगी। फिर इसे प्रदेश और बाद में केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। डीपीआर मंजूर होने में आठ से 10 महीने लग जाते हैं। तीन से चार महीने प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में लग जाएंगे। इसके बाद ही काम शुरू हो पाएगा। बताया कि पहले फेज के रूटों में से दो स्टेशन हटाए गए हैं। अगले फेज में उन्हें भी शामिल कर लिया जाएगा।
मंदिर में टेका मत्था, गीता प्रेस-गीता वाटिका देखी
एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने बताया कि श्रीधरन भीड़भाड़ वाले समय के साथ रात में भी रेलवे स्टेशन की चहल-पहल देखना चाहते थे। इस कारण बुधवार को रात में करीब 10 बजे मेट्रो मैन फिर निरीक्षण करने निकल गए। रात में ही उन्होंने गोरखनाथ मंदिर जाकर गुरु गोरक्षनाथ और फिर गीता वाटिका जाकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। बृहस्पतिवार को सुबह वह गीता प्रेस पहुंचे। वहां गीता प्रेस के ट्रस्टी बैजनाथ अग्रवाल ने उन्हें मलयालम में लिखी गीता भेंट की। विजिटर रजिस्टर पर श्रीधरन ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने यह भी लिखा कि वह गीता रोज पढ़ते हैं।