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जयंती पर शिद्दत से याद किए गए रघुपति सहाय ‘फिराक’
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 29 Aug 2018 01:15 AM IST
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फिराक गोरखपुरी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। रघुपति सहाय ‘फिराक गोरखपुरी’ को मंगलवार को उनकी जयंती पर शहर ने शिद्दत से याद किया। विभिन्न संगठनों की ओर से फिराक चौक पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करके नमन किया गया। गोष्ठी समेत कई अन्य कार्यक्रमों का आयोजन भी हुआ।
प्रगतिशील लेखक संघ के बैनर तले विभिन्न लेखक संघों और इप्टा ने प्रेमचंद पार्क में ‘आज का कबीर : फिराक’ गोष्ठी का आयोजन किया। रवींद्र श्रीवास्तव ‘जुगानी’ ने फिराक के जीवन, उनकी रचनाधर्मिता पर प्रकाश डाला। कहा कि फिराक गोरखपुरी आधुनिक साहित्य के कबीर थे। उनकी कविताओं में लोकधर्मिता, यथार्थवादिता और प्रगतिशीलता कूट-कूटकर भरी है। अध्यक्षता डॉ. आद्या प्रसाद द्विवेदी ने की। संचालन खुर्शीद आलम कुरैशी ने किया। प्रलेस के अध्यख आसिम रऊफ, कामिल खां, रवि राय, आरडीएन श्रीवास्तव, वादिनी यादव, भीमसेन, वीरेंद्र हमदम, आसिफ सईद, धर्मेेंद्र त्रिपाठी, वेद प्रकाश आदि मौजूद रहे।
श्री चित्रगुप्त मंदिर सभा की ओर से अध्यक्ष अनूप कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में मंगलवार सुबह फिराक चौक पर उनकी प्रतिमा की सफाई करके नमन किया गया। शाम को चित्रगुप्त मंदिर सभागार में कवि सम्मेलन का आयोजन करके फिराक को काव्यमय श्रद्धांजलि दी गई। कवि अंकित मिश्र ‘राष्ट्रवादी’ के नेतृत्व में बेतियाहाता में गोष्ठी का आयोजन किया गया। अंकित मिश्र ने कहा कि फिराक गोरखपुर ही नहीं बल्कि अदब की दुनिया में देश की शान हैं। संचालन अधिवक्ता संजय पांडेय ने यिका। अभिषेक मिश्र, गौरव शुक्ल, जितेंद्र, आशीष, हर्ष, संतोष आदि मौजूद रहे।
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प्रगतिशील लेखक संघ के बैनर तले विभिन्न लेखक संघों और इप्टा ने प्रेमचंद पार्क में ‘आज का कबीर : फिराक’ गोष्ठी का आयोजन किया। रवींद्र श्रीवास्तव ‘जुगानी’ ने फिराक के जीवन, उनकी रचनाधर्मिता पर प्रकाश डाला। कहा कि फिराक गोरखपुरी आधुनिक साहित्य के कबीर थे। उनकी कविताओं में लोकधर्मिता, यथार्थवादिता और प्रगतिशीलता कूट-कूटकर भरी है। अध्यक्षता डॉ. आद्या प्रसाद द्विवेदी ने की। संचालन खुर्शीद आलम कुरैशी ने किया। प्रलेस के अध्यख आसिम रऊफ, कामिल खां, रवि राय, आरडीएन श्रीवास्तव, वादिनी यादव, भीमसेन, वीरेंद्र हमदम, आसिफ सईद, धर्मेेंद्र त्रिपाठी, वेद प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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श्री चित्रगुप्त मंदिर सभा की ओर से अध्यक्ष अनूप कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में मंगलवार सुबह फिराक चौक पर उनकी प्रतिमा की सफाई करके नमन किया गया। शाम को चित्रगुप्त मंदिर सभागार में कवि सम्मेलन का आयोजन करके फिराक को काव्यमय श्रद्धांजलि दी गई। कवि अंकित मिश्र ‘राष्ट्रवादी’ के नेतृत्व में बेतियाहाता में गोष्ठी का आयोजन किया गया। अंकित मिश्र ने कहा कि फिराक गोरखपुर ही नहीं बल्कि अदब की दुनिया में देश की शान हैं। संचालन अधिवक्ता संजय पांडेय ने यिका। अभिषेक मिश्र, गौरव शुक्ल, जितेंद्र, आशीष, हर्ष, संतोष आदि मौजूद रहे।
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