{"_id":"5ab3fcdf4f1c1b4d0a8b6583","slug":"61521745119-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"2010 के बाद हुई शिक्षक भर्तियों की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2010 के बाद हुई शिक्षक भर्तियों की होगी जांच
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Sun, 16 Sep 2018 11:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। शिक्षक नियुक्ति में लगातार सामने आ रहे फर्जीवाड़े से निपटने के लिए शासन ने 2010 के बाद से अब तक हुई शिक्षक नियुक्तियों की जांच कराने का फैसला लिया है। जांच प्रभावित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग से अधिकारियों की विशेष टीम गठित होगी। एक महीने के भीतर ही कमेटी को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।
शासन का निर्देश मिलने के बाद से बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों में खलबली मच गई है। जांच समिति के अध्यक्ष एडीएम सिटी होंगे। एडी बेसिक गोरखपुर-बस्ती मंडल समिति के सदस्य होंगे। जांच में फर्जी शिक्षकों की असलियत का पता लगाने के लिए समिति में पुलिस विभाग के प्रतिनिधि के रूप में एक डिप्टी एसपी को भी शामिल किया जाएगा।
अन्य जिलों में भी प्रशासन और पुलिस के अधिकारी अलग-अलग होंगे, लेकिन शिक्षा विभाग की तरफ से एडी बेसिक को ही शामिल होने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। शिक्षकों की नियुक्ति स्वीकृत पदों से अधिक तो नहीं हुई है, यह जांच का महत्वपूर्ण बिंदु होगा। इसके साथ ही सभी शिक्षकों के प्रपत्रों की भी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
शासन का निर्देश मिलने के बाद से बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों में खलबली मच गई है। जांच समिति के अध्यक्ष एडीएम सिटी होंगे। एडी बेसिक गोरखपुर-बस्ती मंडल समिति के सदस्य होंगे। जांच में फर्जी शिक्षकों की असलियत का पता लगाने के लिए समिति में पुलिस विभाग के प्रतिनिधि के रूप में एक डिप्टी एसपी को भी शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
अन्य जिलों में भी प्रशासन और पुलिस के अधिकारी अलग-अलग होंगे, लेकिन शिक्षा विभाग की तरफ से एडी बेसिक को ही शामिल होने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। शिक्षकों की नियुक्ति स्वीकृत पदों से अधिक तो नहीं हुई है, यह जांच का महत्वपूर्ण बिंदु होगा। इसके साथ ही सभी शिक्षकों के प्रपत्रों की भी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन