देवरिया। 14 अक्टूबर को हुए सरौरा कांड की चिंगारी बुझने का नाम नहीं ले रही है। आरोपी पक्ष के आवेदन पर सीजेएम कोर्ट ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजय प्रताप यादव समेत सात के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद कोतवाली पुलिस हरकत में आई और सभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। दरअसल, जिस जमीन पर आरोपी पक्ष पेट्रोल पंप का निर्माण करा रहे थे, उसका गांववाले विरोध कर रहे थे। कई बार सुलह के भी प्रयास हुए था, लेकिन गांववाले मानने को तैयार नहीं थे। ऐसे में 14 अक्टूबर को सरौरा में हुई। ताबड़तोड़ फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई थी और नौ लोग घायल हुए थे। दिल दहला देने वाली इस घटना की धमक शासन तक भी पहुंची थी। इस मामले में आरोपी पक्ष के कई लोग जेल में बंद हैं। रुद्रपुर कोतवाली इलाके के जोकहा के छोटेलाल पांडेय ने कोर्ट में दिए आवेदन में कहा था कि उनके नाम सरौरा में पेट्रोल पंप आवंटित है। इसके पहले पेट्रोल पंप अजय यादव पुत्र स्वर्गीय रामनगीना यादव, निवासी भटवलिया, सदर कोतवाली के नाम आवंटित हुआ था। सर्टिफिकेट फर्जी मिलने के कारण आवंटन निरस्त कर दिया गया था। लिहाजा उन लोगों ने धमकी दी थी कि पेट्रोल पंप नहीं लगने देंगे। साजिश के तहत गांववालों को भड़काया गया। गोली उनके पक्ष से नहीं बल्कि दूसरे पक्ष ने चलवाई थी। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजय यादव, उनके भाई अजय यादव, रामप्रवेश यादव निवासी भटवलिया चौराहा, संजय सिंह ऊर्फ नरेंद्र सिंह निवासी बढ़या बुजुर्ग, सदर कोतवाली, सुभाष यादव निवासी जोकहा खास, रुद्रपुर, योगेंद्र कुशवाहा निवासी सरौरा, कोतवाली और प्रिंस सिंह निवासी रामपुर खुरहुरिया, भटनी के खिलाफ बलवा, जानलेवा हमला समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। कोतवाली के एसएसआई श्रवण यादव का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।