{"_id":"597cdd784f1c1bfe1d8b4834","slug":"81501355384-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार की ईंट से ईंट से बजाएंगे शिक्षामित्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार की ईंट से ईंट से बजाएंगे शिक्षामित्र
Updated Sun, 30 Jul 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त होने से नाराज शिक्षामित्रों ने बेमियादी धरने के दूसरे दिन शनिवार को प्रदेश और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। कहा कि अगर इस मसले पर सरकार ने कारगर कदम नहीं उठाया तो आंदोलन उग्र होगा। वे अपने हक की लड़ाई के लिए एकजुट हैं। सरकार ने हीलाहवाली की तो वे सरकार की ईंट से ईंट से बजा देंगे।
डीएम दफ्तर के सामने धरना दे रहे शिक्षामित्रों ने केंद्र और प्रदेश सरकार को हस्तक्षेप कर कारगर पहल करने की अपील की। जिला संरक्षक सनंदन पांडेय ने कहा कि बीजेपी सरकार अगर इस प्रकरण पर गंभीर नहीं हुई तो आंदोलन उग्र होगा। कहा कि 16 साल से कार्य करने के बाद एक झटके में हटा देना कहां का न्याय है। शिक्षा मित्रों के भविष्य के बारे में सरकार को सोचना चाहिए। प्रदेश सरकार इस मामले को लेकर अभी गंभीर नहीं हुई है। रोजी रोटी देने के दावा करने वाली सरकार का असली चेहरा भी अब सामने आ गया है। शिक्षक हित की बात सिर्फ दिखावा बन कर रह गया है।
जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि शिक्षामित्रों के हित का ख्याल नहीं रखा गया तो हक की लड़ाई तेज होगी। शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर मांगों पर विचार करने का आह्वान किया जा रहा है, इस पर अगर सरकार को समझ में नहीं आया तो कुछ भी किया जा सकता है। पुलिस ने बीते दिन गोरखपुर जो ज्यादती की वह ठीक नहीं है। न्याय के लिए आवाज उठाना गलत नहीं है। सरकार खौफ दिखाकर आवाज को दबाना चाहती है।
विज्ञापन
इस दौरान गोपाल यादव, शैलेन्द्र नायक, ओम प्रकाश त्रिपाठी, सूर्यमन प्रसाद, उदराज यादव, महेन्द्र वर्मा, प्रेम किशन, संतोष तिवारी, सुरेंद्र वर्मा, अरुण पटेल, राजेशवर द्विवेदी, मनोज सिंह, साजिद खां, अरूण पटेल के अलावा तमाम शिक्षा मित्र मौजूद रहे।
शिक्षा मित्रों की सरकार से उम्मीदें
1. प्रदेश सरकार पुनर्विचार याचिका दाखिल करें।
2. दाखिल याचिका पर विचार होने तक शिक्षा मित्रों को समायोजित पर कार्य करने दिया जाए।
3. सहायक अध्यापक बनाने के लिए नया कानून बनाया जाय।
4. विकल्प के तौर पर शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के समकक्ष वेतन दिया जाए।
5. संगठन के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता के लिए सीएम समय दें।
जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने दिया समर्थन
महराजगंज। उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने शिक्षा मित्रों के आंदोलन को समर्थन दिया है। संगठन की ओर से ऐलान किया गया है कि आंदोलन को तेज करने के लिए मिलकर संघर्ष करेंगे। जिलाध्यक्ष संजय मणि त्रिपाठी और महामंत्री उपेंद्र पांडेय ने कहा कि अगर शिक्षामित्रों के भविष्य को लेकर राजनीति हुई तो सरकार को भविष्य में इसका नुकसान उठाना पडे़गा। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ पांडेय ने भी शिक्षामित्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए उनका हक दिलाने के संघर्ष करने को कहा। उन्होंने कहा कि संगठन के सभी पदाधिकारी और सदस्य शिक्षामित्रों के साथ हैं। सरकार को उनके बारे में सोचना चाहिए।
शिक्षामित्रों की खुशियां लौटाए प्रदेश सरकार: सपा
