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लिखित आश्वासन के बाद काम पर लौटे अभियंता
Updated Tue, 10 Oct 2017 08:15 PM IST
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गोरखपुर। पदोन्नति में अनदेखी का आरोप लगाकर कार्य बहिष्कार करने वाले अभियंताओं ने मांगें मानने के लिखित आश्वासन के बाद मंगलवार शाम हड़ताल वापस ले ली। संगठन के उपाध्यक्ष जयप्रकाश ने धरना दे रहे अभियंताओं को बताया कि उनकी मांगें शासन ने लिखित तौर पर मान ली हैं।
विद्युत प्रबंधन के हठवादी रवैये के विरोध में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन लगातार चार दिनों से हड़ताल पर था। उनका आरोप था कि छह साल पहले एसडीओ की पदोन्नति कर उन्हें अधिशासी अभियंता बना दिया गया, जबकि उसी वक्त जेई से एसडीओ बने लोगों को शासन ने नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने उस वक्त पदोन्नति पाकर एसडीओ बने अधिकारियों को भी अधिशासी अभियंता बनाने की मांग की। इसे लेकर संगठन कार्य बहिष्कार पर था। संगठन से जुड़े बेतियाहाता उपकेंद्र के जेई शशि कपूर ने बताया कि मंगलवार शाम करीब पांच बजे केंद्रीय पदाधिकारी वीरेंद्र शर्मा ने जिला उपाध्यक्ष जयप्रकाश से फोन पर बात की। बताया कि शासन ने संगठन की मांगें लिखित तौर पर मान ली हैं और एक माह के भीतर उसे लागू करने को कहा है। इस पर हड़ताल समाप्त कर दिया गया।
विद्युत प्रबंधन के हठवादी रवैये के विरोध में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन लगातार चार दिनों से हड़ताल पर था। उनका आरोप था कि छह साल पहले एसडीओ की पदोन्नति कर उन्हें अधिशासी अभियंता बना दिया गया, जबकि उसी वक्त जेई से एसडीओ बने लोगों को शासन ने नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने उस वक्त पदोन्नति पाकर एसडीओ बने अधिकारियों को भी अधिशासी अभियंता बनाने की मांग की। इसे लेकर संगठन कार्य बहिष्कार पर था। संगठन से जुड़े बेतियाहाता उपकेंद्र के जेई शशि कपूर ने बताया कि मंगलवार शाम करीब पांच बजे केंद्रीय पदाधिकारी वीरेंद्र शर्मा ने जिला उपाध्यक्ष जयप्रकाश से फोन पर बात की। बताया कि शासन ने संगठन की मांगें लिखित तौर पर मान ली हैं और एक माह के भीतर उसे लागू करने को कहा है। इस पर हड़ताल समाप्त कर दिया गया।
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