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सोशल मीडिया पर बोले डॉ. कफील सबको पता था कि बच्चे मर रहे हैं

Sat, 26 Aug 2017 01:08 AM IST
Updated Sat, 26 Aug 2017 01:08 AM IST
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सोशल मीडिया पर बोले डॉ. कफील सबको पता था कि बच्चे मर रहे हैं

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आशुतोष मिश्र
गोरखपुर।
बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन कमी से ही मासूमों की मौतें हुई थीं। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद 100 बेड वाले वार्ड के प्रभारी एवं एनएचआरएम के नोडल अफसर ने भूमिगत होने के बाद 19 अगस्त को रिकार्ड वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड किया है। इसमें डॉ. कफील खान ने कहा है कि सबको पता था कि ऑक्सीजन की कमी से बच्चे मर रहे हैं। डीजीएमई से लेकर डीएम तक को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन कोई नहीं आया। इस वीडियो में डॉ. कफील ने खुद को पाक-साफ साबित करने की कोशिश की है।
वीडियो की शुरुआत में ही डॉ. कफील ने 19 अगस्त की डेट का जिक्र किया है। बताया है कि कल मुख्य सचिव की जांच रिपोर्ट आनेे वाली है। इसके साथ ही अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर दुख जताते हुए डॉ. कफील ने महानिदेशक चिकित्सा एवं शिक्षा डॉ. केके गुप्ता से लेकर स्वास्थ्य महकमे के स्थानीय अधिकारियों को लपेटे में लिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने डीएम राजीव रौतेला पर भी बीआरडी में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों के मरने की जानकारी होने का आरोप लगाया है। कहा है कि इसके बाद भी शाम छह बजे तक कोई भी बीआरडी नहीं पहुंचा। इसको उन्होंने अपना चौथा वीडियो बताया है। इसके साथ ही अब तक आई जांच रिपोर्ट में ऑक्सीजन कमी से बच्चों की मौत न होने के दावों पर भी सवाल खड़ा हो गया है। हालांकि, कफील खान इन जांचों से दूर बने रहे हैं। सीएम के दौरे के बाद से ही मेडिकल लीव लेकर वह भूमिगत हैं। शुक्रवार दोपहर एक बजे उनके वीडियो पर जुबैर अली सिद्दीकी नाम के व्यूवर ने कमेंट भी किया। कमेंट में उन्होंने कहा है कि ‘भाई आपको पहले आना चाहिए था... अपना पक्ष लेकर।’
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ये बोल रहे हैं डॉ. कफील
डीजीएमई कह रहे थे कि हमारे पास 52 सिलिंडर थे। डॉ. कफील ने तीन सिलिंडर लाकर क्या कर लिया? सर, तीन सिलिंडर नहीं लेकर आया। मैं 250 सिलिंडर लेकर आया, उन 24 घंटों में। शाम के छह बजे तक कोई एक बंदा नहीं था। रात से लेकर दिन तक दौड़ते रहे हम लोग। कोई नहीं आया। डीएम साहब को भी पता चल गया था दोपहर में। सीएमओ सर को भी मैंने फोन किया था। एडी हेल्थ को भी फोन किया था। सीएमएस डिस्ट्रिक हॉस्पिटल को भी फोन किया था। सबसे भीख मांगी। सर, 50 सिलिंडर दे दो। बच्चे मर रहे हैं... ऐसी सिचुएशन आ गई है। कोई नहीं आया साथ में। सिर्फ सीमा सुरक्षा बल के लोगों ने ट्रक फौरन दे दिया। कैसे-कैसे करके सिलिंडर मांगे गए। कैसे-कैसे भीख मांगी होगी, सिलिंडर दे दो और आप बात करते हो तीन सिलिंडर की। कितनी बातें, कितने लोग कर रहे हैं और हम लोगों को... पूरे घर को छिपना पड़ रहा है। अम्मी जान हज को गई हैं। वो वहां से परेशान हो रही हैं कि कल क्या होगा? सब सही होगा, अल्लाह है ना। इतना ही कहना है बस मुझे। अंदर से लगता है कि चलो जितना भी किया है अगर 10 बच्चों की भी जान बचाई है... पता नहीं कितने बच्चों की जान बची या नहीं बची पर मेरा एफर्ट था मेरे दिल से था और मैंने पूरी जान लगाई थी। और मुझे अपने दिल को बार-बार जब भी टीवी और यहां-वहां से सुनता हूं अपनी बुराइयां तो बस एक चीज मुझे हिम्मत पहुंचाती है कि मैंने उन बच्चों की जान बचाई। चाहे वह 10 बच्चे की हों। शायद उनके मां-बाप की दुआएं मेरे साथ जिंदगी भर रहें। बाकी तो ऊपरवाला देखता ही है किसने क्या किया है, अल्लाह हाफिज।
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वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं- https://youtu.be/vwsH-IPFG8g
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