फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   काश! नया गांव में उज्जवला का और कनेक्शन मिलता

काश! नया गांव में उज्जवला का और कनेक्शन मिलता

Thu, 05 Oct 2017 01:31 AM IST
Updated Thu, 05 Oct 2017 01:31 AM IST
विज्ञापन
काश! नया गांव में उज्जवला का और कनेक्शन मिलता

विज्ञापन
गोरखपुर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर में प्रधानमंत्री की उज्ज्वला योजना रफ्तार नहीं पकड़ सकी। शहरी क्षेत्रों में भी लकड़ी और चूल्हे की मदद से खाना पकाने का सिलसिला जारी है। इसी का खामियाजा बुधवार को राजेंद्र नगर वार्ड के नया गांव के कई परिवारों को भुगतना पड़ा। नाव से लकड़ी लेने जा रही महिला, बच्ची और युवतियां नदी में लापता हो गईं। इससे गांव वाले सदमे में हैं। महिलाओं का कहना है कि उज्ज्वला योजना का आवेदन फार्म भरा था लेकिन गैस कनेक्शन नहीं मिला। हमारी आंखों में धुआं चला जाता है। आंसुओं के बीच हम खाना पकाते हैं।
नया गांव नगर निगम के राजेंद्र नगर पश्चिमी के वार्ड नंबर 43 (अब वार्ड नंबर 10) का हिस्सा है। इस गांव की आबादी करीब 15 हजार है। ज्यादातर परिवार संपन्न हैं। कुछ आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करती है। यह आबादी अब भी मिट्टी के चूल्हे पर खाना पकाती है। चूल्हा लकड़ी से जलता है। लकड़ी लाने के लिए नया गांव के लोगों को रोज जान हथेली पर रखकर नदी पार करना पड़ता है। यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। बुधवार का रोहिन नदी में नाव पलटी तो शहरी क्षेत्रों में खराब सुविधा-संसाधनों पर बहस छिड़ गई। अमीर-गरीब के बीच की बढ़ती खाई पर चर्चा होने लगी। गांव पहुंचे लोगों से जब बातचीत शुरू की गई तो लोग बिफर पड़े। लापता निशा के पति मनोज और सास सोहराती देवी ने बिलखते हुए कहा कि सरकार ने उज्ज्वला योजना तो लांच कर दी लेकिन सबको लाभ नहीं मिल सका। आवेदन फार्म भी भरा था लेकिन कनेक्शन नहीं मिला। राशन कार्ड भी नहीं है। लापता बेबी के पिता और रुबीना के चाचा रामदेव का कहना है कि गैस कनेक्शन और राशन कार्ड नहीं हैं। लकड़ी बटोरकर ही खाना बनाना पड़ता है। लापता प्रीति की नानी जानकी ने कहा कि राशन कार्ड और गैस कनेक्शन के लिए लंबे समय से चक्कर लगा रहे हैं लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। लकड़ी बटोरने के चक्कर में ही प्रीति बिछड़ गई।
विज्ञापन


उज्ज्वला के एक लाख 32 हजार कनेक्शन
गोरखपुर में उज्ज्वला योजना के एक लाख 32 हजार गैस कनेक्शन दिए गए हैं। सत्यापन और कनेक्शन देने का सिलसिला अब भी जारी है। जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय के रिकार्ड के मुताबिक तीन लाख लोगों ने उज्ज्वला योजना के फार्म भरे थे। अभी एक लाख 68 हजार आवेदनकर्ताओं को कनेक्शन दिए जाने हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोगों की बात
उज्ज्वला योजना का आवेदन फार्म भरा था लेकिन कनेक्शन नहीं मिल सका। इसलिए लकड़ी जलाकर खाना पकाना पड़ता है। नाव पलटने और चार लोगों के लापता होने से डर गए हैं। अब लकड़ी का इंतजाम कैसे होगा, इसका डर सता रहा।
- उर्मिला देवी

भाग्य अच्छा था कि बुधवार को बेटी लकड़ी लेने नहीं गई। वह भी लापता महिला और लड़कियों के साथ रोज लकड़ी बटोरने जाती थी। देश, प्रदेश में सब कुछ बदल रहा है लेकिन नया गांव में हालात जस के तस हैं। दिक्कतें बरकरार हैं।
सुंदरी

बाढ़ से गांव घिरा था। अब पानी उतरा तो संकट और गहरा गया। खाना पकाने के लिए सूखी लकड़ी नहीं मिल पा रही है। इस कारण नदी पार जाना और लकड़ी बटोरकर लाना पड़ता है। यह समस्या ज्यादातर घरों के साथ जुड़ी है।

- अंजनी

नाविक की मनमानी से हादसा हुआ है। वह जानता था कि नाव में छेद है। प्रवाह के बीच पानी नाव में भर सकता है। यही हुआ भी। नाविक के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लकड़ी बटोरने की समस्या बहुत पुरानी है। इसे निजात दिलाने के सार्थक प्रयास नहीं हो सके।
- कुसलावती
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed