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कहीं प्रति घंटे 15 वोट पड़े, कहीं हुई बारिश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sun, 11 Mar 2018 11:36 PM IST
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मतदान करने पहुंची महिलाएं।
- फोटो : Amar Ujala
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कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र के कुछ बूथों पर जब प्रति घंटे 15 वोट पड़ रहे थे तब पीपीगंज के मॉडल बूथ बगहीबारी में वोट बरस रहे थे। दोनों दृश्यों का लब्बोलुआब यह था कि जहां जागे नहीं वहां कम मतदान हुआ और जहां लोग जागरूक रहे, वहां वोटों की बारिश हुई।
कैंपियरगंज के मूसावार स्थित पोलिंग स्टेशन पर सन्नाटे का आलम था। नागालैंड में चुनाव कराकर आए सीआरपीएफ के हवलदार वासुदेव राम और सिपाही आदित्य प्रताप सिंह ने शांतिपूर्ण मतदान होने की जानकारी दी। पोलिंग धीमी होने का सवाल उठा तो उन्हें नागालैंड का विधानसभा चुनाव याद आ गया। दोनों बोले, वहां लोग मताधिकार का इस्तेमाल करने को लेकर जागरूक हैं। पहाड़ पर लोग एयर टिकट बुक कराकर वोट देने आते हैं। ड्यूटी के दौरान ऐसे कई लोगों से मुलाकात हुई, लेकिन इधर ऐसी जागरूकता का अभाव है। लोग खाली होने के बाद भी घर से निकलने की जहमत नहीं उठाते।
लोकतंत्र में मिली सबसे बड़ी ताकत को न पहचान कर लोग बड़ी चूक कर जाते हैं। कुछ दूर स्थित बहबोलिया पहुंचने पर 11 बजे 60 वोट पोल हुए मिले। यहां 479 वोट थे। हर घंटे पोल हो रहे 15 वोट का औसत देखकर सीआरपीएफ जवानों की बातें याद आ गईं। मतदान की धीमी रफ्तार निहारते हुए पीपीगंज प्रतिनिधि के साथ बगहीबारी प्राथमिक विद्यालय में बने मॉडल पोलिंग स्टेशन पहुंचने में तीन बज गए। यहां ग्राम प्रधान शिब्बन, प्रधानाचार्य डॉ. गोविंद राय, राजस्व निरीक्षक माधवेंद्र प्रताप सिंह और लेखपाल धनंजय श्रीवास्तव लोगों को गांव में भेजकर वोटिंग की अपील कराने में जुटे थे।
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इसका नतीजा था कि तीन बजे यहां के दोनों बूथों पर पोलिंग परसेंटेज 50 फीसदी का आंकड़ा पार कर गया था। बूथ संख्या 213 पर 951 में से 429 और 214 पर 794 में से 385 वोट पोल हो चुके थे। यहां मतदाताओं के बैठने और पानी का भी प्रबंध था। स्वयंसेवियों की टोली लोगों को मतदान करने के लिए प्रेरित कर रही थी। शाम पांच बजे तक 213 नंबर बूथ पर 409 और 438 वोट पड़े। मतदान समाप्त होने पर पहले बूथ पर 53 और दूसरे पर 56.66 फीसदी मतदान हुआ। जिले में धीमी वोटिंग के बाद भी यहां ओवरआल 54.5 फीसदी वोट पड़े।
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कैंपियरगंज के मूसावार स्थित पोलिंग स्टेशन पर सन्नाटे का आलम था। नागालैंड में चुनाव कराकर आए सीआरपीएफ के हवलदार वासुदेव राम और सिपाही आदित्य प्रताप सिंह ने शांतिपूर्ण मतदान होने की जानकारी दी। पोलिंग धीमी होने का सवाल उठा तो उन्हें नागालैंड का विधानसभा चुनाव याद आ गया। दोनों बोले, वहां लोग मताधिकार का इस्तेमाल करने को लेकर जागरूक हैं। पहाड़ पर लोग एयर टिकट बुक कराकर वोट देने आते हैं। ड्यूटी के दौरान ऐसे कई लोगों से मुलाकात हुई, लेकिन इधर ऐसी जागरूकता का अभाव है। लोग खाली होने के बाद भी घर से निकलने की जहमत नहीं उठाते।
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लोकतंत्र में मिली सबसे बड़ी ताकत को न पहचान कर लोग बड़ी चूक कर जाते हैं। कुछ दूर स्थित बहबोलिया पहुंचने पर 11 बजे 60 वोट पोल हुए मिले। यहां 479 वोट थे। हर घंटे पोल हो रहे 15 वोट का औसत देखकर सीआरपीएफ जवानों की बातें याद आ गईं। मतदान की धीमी रफ्तार निहारते हुए पीपीगंज प्रतिनिधि के साथ बगहीबारी प्राथमिक विद्यालय में बने मॉडल पोलिंग स्टेशन पहुंचने में तीन बज गए। यहां ग्राम प्रधान शिब्बन, प्रधानाचार्य डॉ. गोविंद राय, राजस्व निरीक्षक माधवेंद्र प्रताप सिंह और लेखपाल धनंजय श्रीवास्तव लोगों को गांव में भेजकर वोटिंग की अपील कराने में जुटे थे।
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इसका नतीजा था कि तीन बजे यहां के दोनों बूथों पर पोलिंग परसेंटेज 50 फीसदी का आंकड़ा पार कर गया था। बूथ संख्या 213 पर 951 में से 429 और 214 पर 794 में से 385 वोट पोल हो चुके थे। यहां मतदाताओं के बैठने और पानी का भी प्रबंध था। स्वयंसेवियों की टोली लोगों को मतदान करने के लिए प्रेरित कर रही थी। शाम पांच बजे तक 213 नंबर बूथ पर 409 और 438 वोट पड़े। मतदान समाप्त होने पर पहले बूथ पर 53 और दूसरे पर 56.66 फीसदी मतदान हुआ। जिले में धीमी वोटिंग के बाद भी यहां ओवरआल 54.5 फीसदी वोट पड़े।