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जहरीली शराब प्रकरणः आईजी ने 8 दरोगा समेत 47 पुलिसकर्मियों को किया लाइन हाजिर, 3 और की बिगडी हालत

Sat, 09 Feb 2019 08:43 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुशीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुशीनगर Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 09 Feb 2019 08:43 PM IST
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8 inspector and 47 police personals line hazir in kushinagar
आईजी गोरखपुर जेएन सिंह और कमिश्नर अतिम गुप्ता - फोटो : अमर उजाला

तरयासुजान क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से बीमारों की संख्या भी बढ़ती ही जा रही है। शनिवार को तमकुहीराज सीएचसी पर जहरीली शराब पीने से तबियत बिगड़ने पर तीन नए मरीज पहुंचे, जिन्हें डॉक्टरों ने भर्ती कर उपचार शुरु किया। वहीं, जिला अस्पताल में पहले से भर्ती चार मरीजों में से दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। 

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इधर आईजी गोरखपुर जेएन सिंह और कमिश्नर अतिम गुप्ता ने प्रभावित गांवो को भ्रमण कर पीड़ित परिजनों का हाल जाना। आईजी ने तरयासुजना थाने और चौकियों पर एक महीने से पूर्व की तैनानी वाले आठ दरोगा समेत 47 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया।
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शनिवार को सीएचसी तमकुही पर बेंदूपार निवासी 33 वर्षीय योगेंद्र पुत्र नरसिंह, 63 वर्षीय चंद्रदेव पुत्र मथुरा एवं 20 वर्षीय संतोष पुत्र हरिकिशुन को परिजनों ने लाकर भर्ती कराया। सीएचसी तमकुही के प्रभारी डॉक्टर राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि तीनों मरीजों की हालत स्थिर है। वहीं, जिला अस्पताल में उपेंद्र चौहान, बीगू चौहान, मीर हसन, रणजीत व प्रमोद का इलाज चल रहा है। यह सभी मरीज बेंदूपार खलवा टोला के हैं। जबकि विकास का इलाज पीजीआई लखनऊ में हो रहा है। 
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शनिवार को दोपहर बाद आईजी गोरखपुर जेएन सिंह और कमिश्नर अमित गुप्ता प्रभावित गांव जवही दयाल चैनपट्टी, बेंदूपार खलवा टोला और खैरटिया में पहुंच कर पीड़ित परिवारों से घटना के बारे में पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। आईजी जेएन सिंह ने बताया कि कुल 11 मौंते हुई हैं। जिसमें नौ लोगों की मौत शराब पीने से होने की बात बताई गई। जबकि दो लोगो को मौत बीमारी से होने की बात परिजन बताए। 

कमिश्नर ने घटना के शिकार हुए लोगों की पत्नियों को विधवा पेंशन और पारीवारिक लाभ आदि प्रशासनिक मदद दिए जाने का आश्वासन दिया। बाद में तरयासुजान थाने पर पहुंच कर रिकार्ड जांचा। आईजी ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान स्वीकार किया कि निश्चित है इस घटना में भ्रष्ट पुलिस कर्मियों की संलिप्तता रही है। मामले की जांच का निर्देश दिया। 

आईजी ने एक माह से पूर्व तैनात सभी पुलिस कर्मियों को तत्काल लाईन हाजिर किए जाने का एसपी को निर्देश दिया। इस कार्यवाई में थाने के अलावा अहिरौलीदान, बहादुरपुर, डिबनी बंजरवा एवं तीनफेडियां चौकियों पर तैनात 47 पुलिसकर्मी कार्रवाई की जद में आए है। एसपी राजीव नारायन मिश्र ने बताया कि आठ एसआई, 17 हेड कांस्टेबल, 21 सिपाही और थाने का ड्राईवर लाइन हाजिर कर दिया गया। नई तैनाती वाले बहादुर और तमकुहीराज चौकी प्रभारियों के अलावा 20 नए कांस्टेबेल, दो महिला आरक्षी और थाने का पैरोकार सिर्फ बचा है। शेष नए पुलिस कर्मियों की जल्द ही तैनाती कर दी जाएगी।


विधायक ने पीड़ितों को मदद देने की मांग की
क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार लल्लू ने आईजी और कमिश्नर से मुलाकात की। विधायक ने पीड़ित परिवारों को अहेतुक सहायता देने के साथ मामले की उच्च स्तरीय टीम से जांच कराए जाने की मांग की। विधायक ने घटना के लिए तरयासुजान पुलिस को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।

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