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देवरिया बिजली--- आर
Updated Wed, 28 Nov 2018 10:16 PM IST
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दिया कनेक्शन, टांगा मीटर पर नहीं आती बिजली
- बनकटा ब्लॉक के इंगुरी सराय गांव के 25 घर ‘सौभाग्य’ से वंचित
- दिशा की बैठक में सांसद ने उठाया था मुद्दा, फिर भी जिम्मेदार लापरवाह
नवीन सिंह बघेल
भाटपाररानी। आजादी के 70 साल बाद भी देश के चार करोड़ घरों में बिजली नहीं है। इन घरों में जब बिजली आएगी तो इनका भाग्य चमकेगा। इनका सौभाग्य होगा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख से निकला यह ‘सौभाग्य’ आज भी जनपद के बनकटा ब्लॉक के इंगुरी सराय गांव के 25 से अधिक घरों में नहीं पहुंच पाया है। बिजली निगम के अधिकारियों ने इस ‘सौभाग्य’ की राह में इतने ‘रोड़े’ खड़े कर दिए हैं कि योजना इस गांव तक का सफर तय नहीं कर पाई है। योजना के तहत गांव में लोगों को कनेक्शन देकर मीटर टांग दिए गए हैं पर बिजली के दर्शन आज तक नहीं हुए। अब लोगों को डर सता रहा है कि निगम कहीं बिजली का बिल न भेज दे।
पीएम ने कहा था कि करीब सवा सौ साल पहले जब एडिसन ने बल्ब का आविष्कार किया था तो कहा गया था कि एक दिन बिजली इतनी सस्ती हो जाएगी कि मोमबत्तियां केवल अमीर लोग जलाएंगे। इंगुरी सराय गांव के लोग भी मोमबत्तियां जलाते हैं, लेकिन ये अमीर नहीं हैं। ये हालात के मारे लोग हैं, जो कहीं पीछे छूट गए हैं। ये आज भी लालटेन और दीये की रोशनी के भरोसे हैं। यहां महिलाएं रसोई का काम शाम ढलने से पहले ही निपटा लेना चाहती हैं। बच्चे स्कूल का होमवर्क भी अंधेरा होने से पहले पूरा कर लेना चाहते हैं। गौरतलब है कि गांव में साढ़े तीन सौ से अधिक घर हैं। करीब सवा तीन सौ घरों में बिजली आती है, लेकिन गांव के एक हिस्से में बसे 25 से अधिक परिवार आज भी इससे वंचित हैं।
गांव की इस बदहाली से जिम्मेदार अनजान हैं, ऐसा नहीं है। निगम से लेकर जनप्रतिनिधि तक को इसकी जानकारी है। सलेमपुर के सांसद रवींद्र कुशवाहा दिशा की बैठक में इस मामले को उठा चुके हैं। इसके बाद भी लोगों के हालात नहीं बदले। जिले में दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। पांच माह पहले इंगुरी सराय गांव में बिजली निगम के लोग पहुंचे। बिजली से वंचित ग्रामीणों को कनेक्शन मिला और उनके घरों में मीटर टांग दिए गए, पर बिजली आज तक नहीं आई। आसपास के गांवों को रोशनी में चमकता देख यहां के लोग अब सरकार और प्रशासन को कोसने लगे हैं।
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ग्रामीण भयभीत, कहीं आ न जाए बिल
- कनेक्शन धारक इसराइल अंसारी, राजेंद्र कुशवाहा, हनीफ अंसारी, अमीर अंसारी, सादिक अंसारी, रामानन्द, दिनेश कुशवाहा, नासिर अंसारी, सुरेंद्र बारी आदि का कहना है कि सरकार की योजना तो ठीक है, लेकिन अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। गांव में बिजली के ताल डाले गए कनेक्शन मिला और मीटर भी लग गए, लेकिन पांच माह बीतने के बाद भी आपूर्ति शुरू नहीं हुई। अब डर है कि कहीं निगम के अफसर बिल न भेज दें।
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विधायक बोले, आंकड़े गिना रही सरकार
- भाटपाररानी के सपा विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय का कहना है कि सरकार बस आंकड़े गिना रही है। एक तरफ ऊर्जा मंत्री एक ट्वीट पर कार्रवाई का दावा करते हैं तो दूसरी ओर कनेक्शन के बाद भी बिजली नहीं मिल रही। सरकार गरीबों के साथ मजाक कर ही है। भ्रष्टाचार का बोलबाला है।
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कोट---
- प्राइवेट कंपनियों की ओर से कार्य कराया गया है। सलेमपुर डिवीजन में इंगुरी सराय गांव के साथ चार अन्य गांव में अभी काम पूरा नहीं हुआ है। समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जब तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं होती बिल नहीं भेजा जाएगा। लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। आपूर्ति जल्द शुरू हो जाएगी।
