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अब घर बैठे ही कराएं एम्स में पंजीकरण
Wed, 27 Feb 2019 12:41 AM IST
ajay Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Published by: ajay Kumar
Updated Wed, 27 Feb 2019 12:41 AM IST
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एम्स
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गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पंजीकरण अब ऑनलाइन कराया जा सकेगा। इसकी व्यवस्था बुधवार से शुरू होगी। अब घर बैठे ही मरीज वेबसाइट aiimsgorakhpur.in की मदद से अपना पंजीकरण करा सकेंगे। एम्स प्रशासन के मुताबिक पंजीकरण फार्म भरकर सबमिट करेंगे तो एक बार कोड आएगा। मोबाइल से इसकी फोटो खींच लें या फिर बार कोड लिखें। इसके बाद एम्स आकर बार कोड बताएं और पंजीकरण का कार्ड प्राप्त कर लें। इसके लिए 20 रुपये जमा कराए जाएंगे।
एम्स गोरखपुर के 10 विभागों की ओपीडी शुरू हो गई है। दूसरे दिन मंगलवार को भी मरीजों का जबरदस्त दबाव रहा। 400 से ज्यादा मरीजों ने पंजीकरण कराए, फिर ओपीडी का पर्चा बनवाकर चिकित्सकों को दिखाया। सुबह आठ बजे से जो सिलसिला शुरू हुआ, वह दोपहर दो बजे तक चलता रहा। मरीजों की लंबी लाइन भी लगी। इसको देखते हुए ही एम्स प्रशासन ने पंजीकरण की ऑनलाइन व्यवस्था भी कर दी है। नई व्यवस्था से मरीजों की परेशानी कम होगी। पंजीकरण के लिए उन्हें घंटों लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। बार कोड दिखाते ही कार्ड बनाकर दे दिया जाएगा।
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एम्स गोरखपुर के 10 विभागों की ओपीडी शुरू हो गई है। दूसरे दिन मंगलवार को भी मरीजों का जबरदस्त दबाव रहा। 400 से ज्यादा मरीजों ने पंजीकरण कराए, फिर ओपीडी का पर्चा बनवाकर चिकित्सकों को दिखाया। सुबह आठ बजे से जो सिलसिला शुरू हुआ, वह दोपहर दो बजे तक चलता रहा। मरीजों की लंबी लाइन भी लगी। इसको देखते हुए ही एम्स प्रशासन ने पंजीकरण की ऑनलाइन व्यवस्था भी कर दी है। नई व्यवस्था से मरीजों की परेशानी कम होगी। पंजीकरण के लिए उन्हें घंटों लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। बार कोड दिखाते ही कार्ड बनाकर दे दिया जाएगा।
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मरीजों का रिकार्ड रहेगा सुरक्षित
ड्रग स्टोर और पैथालॉजी को भी विशेष सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया है। इलेक्ट्रिक मेडिकल रिकार्ड (ईएमआर) के जरिए मरीज का हर रिकार्ड सुरक्षित रखा जाएगा। पंजीकरण के समय इस्तेमाल मोबाइल नंबर को डालकर यह रिकार्ड किसी भी वक्त प्राप्त किया जा सकता है। इलेक्ट्रानिक हेल्थ रिकार्ड (ईएसआर) के जरिए मरीज और बीमारी की जानकारी सुरक्षित रखी जाएगी। यह एमबीबीएस के विद्यार्थियों की पढ़ाई के काम आएगी। चिकित्सक कौन सी दवा लिख रहे हैं और कौन सी पैथालॉजी जांच करा रहे हैं, इसपर भी एम्स प्रशासन की निगाह रहेगी।
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