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सहारा इंडिया के मैनेजर की संपतियों को सील करे प्रशासन
Updated Sun, 11 Jun 2017 10:03 PM IST
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गोरखपुर। नगर विधायक डा. राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि सहारा क्लब का संचालन मैनेजर सहारा इंडिया के हाथ में न होकर सहारा वेलफेयर सोसाइटी के हाथ में है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम से अध्यक्ष सहारा वेलफेयर सोसाइटी ने स्वतंत्र रूप से स्थायी कनेक्शन लिया है। उसका लगातार भुगतान किया जा रहा है। सहारा क्लब के बिजली भुगतान का कोई बिल बकाया नहीं है। इस कारण प्रशासन सहारा के मैनेजर की संपत्तियों को सील करें।
नगर विधायक ने यह बातें जारी बयान में कही। उन्हाेंने कहा कि सहारा इंडिया की अन्य बहुत सी संस्थाएं हैं। प्रशासन को यदि कुर्की करनी ही थी तो मैनेजर सहारा इंडिया की अन्य संस्थाओं की कुर्की करनी चाहिए, जबकि प्रशासन ने ऐसा न करके सहारा क्लब को सीज कर दिया। जिसके पास सोसाइटी का वैध कनेक्शन है। उन्होंने कहा कि सहारा क्लब के माध्यम से सहारा स्टेट के करीब एक हजार परिवार अपनी संपत्तियों के रख रखाव सहित कूड़ा निस्तारण , सुरक्षा , बिजली, सहित अन्य कार्य कराए जाते हैं। उसके वेतन का भुगतान सहारा सोसाइटी द्वारा किया जाता है। मैनेजर सहारा इंडिया की कोई भूमिका नहीं है। इसलिए प्रशासन मैनेजर सहारा इंडिया की संपत्तियों को कुर्क करे।
सहारा क्लब की कुर्की अवैधानिक
गोरखपुर। सहारा स्टेट वेलफेयर रेजीडेसिंयल सोसाइटी के मीडिया प्रभारी कृष्णमूर्ति राय ने कहा कि बिजली बकाए में प्रशासन द्वारा की गई सहारा क्लब की कुर्की अवैधानिक है। यह क्लब सहारा स्टेट मैनेजमेंट द्वारा सहारा स्टेट वेलफेयर सोसाइटी को कई साल पहले ही सुपुर्द कर दिया गया, जिसका विधिवत 25 किलोवाट का एक विद्युत कनेक्शन है। लगातार इसका भुगतान किया जाता है। अब तक सोसाइटी पर कोई बकाया नहीं है। प्रशासन की कार्रवाई से सहारा सोसाइटी के लोगों में गहरी नाराजगी है।
नगर विधायक ने यह बातें जारी बयान में कही। उन्हाेंने कहा कि सहारा इंडिया की अन्य बहुत सी संस्थाएं हैं। प्रशासन को यदि कुर्की करनी ही थी तो मैनेजर सहारा इंडिया की अन्य संस्थाओं की कुर्की करनी चाहिए, जबकि प्रशासन ने ऐसा न करके सहारा क्लब को सीज कर दिया। जिसके पास सोसाइटी का वैध कनेक्शन है। उन्होंने कहा कि सहारा क्लब के माध्यम से सहारा स्टेट के करीब एक हजार परिवार अपनी संपत्तियों के रख रखाव सहित कूड़ा निस्तारण , सुरक्षा , बिजली, सहित अन्य कार्य कराए जाते हैं। उसके वेतन का भुगतान सहारा सोसाइटी द्वारा किया जाता है। मैनेजर सहारा इंडिया की कोई भूमिका नहीं है। इसलिए प्रशासन मैनेजर सहारा इंडिया की संपत्तियों को कुर्क करे।
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सहारा क्लब की कुर्की अवैधानिक
गोरखपुर। सहारा स्टेट वेलफेयर रेजीडेसिंयल सोसाइटी के मीडिया प्रभारी कृष्णमूर्ति राय ने कहा कि बिजली बकाए में प्रशासन द्वारा की गई सहारा क्लब की कुर्की अवैधानिक है। यह क्लब सहारा स्टेट मैनेजमेंट द्वारा सहारा स्टेट वेलफेयर सोसाइटी को कई साल पहले ही सुपुर्द कर दिया गया, जिसका विधिवत 25 किलोवाट का एक विद्युत कनेक्शन है। लगातार इसका भुगतान किया जाता है। अब तक सोसाइटी पर कोई बकाया नहीं है। प्रशासन की कार्रवाई से सहारा सोसाइटी के लोगों में गहरी नाराजगी है।
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