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तेंदुए की आहट से गांव के लोगों में दहशत
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:29 AM IST
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तेंदुए की आहट से ग्रामीणों में दहशत
अमर उजाला ब्यूरो
कोठीभार। सिसवा विकास खंड के ग्राम सभा गुरली रामगढ़वा के लोग तेंदुआ गांव में घुसने के डर से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन खेतों में तेंदुआ जानवरों को शिकार बना रहा है। गांव के लोगों का दावा है कि तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ गन्ने के खेत में दिखा।
गुरली गांव के निवासी शम्भू राजभर का कहना है कि गांव के करीब गन्ने के खेतों में तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ दिखा। रविवार की रात गांव के प्राथमिक पाठशाला परिसर में किसी जानवर को मारकर खाने के भी निशान मिले हैं। कुछ दिन पहले भी परदेशी की झोपड़ी से उसकी बकरी को तेंदुए उठा ले गया था। सबया निवासी रजनीश कुमार पांडेय ने बताया कि सोमवार को वह अपने खेत में खाद डालने गये थे, तभी उनकी नजर तेंदुए और उसके शावकों पर पड़ी। जिसे देखने के बाद वह खेत में बिना खाद डाले वापस चले आए। गुरली गांव के ही जाहिर अहमद ने कहा कि एक महीने से दहशत के कारण गांव के लोगों का खेतों में जाना मुश्किल हो गया है। गांव और खेतों में अक्सर तेंदुए के हमले से कुत्ते मरे पड़े मिलते हैं। कई बार वन विभाग को भी सूचित किया जा चुका है लेकिन अभी तक विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीएफओ मनीष कुमार सिंह ने लोगों को सचेत रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम को जांच के लिए भेजी जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
कोठीभार। सिसवा विकास खंड के ग्राम सभा गुरली रामगढ़वा के लोग तेंदुआ गांव में घुसने के डर से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन खेतों में तेंदुआ जानवरों को शिकार बना रहा है। गांव के लोगों का दावा है कि तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ गन्ने के खेत में दिखा।
गुरली गांव के निवासी शम्भू राजभर का कहना है कि गांव के करीब गन्ने के खेतों में तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ दिखा। रविवार की रात गांव के प्राथमिक पाठशाला परिसर में किसी जानवर को मारकर खाने के भी निशान मिले हैं। कुछ दिन पहले भी परदेशी की झोपड़ी से उसकी बकरी को तेंदुए उठा ले गया था। सबया निवासी रजनीश कुमार पांडेय ने बताया कि सोमवार को वह अपने खेत में खाद डालने गये थे, तभी उनकी नजर तेंदुए और उसके शावकों पर पड़ी। जिसे देखने के बाद वह खेत में बिना खाद डाले वापस चले आए। गुरली गांव के ही जाहिर अहमद ने कहा कि एक महीने से दहशत के कारण गांव के लोगों का खेतों में जाना मुश्किल हो गया है। गांव और खेतों में अक्सर तेंदुए के हमले से कुत्ते मरे पड़े मिलते हैं। कई बार वन विभाग को भी सूचित किया जा चुका है लेकिन अभी तक विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीएफओ मनीष कुमार सिंह ने लोगों को सचेत रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम को जांच के लिए भेजी जाएगी।
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