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पुलिस ने सपाइयों से सरकार का पुतला छिना
Updated Sun, 30 Sep 2018 12:48 AM IST
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सीएम का पुतला जलाने जा रहे सपाइयों से पुलिस की नोकझोंक
लखनऊ की घटना के विरोध में कर रहे थे प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। लखनऊ की घटना के विरोध में शनिवार को शास्त्री चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला जलाने पहुंचे समाजवादी पार्टी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोंकझोंक हुई। इस दौरान पुलिस ने उनसे पुतला छीन लिया।
छात्रसभा के जिलाध्यक्ष गविश दूबे के नेतृत्व में कार्यकर्ता दोपहर 3:30 बजे के करीब शास्त्री चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला जलाने पहुंचे। मुख्यमंत्री के शहर में होने पर पहले से सतर्क पुलिस, प्रशासन के अफसर तत्काल हरकत में आ गए। एडीएम (प्रशासन) प्रभुनाथ, एसडीएम सदर गजेंद्र कुमार, सीओ कैंट प्रभात राय, सीओ कोतवाली वीपी सिंह के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस ने शास्त्री चौक पर मोर्चा संभाल लिया। सपाई जैसे ही पुतला लेकर पहुंचे। पुलिस ने उनके हाथ से पुतला छीन लिया। जिलाध्यक्ष गविश दूबे और शब्बीर कुरैशी ने कहा कि योगी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में पुलिस बेलगाम हो गई है। अपना नंबर बढ़ाने के लिए पुलिस आम आदमी का एनकाउंटर कर रही है। विरोध करने वालों में विवेक तिवारी, अभिषेक यादव, नफीस अंसारी, जितेंद्र यादव, आकाश, आफताब आलम, राहुल यादव, अंकुर भट्ट, विनय यादव आदि थे।
भय और भ्रष्टाचार की पर्याय बनी पुलिस: प्रहलाद
गोरखपुर। जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से लखनऊ में हुई घटना की निंदा करते हुए कहा कि यूपी पुलिस सुरक्षा नहीं भय और भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई है। पुलिस की नजर में आम आदमी और अपराधी में कोई अंतर नहीं रह गया है। फर्जी एनकाउंटर की लगातार हो रही घटनाएं सरकार की मंशा को दर्शाती हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को पांच करोड़ रुपये का मुआवजा व दोषी पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उधर कलेक्ट्रेट में हुई एक बैठक के दौरान सपा के पूर्व महानगर उपाध्यक्ष व अधिवक्ता व्यंकटेश्वर नाथ तिवारी और कीर्ति निधि पांडेय ने कहा कि लखनऊ की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश की पुलिस पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है। बैठक में कार्यकर्ताओं ने मृतक की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा। इस दौरान गंगेश्वर तिवारी, शिवलाल यादव, प्रखर यादव, शकील शाही, अश्वनी सिंह, राजेश यादव, अनिमेष पांडेय, अरविंद्र यादव, अख्तर सिद्दकी आदि मौजूद रहे।
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लखनऊ की घटना के विरोध में कर रहे थे प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। लखनऊ की घटना के विरोध में शनिवार को शास्त्री चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला जलाने पहुंचे समाजवादी पार्टी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोंकझोंक हुई। इस दौरान पुलिस ने उनसे पुतला छीन लिया।
छात्रसभा के जिलाध्यक्ष गविश दूबे के नेतृत्व में कार्यकर्ता दोपहर 3:30 बजे के करीब शास्त्री चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला जलाने पहुंचे। मुख्यमंत्री के शहर में होने पर पहले से सतर्क पुलिस, प्रशासन के अफसर तत्काल हरकत में आ गए। एडीएम (प्रशासन) प्रभुनाथ, एसडीएम सदर गजेंद्र कुमार, सीओ कैंट प्रभात राय, सीओ कोतवाली वीपी सिंह के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस ने शास्त्री चौक पर मोर्चा संभाल लिया। सपाई जैसे ही पुतला लेकर पहुंचे। पुलिस ने उनके हाथ से पुतला छीन लिया। जिलाध्यक्ष गविश दूबे और शब्बीर कुरैशी ने कहा कि योगी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में पुलिस बेलगाम हो गई है। अपना नंबर बढ़ाने के लिए पुलिस आम आदमी का एनकाउंटर कर रही है। विरोध करने वालों में विवेक तिवारी, अभिषेक यादव, नफीस अंसारी, जितेंद्र यादव, आकाश, आफताब आलम, राहुल यादव, अंकुर भट्ट, विनय यादव आदि थे।
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भय और भ्रष्टाचार की पर्याय बनी पुलिस: प्रहलाद
गोरखपुर। जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से लखनऊ में हुई घटना की निंदा करते हुए कहा कि यूपी पुलिस सुरक्षा नहीं भय और भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई है। पुलिस की नजर में आम आदमी और अपराधी में कोई अंतर नहीं रह गया है। फर्जी एनकाउंटर की लगातार हो रही घटनाएं सरकार की मंशा को दर्शाती हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को पांच करोड़ रुपये का मुआवजा व दोषी पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उधर कलेक्ट्रेट में हुई एक बैठक के दौरान सपा के पूर्व महानगर उपाध्यक्ष व अधिवक्ता व्यंकटेश्वर नाथ तिवारी और कीर्ति निधि पांडेय ने कहा कि लखनऊ की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश की पुलिस पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है। बैठक में कार्यकर्ताओं ने मृतक की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा। इस दौरान गंगेश्वर तिवारी, शिवलाल यादव, प्रखर यादव, शकील शाही, अश्वनी सिंह, राजेश यादव, अनिमेष पांडेय, अरविंद्र यादव, अख्तर सिद्दकी आदि मौजूद रहे।
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