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इस्लाम में शिक्षा का महत्व सर्वोपरि : अजहर
Updated Sat, 07 Oct 2017 09:11 PM IST
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गोरखपुर।
बसंत सराय के पीछे बसंतपुर खास में स्थानीय मुस्लिम बच्चों के लिए कायम किए गए मकतब ‘इस्लामियात’ का उद्घाटन शनिवार को मुफ्ती अख्तर हुसैन ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इंसान की जिंदगी में शिक्षा का महत्व सबसे अधिक है। शिक्षा के बगैर इंसान का विकास संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि समाज के भीतर शिक्षा को लेकर जागरूकता लाई जाए। जब तक लोग शैक्षणिक दृष्टिकोण से जागरूक नहीं होंगे, तब तक सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता है। मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि इस्लाम में शिक्षा का महत्व सर्वोपरि है। इस्लाम ने शिक्षा हासिल करने की बड़ी ताकीद की है। इसलिए बच्चों को बेहतर से बेहतर तालीम दिलानी चाहिए। इसके बिना मुकम्मल इंसान नहीं बना जा सकता। शहर में जहां-जहां दीनी तालीमगाह की जरूरत होगी। वहां भी यह मकतब कायम कर शिक्षा बच्चों तक पहुंचाई जाएगी। दरगाह मुबारक खां मस्जिद के इमाम मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही, सुभानिया मस्जिद तकिया कवलदह के इमाम मौलाना जहांगीर अजीजी, जामा मस्जिद सौदागर के इमाम कारी मोहसिन बरकाती, मोहम्मद अफजल, मकसूद आलम आदि मौजूद रहे।
बसंत सराय के पीछे बसंतपुर खास में स्थानीय मुस्लिम बच्चों के लिए कायम किए गए मकतब ‘इस्लामियात’ का उद्घाटन शनिवार को मुफ्ती अख्तर हुसैन ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इंसान की जिंदगी में शिक्षा का महत्व सबसे अधिक है। शिक्षा के बगैर इंसान का विकास संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि समाज के भीतर शिक्षा को लेकर जागरूकता लाई जाए। जब तक लोग शैक्षणिक दृष्टिकोण से जागरूक नहीं होंगे, तब तक सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता है। मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि इस्लाम में शिक्षा का महत्व सर्वोपरि है। इस्लाम ने शिक्षा हासिल करने की बड़ी ताकीद की है। इसलिए बच्चों को बेहतर से बेहतर तालीम दिलानी चाहिए। इसके बिना मुकम्मल इंसान नहीं बना जा सकता। शहर में जहां-जहां दीनी तालीमगाह की जरूरत होगी। वहां भी यह मकतब कायम कर शिक्षा बच्चों तक पहुंचाई जाएगी। दरगाह मुबारक खां मस्जिद के इमाम मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही, सुभानिया मस्जिद तकिया कवलदह के इमाम मौलाना जहांगीर अजीजी, जामा मस्जिद सौदागर के इमाम कारी मोहसिन बरकाती, मोहम्मद अफजल, मकसूद आलम आदि मौजूद रहे।
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