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अब विश्वविद्यालय में काम नहीं करा सकेंगे पंजीकृत ठेकेदार
Thu, 25 Apr 2019 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 25 Apr 2019 12:59 AM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में निर्माण और मरम्मत संबंधित काम अब ठेकेदार नहीं कराएंगे। कार्य परिषद की मंजूरी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे काम कराने के लिए कार्यदायी संस्था यूपीपीसएल (यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड) को अधिकृत किया है। आकस्मिक कार्य ही निविदा या कोटेशन से कराए जाएंगे।
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अब तक विश्वविद्यालय में निर्माण व मरम्मत से संबंधित कार्य पंजीकृत 36 ठेकेदारों से कराए जाते थे। ठेकेदार एक लाख तक के काम कोटेशन के आधार पर कराते थे। जबकि 25 लाख तक के निर्माण कार्य टेंडर के जरिए करा सकते थे। इससे अधिक के बजट वाले कार्य कराने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को आमंत्रित किया जाता था। अब एक लाख से कम या अधिक हर तरह के बजट वाले कार्य कार्यदायी संस्थाओं से ही कराने का निर्णय लिया गया है। हालांकि पूर्व में कार्यदायी संस्थाओं ने कई कार्य कराए हैं।
स्टेडियम, वाईफाई, छात्रावास सहित कई ऐसे कार्य थे, जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन संतुष्ट नहीं हुआ। अब कार्यदायी संस्थाओं से कार्य कराए जाने संबंधित निर्णय से ठेकेदारों में नाराजगी है। कुलसचिव एससी शर्मा ने बताया कि कार्यदायी संस्थाओं से कार्य कराने पर गुणवत्ता में सुधार आएगा, साथ ही जवाबदेही भी तय होगी। जहां तक मरम्मत संबंधित छोटे कार्य हैं तो उसके बारे में अभी निर्णय नहीं लिया गया है।
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