महराजगंज। जिला समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि न्यायालय के निर्णय के बाद प्रदेश के शिक्षामित्रों और उनके परिवार की खुशियां लौटाने का सार्थक प्रबंध प्रदेश की भाजपा सरकार को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों की संख्या और उनके आश्रितों के भविष्य के प्रति अगर प्रदेश सरकार जरा भी संवेदनशीलता दिखाई होती और न्यायालय में लंबित मुकदमे की ठीक ढंग से पैरवी की होती तो शिक्षामित्रों को यह दिन नहीं देखना पड़ता। उन्होंने प्रदेश सरकार से सर्वोच्च न्यायालय में तत्काल पुनर्विचार याचिका प्रस्तुत कर दृढ़ता से पैरवी कराने की मांग की।
क्षेत्र के तीन प्राथमिक विद्यालय चार दिनों से बंद
लेहड़ा बाजार। बृजमनगंज क्षेत्र में शिक्षामित्रो का समायोजन निरस्त होने के बाद तीन प्राथमिक विद्यालय बंद पड़े हैं। बृजमनगंज क्षेत्र में 105 प्राइमरी और 47 जूनियर हाई स्कूल हैं। 151 शिक्षामित्रों में 142 का समायोजन हुआ था। प्राथमिक विद्यालय कोमरवा राजपुर बुजुर्ग, प्राथमिक विद्यालय सहजनवा बाबू द्वितीय और प्राथमिक विद्यालय मुड़ियारी में दो-दो शिक्षामित्रों का समायोजन था। समायोजन रद्द होने के चार दिन बाद भी इन विद्यालयों पर शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। सुबह बच्चे स्कूल आए अध्यापक के नहीं आने से घर लौट गए। इस मामले में बीईओ तारकेश्वर पांडेय ने बताया कि खाली विद्यालयों पर शिक्षक की व्यवस्था कर दी गई है। लिस्ट बीआरसी पर भेज दी गई है। स्कूल जल्दी खुल जाएगा।
शिक्षामित्रों के साथ न्याय करे प्रदेश सरकार
फरेंदा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की एक आवश्यक बैठक फरेंदा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी में आयोजित की गई। जिसमें जिलाध्यक्ष ओपी त्रिपाठी ने कहा कि सरकार शिक्षा मित्रों को समायोजित करे। उनके सामने आर्थिक संकट आ गया है। परिषद के मंत्री राकेश मणि ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षा मित्र बेरोजगार हो गये करीब पौने दो लाख परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। शिक्षामित्रों को परीक्षा पास होने तक उनको सेवा से अलग न किया जाय। आंदोलन के दौरान शिक्षामित्रों के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक में प्रमोद कुमार पांडेय, लालजी त्रिपाठी, रामसरन गुप्ता, अर्जुन सिंह, वीरेंद्र कुमार, त्रिलोकी, गोरख निषाद, घनश्याम वरूण, उमेश चंद आदि लोग रहे।
विज्ञापन
डीएम दफ्तर के सामने धरना दे रहे शिक्षामित्रों ने केंद्र और प्रदेश सरकार को हस्तक्षेप कर कारगर पहल करने की अपील की। जिला संरक्षक सनंदन पांडेय ने कहा कि बीजेपी सरकार अगर इस प्रकरण पर गंभीर नहीं हुई तो आंदोलन उग्र होगा। कहा कि 16 साल से कार्य करने के बाद एक झटके में हटा देना कहां का न्याय है। शिक्षा मित्रों के भविष्य के बारे में सरकार को सोचना चाहिए। प्रदेश सरकार इस मामले को लेकर अभी गंभीर नहीं हुई है। रोजी रोटी देने के दावा करने वाली सरकार का असली चेहरा भी अब सामने आ गया है। शिक्षक हित की बात सिर्फ दिखावा बन कर रह गया है।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि शिक्षामित्रों के हित का ख्याल नहीं रखा गया तो हक की लड़ाई तेज होगी। शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर मांगों पर विचार करने का आह्वान किया जा रहा है, इस पर अगर सरकार को समझ में नहीं आया तो कुछ भी किया जा सकता है। पुलिस ने बीते दिन गोरखपुर जो ज्यादती की वह ठीक नहीं है। न्याय के लिए आवाज उठाना गलत नहीं है। सरकार खौफ दिखाकर आवाज को दबाना चाहती है।
विज्ञापन
इस दौरान गोपाल यादव, शैलेन्द्र नायक, ओम प्रकाश त्रिपाठी, सूर्यमन प्रसाद, उदराज यादव, महेन्द्र वर्मा, प्रेम किशन, संतोष तिवारी, सुरेंद्र वर्मा, अरुण पटेल, राजेशवर द्विवेदी, मनोज सिंह, साजिद खां, अरूण पटेल के अलावा तमाम शिक्षा मित्र मौजूद रहे।
शिक्षा मित्रों की सरकार से उम्मीदें
1. प्रदेश सरकार पुनर्विचार याचिका दाखिल करें।
