{"_id":"59de7b4c4f1c1bce538b6f4c","slug":"51507752780-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहकारी समितियां उधार में देंगी खाद-बीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहकारी समितियां उधार में देंगी खाद-बीज
Updated Thu, 12 Oct 2017 01:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर। रबी की बुआई के लिए इस साल नवंबर में किसानों को साधन सहकारी समितियों से उधार में खाद-बीज उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों को सदस्य बनाने तथा ऋण सीमा स्वीकृत कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सहकारी समिति के उप निंबंधक राघवेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक इस साल डीएपी, एनपीके व यूरिया भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। साधन सहकारी समितियों पर उर्वरक भेजे जा रहे हैं। बताया कि 850 टन यूरिया, 790 टन डीएपी, 462 टन एनपीके समितियों पर उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 1471 टन यूरिया, 4888 टन डीएपी, 683 टन एनपीके पीसीएफ के बफर गोदामों में रखे हैं, जहां इनकी जरूरत होगी, वहां इसे भेजा जाएगा।
समितियां बांटेंगी किसानों को ऋण
राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिला सहकारी बैंक की तरफ से किसानों को कृषि ऋण पहले दिया जाता था। बीच में बैंकों के डिफाल्टर होने पर रिजर्व बैंक ने सभी जिला सहकारी बैंकों का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। केंद्र सरकार के प्रयास के बाद रिजर्व बैंक ने उसका लाइसेंस बहाल कर दिया है। अब किसानों को बैंकों का सदस्य बनाया जा रहा है। नवंबर से उन्हें कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
सहकारी समिति के उप निंबंधक राघवेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक इस साल डीएपी, एनपीके व यूरिया भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। साधन सहकारी समितियों पर उर्वरक भेजे जा रहे हैं। बताया कि 850 टन यूरिया, 790 टन डीएपी, 462 टन एनपीके समितियों पर उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 1471 टन यूरिया, 4888 टन डीएपी, 683 टन एनपीके पीसीएफ के बफर गोदामों में रखे हैं, जहां इनकी जरूरत होगी, वहां इसे भेजा जाएगा।
विज्ञापन
समितियां बांटेंगी किसानों को ऋण
राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिला सहकारी बैंक की तरफ से किसानों को कृषि ऋण पहले दिया जाता था। बीच में बैंकों के डिफाल्टर होने पर रिजर्व बैंक ने सभी जिला सहकारी बैंकों का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। केंद्र सरकार के प्रयास के बाद रिजर्व बैंक ने उसका लाइसेंस बहाल कर दिया है। अब किसानों को बैंकों का सदस्य बनाया जा रहा है। नवंबर से उन्हें कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन