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डीएम ने लेखाकार को पुलिस चौकी पर बैठाया
Updated Tue, 27 Jun 2017 11:47 PM IST
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पडरौना (कुशीनगर )। जिला सूचना कार्यालय के लेखाकार को डीएम के निर्देश पर मंगलवार को रविंद्रनगर पुलिस चौकी पर पुलिस कस्टडी में बैठा दिया गया। डीएम ने अतिरिक्त सूचना अधिकारी को इस मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया। देर शाम तक इस प्रकरण का निस्तारण नहीं हो पाया था। पुलिस अभिरक्षा में बैठाए गए लेखाकार का कहना है कि अगर दोषी है तो फिर मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जाए।
सूचना कार्यालय के लेखाकार रामव्रत और और अतिरिक्त सूचना अधिकारी रामायण प्रसाद में लंबे समय से विवाद चल रहा है। पिछले साल लेखाकार को श्रावस्ती जिले से संबद्घ कर दिया गया था। बाद में उनकी संबद्घता निरस्त हो गई और वे यहां कार्य करने लगे। डीएम आंद्रा वामसी के अनुसार मंगलवार को सूचना अधिकारी उनके पास यह शिकायत लेकर आए कि लेखाकार अवैध रूप से उनके कार्यालय में बैठ रहे हैं। इस पर सूचना अधिकारी को निर्देशित किया गया कि अगर वह कर्मचारी यहां अवैध रूप से कार्य कर रहा है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजा जाए। डीएम के निर्देश के बाद लेखाकर रामव्रत को रविंद्रनगर पुलिस चौकी पर पुलिस कस्टडी में बैठा दिया गया। उधर रामव्रत का कहना है कि उनका मामला हाईकोर्ट में चल रहा है और कोर्ट ने तीन महीने के अंदर प्रकरण के निस्तारण का निर्देश दे रखा है। वे यहां वेतन बिल बनाने समेत लेखाकर पद के सभी दायित्व निभा रहे हैं। अगर वे यहां अवैध रूप से कार्य कर रहे हैं तो फिर प्रशासन उन पर मुकदमा दर्ज कराए, वे जेल जाने को तैयार हैं।
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सूचना कार्यालय के लेखाकार रामव्रत और और अतिरिक्त सूचना अधिकारी रामायण प्रसाद में लंबे समय से विवाद चल रहा है। पिछले साल लेखाकार को श्रावस्ती जिले से संबद्घ कर दिया गया था। बाद में उनकी संबद्घता निरस्त हो गई और वे यहां कार्य करने लगे। डीएम आंद्रा वामसी के अनुसार मंगलवार को सूचना अधिकारी उनके पास यह शिकायत लेकर आए कि लेखाकार अवैध रूप से उनके कार्यालय में बैठ रहे हैं। इस पर सूचना अधिकारी को निर्देशित किया गया कि अगर वह कर्मचारी यहां अवैध रूप से कार्य कर रहा है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजा जाए। डीएम के निर्देश के बाद लेखाकर रामव्रत को रविंद्रनगर पुलिस चौकी पर पुलिस कस्टडी में बैठा दिया गया। उधर रामव्रत का कहना है कि उनका मामला हाईकोर्ट में चल रहा है और कोर्ट ने तीन महीने के अंदर प्रकरण के निस्तारण का निर्देश दे रखा है। वे यहां वेतन बिल बनाने समेत लेखाकर पद के सभी दायित्व निभा रहे हैं। अगर वे यहां अवैध रूप से कार्य कर रहे हैं तो फिर प्रशासन उन पर मुकदमा दर्ज कराए, वे जेल जाने को तैयार हैं।
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