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...तो कुछ और ही होता रेलवे स्टेशन का नजारा
Wed, 23 Jan 2019 11:55 PM IST
ajay Kumar
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Published by: ajay Kumar
Updated Wed, 23 Jan 2019 11:55 PM IST
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मंगलवार की रात बिजली निगम के वर्कशॉप में आग लग गई।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। रेलवे स्टेशन गेट नंबर दो के सामने बिजली निगम के वर्कशाप में आग लगने के बाद सिटी मॉल के मोटर के चलते बड़ा हादसा नहीं हुआ। अगर उस मोटर से पानी का इंतजाम नहीं किया गया होता तो आग फैल कर वर्कशाप परिसर में रखे ट्रांसफार्मर में भी लग जाती। उसके बाद आग रेलवे स्टेशन की तरफ भी पहुंच सकती थी। मंगलवार की देर रात बारिश होने से शहर के कई उपकेंद्रों, फीडरों के इंसुलेटर खराब हो गए। उससे शहर के आधे से अधिक इलाके में आपूर्ति ठप हो गई।
उसमें गोलघर का फायर स्टेशन भी शामिल था। रात में अचानक आग लगने की सूचना पर जितनी फायर की गाड़ियों में पानी का इंतजाम थे, मौके पर पहुंचाया गया। गाड़ियां खाली होती गईं, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। तब जाकर सिटी मॉल के मोटर से पानी की सप्लाई की गई। उसके बाद लगातार बुधवार की सुबह पांच बजे तक फायर की गाड़ियां आग बुझाती रहीं। परिसर में लगभग साढ़े पांच सौ ट्रांसफार्मर सप्लाई के लिए और 650 मरम्मत के लिए रखे गए थे। अगर ट्रांसफार्मर में आग लग जाती तो रेलवे स्टेशन का नजारा कुछ अलग ही होता।
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उसमें गोलघर का फायर स्टेशन भी शामिल था। रात में अचानक आग लगने की सूचना पर जितनी फायर की गाड़ियों में पानी का इंतजाम थे, मौके पर पहुंचाया गया। गाड़ियां खाली होती गईं, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। तब जाकर सिटी मॉल के मोटर से पानी की सप्लाई की गई। उसके बाद लगातार बुधवार की सुबह पांच बजे तक फायर की गाड़ियां आग बुझाती रहीं। परिसर में लगभग साढ़े पांच सौ ट्रांसफार्मर सप्लाई के लिए और 650 मरम्मत के लिए रखे गए थे। अगर ट्रांसफार्मर में आग लग जाती तो रेलवे स्टेशन का नजारा कुछ अलग ही होता।
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परिसर में ट्रांसफार्मर
25, 63, 100, 250, 400 केवीए के 550 ट्रांसफार्मर सही। इतने ही केवीए के खराब 650 ट्रांसफार्मर खराब। उसके अलावा 50 फायर इंस्युग्लेटर भी हैं। आग बुझाने के पर्याप्त साधन नहीं हैं। मंगलवार को भी फायर इंस्युग्लेटर आग को नियंत्रित नहीं कर सके थे।
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