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कचहरी ग्राउंड में पटाखों की बिक्री पर ग्रहण
Updated Thu, 05 Oct 2017 01:32 AM IST
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गोरखपुर। शहर में पटाखे की बिक्री के लिए इस साल अस्थाई दुकानों की जगहों में थोड़ा बदलाव हो सकता है। दिवाली पर आगजनी को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। अस्थाई दुकानों के लिए लाइसेंस जारी करने के पहले अग्निशमन विभाग को संबंधित स्थानों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। अभी तक की जांच में अग्निशमन विभाग ने कचहरी ग्राउंड में पटाखों की बिक्री पर आपत्ति जताते हुए उसे सुरक्षित नहीं बताया है। विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि घनी आबादी होने से आगजनी की घटना के दौरान बचाव कार्य में दिक्कत होगी।
प्रशासन अब इस स्थान के बदले में पटाखों की बिक्री के लिए दूसरा स्थान तलाश रहा है। शहर में करीब 12 स्थानों पर पटाखों की बिक्री की तैयारी है। अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट आने के बाद लाइसेंस जारी करने का काम शुरू हो जाएगा। उधर, शासन की तरफ से एनसीआर में पटाखों की अस्थाई दुकानों की संख्या घटाने संबंधी निर्देश के बाद यहां भी दुकानें कम करने की तैयारी की जा रही थी, मगर डीएम राजीव रौतेला ने बुधवार को इसपर रोक लगा दी। उन्होंने अफसरों से कहा कि दुकानों की संख्या कम करने के बजाए सतर्क रहने की जरूरत है। वैसे भी शासन का यह निर्देश गोरखपुर के लिए नहीं है।
सभी दुकानों की जांच के आदेश
जिले में पटाखा बनाने और बेचने के लिए 43 लोगों के पास लाइसेंस है। इनमें करीब 20 सिर्फ पटाखा बना सकते हैं। शासन के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने सभी थानाध्यक्ष को अपने-अपने क्षेत्र के गोदाम और दुकानों की जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि थानाध्यक्षों से कहा गया है कि अगर कहीं भी नियमों की अनदेखी कर पटाखों का निर्माण या बिक्री होती मिले तो संबंधित के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
प्रशासन अब इस स्थान के बदले में पटाखों की बिक्री के लिए दूसरा स्थान तलाश रहा है। शहर में करीब 12 स्थानों पर पटाखों की बिक्री की तैयारी है। अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट आने के बाद लाइसेंस जारी करने का काम शुरू हो जाएगा। उधर, शासन की तरफ से एनसीआर में पटाखों की अस्थाई दुकानों की संख्या घटाने संबंधी निर्देश के बाद यहां भी दुकानें कम करने की तैयारी की जा रही थी, मगर डीएम राजीव रौतेला ने बुधवार को इसपर रोक लगा दी। उन्होंने अफसरों से कहा कि दुकानों की संख्या कम करने के बजाए सतर्क रहने की जरूरत है। वैसे भी शासन का यह निर्देश गोरखपुर के लिए नहीं है।
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सभी दुकानों की जांच के आदेश
जिले में पटाखा बनाने और बेचने के लिए 43 लोगों के पास लाइसेंस है। इनमें करीब 20 सिर्फ पटाखा बना सकते हैं। शासन के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने सभी थानाध्यक्ष को अपने-अपने क्षेत्र के गोदाम और दुकानों की जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि थानाध्यक्षों से कहा गया है कि अगर कहीं भी नियमों की अनदेखी कर पटाखों का निर्माण या बिक्री होती मिले तो संबंधित के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
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