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‘रसूल-ए-पाक पूरी दुनिया के लिए आदर्श’
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 26 Nov 2017 01:47 AM IST
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नार्मल स्थित दरगाह।
- फोटो : Amar Ujala
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नार्मल स्थित दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद पर 12 दिवसीय महफिल-ए-सीरतुन्नबी पांचवें दिन शनिवार को भी जारी रहा। महफिल को खिताब करते हुए मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने रसूल-ए-पाक को दुनिया के लिए आदर्श बताया।
उन्होंने कहा कि रसूल-ए-पाक दुनिया के लिए रहमत-ए-नूर हैं। कयामत के दिन आप ही सबसे पहले उम्मत की शफाअत फरमाएंगे, बंदों के गुनाह माफ कराएंगे। उनकी तालीमात पर अमल करके हम दीन व दुनिया की कामयाबी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से कुरआन व शरीयत के बताए रास्ते पर चलने की अपील की। कहा कि जब अरब में आडंबर, सामाजिक बुराइयों, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और नवजात बच्चियों की हत्या का दौर चल रहा था, तब इनके खिलाफ रसूल-ए-पाक ने आवाज उठाई। उनकी राह में तरह-तरह की मुश्किलें पैदा की गईं, लेकिन वह आगे बढ़ते चले गए और बुराइयों का खात्मा किया।
इस मौके पर अहमद फराज, इकरार अहमद, अब्दुल अजीज, सैफ अली, मो. अजीम, कैश रजा, मो. इब्राहीम, कारी महबूब आलम आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि रसूल-ए-पाक दुनिया के लिए रहमत-ए-नूर हैं। कयामत के दिन आप ही सबसे पहले उम्मत की शफाअत फरमाएंगे, बंदों के गुनाह माफ कराएंगे। उनकी तालीमात पर अमल करके हम दीन व दुनिया की कामयाबी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से कुरआन व शरीयत के बताए रास्ते पर चलने की अपील की। कहा कि जब अरब में आडंबर, सामाजिक बुराइयों, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और नवजात बच्चियों की हत्या का दौर चल रहा था, तब इनके खिलाफ रसूल-ए-पाक ने आवाज उठाई। उनकी राह में तरह-तरह की मुश्किलें पैदा की गईं, लेकिन वह आगे बढ़ते चले गए और बुराइयों का खात्मा किया।
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इस मौके पर अहमद फराज, इकरार अहमद, अब्दुल अजीज, सैफ अली, मो. अजीम, कैश रजा, मो. इब्राहीम, कारी महबूब आलम आदि मौजूद रहे।