- राममूरत राम, एक्सईएन, सलेमपुर।
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दिया कनेक्शन, टांगा मीटर पर नहीं आती बिजली
- बनकटा ब्लॉक के इंगुरी सराय गांव के 25 घर ‘सौभाग्य’ से वंचित
- दिशा की बैठक में सांसद ने उठाया था मुद्दा, फिर भी जिम्मेदार लापरवाह
नवीन सिंह बघेल
भाटपाररानी। आजादी के 70 साल बाद भी देश के चार करोड़ घरों में बिजली नहीं है। इन घरों में जब बिजली आएगी तो इनका भाग्य चमकेगा। इनका सौभाग्य होगा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख से निकला यह ‘सौभाग्य’ आज भी जनपद के बनकटा ब्लॉक के इंगुरी सराय गांव के 25 से अधिक घरों में नहीं पहुंच पाया है। बिजली निगम के अधिकारियों ने इस ‘सौभाग्य’ की राह में इतने ‘रोड़े’ खड़े कर दिए हैं कि योजना इस गांव तक का सफर तय नहीं कर पाई है। योजना के तहत गांव में लोगों को कनेक्शन देकर मीटर टांग दिए गए हैं पर बिजली के दर्शन आज तक नहीं हुए। अब लोगों को डर सता रहा है कि निगम कहीं बिजली का बिल न भेज दे।
पीएम ने कहा था कि करीब सवा सौ साल पहले जब एडिसन ने बल्ब का आविष्कार किया था तो कहा गया था कि एक दिन बिजली इतनी सस्ती हो जाएगी कि मोमबत्तियां केवल अमीर लोग जलाएंगे। इंगुरी सराय गांव के लोग भी मोमबत्तियां जलाते हैं, लेकिन ये अमीर नहीं हैं। ये हालात के मारे लोग हैं, जो कहीं पीछे छूट गए हैं। ये आज भी लालटेन और दीये की रोशनी के भरोसे हैं। यहां महिलाएं रसोई का काम शाम ढलने से पहले ही निपटा लेना चाहती हैं। बच्चे स्कूल का होमवर्क भी अंधेरा होने से पहले पूरा कर लेना चाहते हैं। गौरतलब है कि गांव में साढ़े तीन सौ से अधिक घर हैं। करीब सवा तीन सौ घरों में बिजली आती है, लेकिन गांव के एक हिस्से में बसे 25 से अधिक परिवार आज भी इससे वंचित हैं।
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गांव की इस बदहाली से जिम्मेदार अनजान हैं, ऐसा नहीं है। निगम से लेकर जनप्रतिनिधि तक को इसकी जानकारी है। सलेमपुर के सांसद रवींद्र कुशवाहा दिशा की बैठक में इस मामले को उठा चुके हैं। इसके बाद भी लोगों के हालात नहीं बदले। जिले में दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। पांच माह पहले इंगुरी सराय गांव में बिजली निगम के लोग पहुंचे। बिजली से वंचित ग्रामीणों को कनेक्शन मिला और उनके घरों में मीटर टांग दिए गए, पर बिजली आज तक नहीं आई। आसपास के गांवों को रोशनी में चमकता देख यहां के लोग अब सरकार और प्रशासन को कोसने लगे हैं।
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ग्रामीण भयभीत, कहीं आ न जाए बिल
- कनेक्शन धारक इसराइल अंसारी, राजेंद्र कुशवाहा, हनीफ अंसारी, अमीर अंसारी, सादिक अंसारी, रामानन्द, दिनेश कुशवाहा, नासिर अंसारी, सुरेंद्र बारी आदि का कहना है कि सरकार की योजना तो ठीक है, लेकिन अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। गांव में बिजली के ताल डाले गए कनेक्शन मिला और मीटर भी लग गए, लेकिन पांच माह बीतने के बाद भी आपूर्ति शुरू नहीं हुई। अब डर है कि कहीं निगम के अफसर बिल न भेज दें।
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विधायक बोले, आंकड़े गिना रही सरकार
- भाटपाररानी के सपा विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय का कहना है कि सरकार बस आंकड़े गिना रही है। एक तरफ ऊर्जा मंत्री एक ट्वीट पर कार्रवाई का दावा करते हैं तो दूसरी ओर कनेक्शन के बाद भी बिजली नहीं मिल रही। सरकार गरीबों के साथ मजाक कर ही है। भ्रष्टाचार का बोलबाला है।
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कोट---
- प्राइवेट कंपनियों की ओर से कार्य कराया गया है। सलेमपुर डिवीजन में इंगुरी सराय गांव के साथ चार अन्य गांव में अभी काम पूरा नहीं हुआ है। समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जब तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं होती बिल नहीं भेजा जाएगा। लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। आपूर्ति जल्द शुरू हो जाएगी।
- राममूरत राम, एक्सईएन, सलेमपुर।