फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   डायरिया पीड़ित उनवल में फिर दो की मौत

डायरिया पीड़ित उनवल में फिर दो की मौत

Thu, 14 Sep 2017 01:48 AM IST
Updated Thu, 14 Sep 2017 01:48 AM IST
विज्ञापन
डायरिया पीड़ित उनवल में फिर दो की मौत

विज्ञापन
गोरखपुर/उनवल।
डायरिया पीड़ित उनवल कस्बा बुधवार को एक बार फिर दो मौतों से सिहर उठा। अब तक यहां सात मौतें हो चुकी हैं। इसके चलते यहां लोगों में दहशत का आलम अब ये है कि लोग अब पलायन की सोचने लगे हैं।
बीमारी के चलते लालू साहनी के घर की छह वर्षीय पुत्री और दो दिन पहले पैदा हुई चिंगारी विश्वकर्मा की बेटी की बुधवार को मौत हो गई। लालू साहनी और चिंगारी विश्वकर्मा ने बताया कि उनकी बेटी को उल्टी-दस्त शुरू हुआ तो उनवल एडिशनल पीएचसी पर ले गए। डॉक्टरों ने दवाएं दीं, लेकिन लाभ नहीं हुआ। स्थानीय निवासी राकेश त्रिपाठी ने बताया कि कस्बे के लोग बीमारी को लेकर अब दहशत में आ गए हैं। सरकारी अस्पताल जाकर भी जान नहीं बच पा रही है। लोग घर छोड़ रिश्तेदारी में शरण लेने की सोचने लगे हैं।
विज्ञापन


डरे अभिभावकों ने बच्चों को रिश्तेदारी भेजा
डायरिया के प्रकोप के बीच रोज हो रही मौतों से दहशत में आए कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को रिश्तेदारों के घर भेज दिया है। जन्मेजय, मोहन साहनी, परशुराम, लालू साहनी, पप्पू, संतोष, शैलेंद्र आदि लोगों ने अपने बच्चों को रितेदारों के यहां भेजा है। इन लोगों ने बताया कि कुछ दिन बच्चों से दूरी सह लेंगे, लेकिन उनकी जान चली गई तो जिंदगी खुद को कोसने में गुजर जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सफाई के नाम पर खानापूरी
एडीओ पंचायत जनार्दन दुबे ने उनवल तीन ब्लॉक के सफाई कर्मी लगाए लेकिन फिर भी यहां सफाई के नाम पर बस खानापूरी हो रही है। उनवल कस्बे और अगलबगल के गांव महामारी से जूझ रहे हैं। फिर भी सफाई कर्मी मौज काट रहे हैं। पिंकू यादव, संतोष शुक्ला, अवेद्य मिश्र आदि ने बताया कि इतनी भारी भरकम टीम लगाने के बाद भी इलाके की सफाई ठीक से नहीं हो पा रही।

100 नए मरीज पंजीकृत, 14 रेफर
बुधवार को उनवल एडिशनल पीएचसी पर 100 नए मरीज पंजीकृत किए गए। इनमें 14 मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी समेत संक्रामक रोग अस्पताल में उनवल से लाए गए मरीज दयावंती, प्रीति, मुस्कान, सपना, आदर्श, भिखारी, पिंकी, रीना, चंद्रकेश, सोनमती, अर्चना, सुमन, गंगा साहनी और कलावती का इलाज चल रहा है।

एक फार्मासिस्ट के भरोसे संक्रामक रोग अस्पताल
गोरखपुर। जिला संक्रामक रोग अस्पताल में दो फार्मासिस्ट और इतने ही वार्ड ब्वाय के पद स्वीकृत हैं, लेकिन तैनाती एक-एक की है। इसके चलते यहां आने वाले मरीजों के इलाज में मुश्किल आ रही है। इस समय 10 बेड का यह अस्पताल फुल चल रहा है, लेकिन मैन पावर हाफ है।

गर्मी में लिटाए जा रहे मरीज
गोरखपुर। जिला संक्रामक रोग अस्पताल में पिछले दिनों निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने बरामदे में दो पंखे लगाने के लिए कहा था। इस आदेश पर महीने बाद भी अमल नहीं हुआ। इसके चलते वार्ड फुल होने के बाद बरामदे में फोल्डिंग चारपाई डालकर लिटाए गए मरीजों को गर्मी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल के कार्यालय में एलईडी लाइटें भी लगनी थीं। सूत्रों की माने तो भुगतान लेने के बाद भी ठेकेदार ने ये काम पूरा नहीं कराए।


सजगता से होगी डायरिया से सुरक्षा
सीएमओ डॉ. रवींद्र कुमार ने बताया कि डायरिया के लक्षण सामने आते ही मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र ले आएं। उल्टी-दस्त के चलते शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे उबरने के लिए मरीजों को ओआरएस या नमक-पानी का घोल पिलाना चाहिए। पानी उबालकर इस्तेमाल करना चाहिए। इसके साथ ही बासी खाने और छोटी मछलियों के सेवन से परहेज करना चाहिए। उन्होंने बताया कि डायरिया पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए सात डॉक्टरों को उनवल में तैनात किया गया है। साथ ही क्लोरीन की गोलियां भी पूरे क्षेत्र में बांटी गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed