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शहर से गायब होंगे डस्टबिन
Updated Tue, 03 Oct 2017 01:11 AM IST
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गोरखपुर। शहर को बेहतर ढंग से साफ-सुथरा रखने के लिए नगर निगम ने नई रणनीति बनाई है। इसके तहत घरों, दुकानों समेत अन्य स्थानों से निकलने वाले कूड़े-कचरे को सीधे ट्रेंचिंग ग्राउंड तक पहुंचाने की योजना है। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो जल्द ही शहर से डस्टबिन हटा दिए जाएंगे।
शहर की सबसे बड़ी समस्या सफाई और कूड़ा निस्तारण की है। इसके लिए नगर निगम प्रशासन की ओर से अब तक किए गए सभी प्रयास असफल रहे। ट्रेंचिंग ग्राउंड न होने और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शुरू न हो पाने से कूड़े का निस्तारण भी संभव नहीं हो पा रहा है। नगर निगम की लाख कोशिश के बाद भी शहर में यहां-वहां गंदगी का अंबार लगा रहता है। इससे निबटने के लिए नगर निगम ने नई योजना बनाई है। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी के अनुसार नगर निगम प्रशासन कूड़ा निस्तारण की शुरुआत घरों से करेगा। टेंडर के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है। 10 अक्टूबर को टेंडर फाइनल हो जाएगा। नगर आयुक्त खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं।
नगर निगम की योजना के तहत उन्हीं ठेकेदार को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का ठेका दिया जाएगा, जिनके पास वार्डों में सफाई का ठेका होगा। इससे समन्वय ठीक रहेगा। ठेकेदार उस क्षेत्र में सफाई कराने के साथ ही घरों से कूड़ा भी उठवाएंगे। नालियों की भी सफाई कराएंगे। घरों से कूड़ा लेकर सफाईकर्मी ठेले के जरिए छोटी गाड़ियों तक पहुंचाएंगे। छोटी गाड़ियां प्रमुख चौराहों पर खड़ी बड़ी गाड़ियों में कूड़ा डालेंगी। फिर इन्हें सीधे ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचा दिया जाएगा। ऐसे में शहर में कूड़ेदानों की आवश्यकता नहीं रहेगी और न ही गंदगी फैलेगी।
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कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की संख्या बढ़ेगी
शहर से निकलने वाले कूड़े के हिसाब से गाड़ियों की संख्या अभी कम है। फिलहाल डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 30 समेत कुल 108 गाड़ियां हैं, जो 70 वार्डों के लिए कम पड़ जा रही हैं। ऐसे में नगर निगम ने हर वार्ड के लिए एक गाड़ी लेने की योजना बनाई है। ऐसे में उसे करीब 40 गाड़ियां लेनी होंगी।
‘कंपेक्टर’ कूड़ा निस्तारण में करेगी मदद
नगर निगम कंपेक्टर नामक एक नई तरह की गाड़ी लेने जा रहा है। इसके जरिये छोटी गाड़ियों से कूड़ा बड़ी गाड़ियों में रखने से पहले कंप्रेस कर दिया जाएगा। इससे एक गाड़ी में काफी मात्रा में कूड़ा रखा जा सकेगा। ऐसे में शहर से निकलने वाले करीब 580 मैट्रिक टन कूड़े का आसानी से निस्तारण हो सकेगा।
शहर की सबसे बड़ी समस्या सफाई और कूड़ा निस्तारण की है। इसके लिए नगर निगम प्रशासन की ओर से अब तक किए गए सभी प्रयास असफल रहे। ट्रेंचिंग ग्राउंड न होने और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शुरू न हो पाने से कूड़े का निस्तारण भी संभव नहीं हो पा रहा है। नगर निगम की लाख कोशिश के बाद भी शहर में यहां-वहां गंदगी का अंबार लगा रहता है। इससे निबटने के लिए नगर निगम ने नई योजना बनाई है। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी के अनुसार नगर निगम प्रशासन कूड़ा निस्तारण की शुरुआत घरों से करेगा। टेंडर के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है। 10 अक्टूबर को टेंडर फाइनल हो जाएगा। नगर आयुक्त खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं।
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नगर निगम की योजना के तहत उन्हीं ठेकेदार को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का ठेका दिया जाएगा, जिनके पास वार्डों में सफाई का ठेका होगा। इससे समन्वय ठीक रहेगा। ठेकेदार उस क्षेत्र में सफाई कराने के साथ ही घरों से कूड़ा भी उठवाएंगे। नालियों की भी सफाई कराएंगे। घरों से कूड़ा लेकर सफाईकर्मी ठेले के जरिए छोटी गाड़ियों तक पहुंचाएंगे। छोटी गाड़ियां प्रमुख चौराहों पर खड़ी बड़ी गाड़ियों में कूड़ा डालेंगी। फिर इन्हें सीधे ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचा दिया जाएगा। ऐसे में शहर में कूड़ेदानों की आवश्यकता नहीं रहेगी और न ही गंदगी फैलेगी।
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कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की संख्या बढ़ेगी
शहर से निकलने वाले कूड़े के हिसाब से गाड़ियों की संख्या अभी कम है। फिलहाल डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 30 समेत कुल 108 गाड़ियां हैं, जो 70 वार्डों के लिए कम पड़ जा रही हैं। ऐसे में नगर निगम ने हर वार्ड के लिए एक गाड़ी लेने की योजना बनाई है। ऐसे में उसे करीब 40 गाड़ियां लेनी होंगी।
‘कंपेक्टर’ कूड़ा निस्तारण में करेगी मदद
नगर निगम कंपेक्टर नामक एक नई तरह की गाड़ी लेने जा रहा है। इसके जरिये छोटी गाड़ियों से कूड़ा बड़ी गाड़ियों में रखने से पहले कंप्रेस कर दिया जाएगा। इससे एक गाड़ी में काफी मात्रा में कूड़ा रखा जा सकेगा। ऐसे में शहर से निकलने वाले करीब 580 मैट्रिक टन कूड़े का आसानी से निस्तारण हो सकेगा।