2. दाखिल याचिका पर विचार होने तक शिक्षा मित्रों को समायोजित पर कार्य करने दिया जाए।
3. सहायक अध्यापक बनाने के लिए नया कानून बनाया जाय।
4. विकल्प के तौर पर शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के समकक्ष वेतन दिया जाए।
5. संगठन के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता के लिए सीएम समय दें।
जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने दिया समर्थन
महराजगंज। उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने शिक्षा मित्रों के आंदोलन को समर्थन दिया है। संगठन की ओर से ऐलान किया गया है कि आंदोलन को तेज करने के लिए मिलकर संघर्ष करेंगे। जिलाध्यक्ष संजय मणि त्रिपाठी और महामंत्री उपेंद्र पांडेय ने कहा कि अगर शिक्षामित्रों के भविष्य को लेकर राजनीति हुई तो सरकार को भविष्य में इसका नुकसान उठाना पडे़गा। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ पांडेय ने भी शिक्षामित्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए उनका हक दिलाने के संघर्ष करने को कहा। उन्होंने कहा कि संगठन के सभी पदाधिकारी और सदस्य शिक्षामित्रों के साथ हैं। सरकार को उनके बारे में सोचना चाहिए।
शिक्षामित्रों की खुशियां लौटाए प्रदेश सरकार: सपा
महराजगंज। जिला समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि न्यायालय के निर्णय के बाद प्रदेश के शिक्षामित्रों और उनके परिवार की खुशियां लौटाने का सार्थक प्रबंध प्रदेश की भाजपा सरकार को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों की संख्या और उनके आश्रितों के भविष्य के प्रति अगर प्रदेश सरकार जरा भी संवेदनशीलता दिखाई होती और न्यायालय में लंबित मुकदमे की ठीक ढंग से पैरवी की होती तो शिक्षामित्रों को यह दिन नहीं देखना पड़ता। उन्होंने प्रदेश सरकार से सर्वोच्च न्यायालय में तत्काल पुनर्विचार याचिका प्रस्तुत कर दृढ़ता से पैरवी कराने की मांग की।
क्षेत्र के तीन प्राथमिक विद्यालय चार दिनों से बंद
लेहड़ा बाजार। बृजमनगंज क्षेत्र में शिक्षामित्रो का समायोजन निरस्त होने के बाद तीन प्राथमिक विद्यालय बंद पड़े हैं। बृजमनगंज क्षेत्र में 105 प्राइमरी और 47 जूनियर हाई स्कूल हैं। 151 शिक्षामित्रों में 142 का समायोजन हुआ था। प्राथमिक विद्यालय कोमरवा राजपुर बुजुर्ग, प्राथमिक विद्यालय सहजनवा बाबू द्वितीय और प्राथमिक विद्यालय मुड़ियारी में दो-दो शिक्षामित्रों का समायोजन था। समायोजन रद्द होने के चार दिन बाद भी इन विद्यालयों पर शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। सुबह बच्चे स्कूल आए अध्यापक के नहीं आने से घर लौट गए। इस मामले में बीईओ तारकेश्वर पांडेय ने बताया कि खाली विद्यालयों पर शिक्षक की व्यवस्था कर दी गई है। लिस्ट बीआरसी पर भेज दी गई है। स्कूल जल्दी खुल जाएगा।
शिक्षामित्रों के साथ न्याय करे प्रदेश सरकार
फरेंदा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की एक आवश्यक बैठक फरेंदा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी में आयोजित की गई। जिसमें जिलाध्यक्ष ओपी त्रिपाठी ने कहा कि सरकार शिक्षा मित्रों को समायोजित करे। उनके सामने आर्थिक संकट आ गया है। परिषद के मंत्री राकेश मणि ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षा मित्र बेरोजगार हो गये करीब पौने दो लाख परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। शिक्षामित्रों को परीक्षा पास होने तक उनको सेवा से अलग न किया जाय। आंदोलन के दौरान शिक्षामित्रों के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक में प्रमोद कुमार पांडेय, लालजी त्रिपाठी, रामसरन गुप्ता, अर्जुन सिंह, वीरेंद्र कुमार, त्रिलोकी, गोरख निषाद, घनश्याम वरूण, उमेश चंद आदि लोग रहे।