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गंदगी पर बिफरे मंत्री, एसएनए और एसआई सस्पेंड

Thu, 18 Oct 2018 12:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Thu, 18 Oct 2018 12:57 AM IST
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गंदगी पर बिफरे मंत्री, एसएनए और एसआई सस्पेंड
मंत्री ने किया निरीक्षण - फोटो : amar ujala
गोरखपुर। निरीक्षण के दौरान शहर में कई स्थानों पर गंदगी देखकर बिफरे नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने संयुक्त नगर आयुक्त सुमित कुमार और सफाई निरीक्षक बिट्टू सिंह को निलंबित कर दिया। अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा को प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी और मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी अतुल कुमार को जिले से हटाने के लिए शासन को पत्र लिखने की बात कही। कहा कि ऐसे अफसर मुख्यमंत्री के शहर में तैनात रहने लायक नहीं हैं। इसके अलावा उन्होंने निरीक्षण वाले मार्गों पर तैनात 50 से अधिक अफसरों- कर्मचारियों का एक सप्ताह का वेतन काटने का निर्देश दिया।
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निरीक्षण करने के बाद सर्कि ट हाउस लौटकर उन्होंने कार्रवाई की घोषणा की। कहा कि खराब काम करने वाले बख्शें नहीं जाएंगे तो अच्छे काम करने वालों को पुरस्कृत व सम्मानित भी किया जाएगा। सफाई में सभी का सहयोग जरूरी है। विदेशों में बच्चे चॉकलेट या टॉफी खाते हैं तो नजदीक में डस्टबिन नहीं होने पर उसे अपनी जेब में रख लेते हैं। यह सभ्यता हमें अपने बच्चों में भी विकसित करनी होगी। कहा कि पिछली सरकार में हम हर क्षेत्र में नीचे गिर रहे थे मगर योगी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में हम ऊपर उठ रहे हैं। सरकार हर गरीब को बिजली, पानी, घर, शौचालय समेत सभी तरह की मूलभूत सुविधाएं दे रही है। वहीं निरीक्षण के दौरान बक्शीपुर से नखास होते हुए घंटाघर तक की निर्माणाधीन सड़क की गुणवत्ता खराब होने के संदेह पर उन्होंने डीएम से इसकी जांच कराने को कहा।
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मुझे प्रताड़ित किया जा रहा: सुमित

गोरखपुर। गंदगी पर नगर विकास मंत्री द्वारा निलंबित किए जाने के बाद संयुक्त नगर आयुक्त सुमित कुमार ने मंत्री एवं नगर आयुक्त पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया है क्योंकि वे एससी हैं। नगर आयुक्त ने जोन-1 का प्रभारी बनाया मगर एक वाहन तक मुहैया नहीं कराया, जबकि जूनियर अफसरों को गाड़ी दी गई। अतिक्रमण हटाने, मुख्यमंत्री संदर्भों के निस्तारण जैसी कई जिम्मेदारियों के बीच बिना वाहन के इतने बड़े क्षेत्र की निगरानी कैसे की जा सकती है। इस मामले की जानकारी नगर विकास मंत्री को पहले दी गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नगर विकास मंत्री ने उनके जोन का निरीक्षण भी नहीं किया मगर उन्हें निलंबित कर दिया गया। कहा कि वह इस मामले को कोर्ट में ले जाएंगे।
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एक सड़क में ही फंस गए कई

गोरखपुर। सुबह 6:40 बजे सर्किट हाउस पहुंचने के कुछ समय बाद ही नगर विकास मंत्री शहर के निरीक्षण पर निकल गए। उन्होंने घोषकंपनी-नखास-अलीनगर रोड का निरीक्षण किया जहां जगह-जगह गंदगी मिली । नालियों का पानी बाहर बह रहा था तो कॉलोनी वालों ने भी खूब शिकायत की। इसपर खफा मंत्री ने उस क्षेत्र के जोनल ऑफिसर यानी संयुक्त नगर आयुक्त और सफाई निरीक्षक को सस्पेंड कर दिया। कई का वेतन काट दिया। इसी तरह गाड़ी से रेलवे स्टेशन जाते वक्त हाईवे और स्टेशन रोड पर गंदगी देखकर वहां के जोनल ऑफिसर यानी अपर नगर आयुक्त को प्रतिकूल प्रविष्टि देने को कहा। इस कार्रवाई को लेकर दिनभर यह प्रतिक्रिया आम थी कि सिर्फ एक सड़क के ही गहन निरीक्षण में कई अफसर पर कार्रवाई हो गई। अगर मंत्री दूसरी सड़कों विशेषकर कुछ मोहल्ले में गए होते तब तो आधा नगर निगम ही खाली हो जाता।

15 से 30 नवंबर तक प्रदेश में होगा सफ ाई का सर्वे

मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सफ ाई को लेकर कराए जा रहे स्वच्छता सर्वे में प्रदेश की स्थिति में सुधार आया है। अगले वर्ष जनवरी से मार्च के बीच होने वाले सर्वे में प्रदेश के शहर और निकायों की बेहतर रैंकिंग हो इसके लिए अभी से प्रयास करना होगा। मंत्री ने कहा कि सफ ाई व्यवस्था की स्थिति का आंकलन करने के लिए प्रदेश सरकार 15 से 30 नवंबर के बीच स्वच्छ सर्वेक्षण का आयोजन करेगी। जिसमें प्रदेश स्तर की टीम निकायों की स्वच्छता जांचेगी।

विरोध, काम ठप करना कर्मचारियों का लोकतांत्रिक अधिकार

गोरखपुर। पत्रकार वार्ता के दौरान नगर निगम की बदली कार्य संस्कृति, रोजाना धरना- प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार से आम आदमी को हो रही दिक्कतों से जुड़े एक सवाल पर नगर विकास मंत्री ने कहा कि विरोध करना, धरना देना, कार्य बहिष्कार, कर्मचारियों का लोकतांत्रिक अधिकार है। हालांकि बाद में संभलते हुए उन्होंने नगर आयुक्त को इसमें सुधार करने का निर्देश दिया।

चेताया, 31 तक गड्ढामुक्त हो जाएं सड़कें

गोरखपुर। सर्किट हाउस में विभागीय समीक्षा के दौरान नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने चेताया कि हर हाल में 31 अक्तूबर तक शहर की सभी सड़कें गड्ढामुक्त हो जाएं । इसमें लापरवाही हुई तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। कहा कि सफ ाई व्यवस्था की निरंतर निगरानी रखी जाए। नगर निगम की आय बढ़ाने के संबंध में मंत्री ने कहा कि टैक्स कलेक्शन की दोहरी व्यवस्था अर्थात मैसेज तथा मकानों की नंबरिंग की जाए। उन्होंने हर वार्ड में स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति गठित करने के निर्देश दिए। गोशाला निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा। कान्हा उपवन निर्माण में धीमी प्रगति पर कार्यदायी संस्था को फ टकार लगाते हुए कहा कि धन होने के बाद भी काम में तेजी नहीं आना उदासीनता का प्रतीक है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए जल्द जमीन तलाश शुरू कर काम शुरू कराने का निर्देश दिया। बैठक में महापौर सीताराम जायसवाल, नगर विधायक डॉ राधामोहन दास अग्रवाल, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।


 
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