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दूसरे दिन श्रद्धा से पूजी गईं मां ब्रह्मचारिणी
Updated Fri, 22 Sep 2017 09:55 PM IST
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गोरखपुर।
नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को देवी मंदिरों पर भक्तों की पूरे दिन भीड़ रही। सुबह से ही देवी मंदिर घंटे-घड़ियाल के शोर से गुंजायमान रहे। पूरे दिन मंदिरों पर दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा।
नवरात्र के दूसरे दिन लोगों ने माता के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की उपासना की। घरों पर जहां लोगों ने दुर्गा सप्तशती का पाठ कर मां की विधिवत उपासना की वहीं मंदिरों में भी सौभाग्य की कामना की। शहर के गोलघर काली मंदिर, कालीबाड़ी काली मंदिर आदि देवी मंदिरों में दिन भर भक्तों का आनाजाना लगा रहा। अगरबत्ती, धूप और कपूर की महक से मंदिरों के आसपास का माहौल देवीमय हो उठा। शहर के सभी छोटे-बड़े देवी मंदिरों पर भक्तों का उत्साह देखते ही बना। मंदिरों के सामने पूजा सामग्री और प्रसाद की दुकानों पर भीड़, मेले का अहसास करा रही थी। यहां भक्तों ने पूजन सामग्री और नारियल खरीदा। इसे माता को अर्पित करके मंगलकामना की। मंदिरों पर लगे लाउडस्पीकर से तड़के ही देवी गीत गूंजने लगे। इसके स्वर देर शाम तक माहौल को देवी भक्ति से भरते रहे।
बारिश ने बढ़ाया पूजा पंडालों में काम
बारिश के चलते पंडालों पर पूजा समितियों का काम बढ़ गया। कई जगहों पर पंडाल में पानी भर गया। दुर्गा पूजा समिति के सदस्य पानी निकालने के लिए पसीना बहाते नजर आए। कुछ पंडालों में जहां मूर्तियां तैयार हो रही हैं, वहां समिति के सदस्य उसे बचाने की जिद्दोजहद करते नजर आए। सुबह बारिश के बीच दुर्गा पूजा पंडालों में पूजन कार्यक्रम जैसे-तैसे निपटाया गया। शाम के वक्त आसपास के लोगों ने माता भगवती की सामूहिक आरती कर पुण्य अर्जित किया। अधिकतर पंडालों में अभी कलश स्थापित कर और माता का चित्र रखकर पूजा की जा रही है।
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सड़क पर गूंजते रहे मां के जयकारे
दुर्गा पूजा पंडालों पर मूर्तियों की स्थापना का काम तेजी से चल रहा है। विभिन्न समितियों के सदस्य शुक्रवार को मूर्तिकारों के पास पहुंचे। यहां से प्रतिमा लेकर हर्षोल्लास के साथ पंडाल पर पहुंचे। इस यात्रा के दौरान पूरे रास्ते भर समितियों के सदस्य जयकारे लगाते रहे।
नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को देवी मंदिरों पर भक्तों की पूरे दिन भीड़ रही। सुबह से ही देवी मंदिर घंटे-घड़ियाल के शोर से गुंजायमान रहे। पूरे दिन मंदिरों पर दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा।
नवरात्र के दूसरे दिन लोगों ने माता के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की उपासना की। घरों पर जहां लोगों ने दुर्गा सप्तशती का पाठ कर मां की विधिवत उपासना की वहीं मंदिरों में भी सौभाग्य की कामना की। शहर के गोलघर काली मंदिर, कालीबाड़ी काली मंदिर आदि देवी मंदिरों में दिन भर भक्तों का आनाजाना लगा रहा। अगरबत्ती, धूप और कपूर की महक से मंदिरों के आसपास का माहौल देवीमय हो उठा। शहर के सभी छोटे-बड़े देवी मंदिरों पर भक्तों का उत्साह देखते ही बना। मंदिरों के सामने पूजा सामग्री और प्रसाद की दुकानों पर भीड़, मेले का अहसास करा रही थी। यहां भक्तों ने पूजन सामग्री और नारियल खरीदा। इसे माता को अर्पित करके मंगलकामना की। मंदिरों पर लगे लाउडस्पीकर से तड़के ही देवी गीत गूंजने लगे। इसके स्वर देर शाम तक माहौल को देवी भक्ति से भरते रहे।
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बारिश ने बढ़ाया पूजा पंडालों में काम
बारिश के चलते पंडालों पर पूजा समितियों का काम बढ़ गया। कई जगहों पर पंडाल में पानी भर गया। दुर्गा पूजा समिति के सदस्य पानी निकालने के लिए पसीना बहाते नजर आए। कुछ पंडालों में जहां मूर्तियां तैयार हो रही हैं, वहां समिति के सदस्य उसे बचाने की जिद्दोजहद करते नजर आए। सुबह बारिश के बीच दुर्गा पूजा पंडालों में पूजन कार्यक्रम जैसे-तैसे निपटाया गया। शाम के वक्त आसपास के लोगों ने माता भगवती की सामूहिक आरती कर पुण्य अर्जित किया। अधिकतर पंडालों में अभी कलश स्थापित कर और माता का चित्र रखकर पूजा की जा रही है।
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सड़क पर गूंजते रहे मां के जयकारे
दुर्गा पूजा पंडालों पर मूर्तियों की स्थापना का काम तेजी से चल रहा है। विभिन्न समितियों के सदस्य शुक्रवार को मूर्तिकारों के पास पहुंचे। यहां से प्रतिमा लेकर हर्षोल्लास के साथ पंडाल पर पहुंचे। इस यात्रा के दौरान पूरे रास्ते भर समितियों के सदस्य जयकारे लगाते रहे।